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भारत की जलवायु

भारत की जलवायु, मानसून के आने-जाने का समय और विभिन्न ऋतुओं की विशेषताओं को समझें। सभी जलवायु प्रदेशों की विस्तृत जानकारी पाएं।

भारत की जलवायु
1. INCOIS का पूरा नाम है : नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें : Jamadar Grade II 2025
  • A. (A) इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंफॉरमेशन सर्विसेज़
  • B. (B) इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंटर सर्विसेज़
  • C. (C) इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंफॉरमेशन सेक्टर
  • D. (D) इंटरनेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंफॉरमेशन सर्विसेज़
  • E. (E) अनुत्तरित प्रश्न
Answer: INCOIS का पूर्ण रूप 'इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंफॉरमेशन सर्विसेज़' (Indian National Centre for Ocean Information Services) है, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है और महासागर सूचना व सलाह सेवाएं प्रदान करता है।
2. भारत की जलवायु की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता कौन - सी है ?
  • A.हवाओं का मौसमी परिवर्तन
  • B.वर्ष भर लगातार वर्षा
  • C.पवनों की दिशा में परिवर्तन
  • D.ग्रीष्म एवं शीतकालीन पवनों का प्रभावी होना
Answer: भारत की मानसूनी जलवायु की सबसे खास बात यह है कि मौसम के अनुसार पवनों (हवाओं) की दिशा पूरी तरह से उलट जाती है। गर्मियों में हवाएं समुद्र से ज़मीन की ओर (दक्षिण-पश्चिम मानसून) और सर्दियों में ज़मीन से समुद्र की ओर (उत्तर-पूर्व मानसून) चलती हैं। यही 'पवनों की दिशा में परिवर्तन' सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
3. भारतीय मानसून का वर्णन सबसे पहले किस अरब विद्वान् द्वारा किया गया ?
  • A.अलबरूनी
  • B.अल मसूदी
  • C.अल अहमदी
  • D.इब्न खुरदाद बेह
Answer: अरब विद्वान अल मसूदी ने 10वीं शताब्दी में भारत की यात्रा की और सबसे पहले मानसूनी हवाओं के मौसमी उलटफेर का विस्तृत वर्णन किया था, जिससे दुनिया को इस अनूठी जलवायु प्रणाली के बारे में पता चला।
4. निम्नलिखित में से कौन भारतीय मानसून को प्रभावित नहीं करता है ?
  • A.एलनिनो
  • B.जेटस्ट्रीम
  • C.तिब्बत का पठार
  • D.गल्फस्ट्रीम
Answer: गल्फस्ट्रीम अटलांटिक महासागर की एक गर्म समुद्री धारा है, जिसका भारतीय मानसून पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। एलनिनो, जेटस्ट्रीम और तिब्बत के पठार का गर्म होना, ये सभी भारतीय मानसून को सीधे तौर पर और महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।
5. अमृतसर की अपेक्षा निम्न आक्षांश पर स्थित होने के बावजूद शिमला अधिक ठंडा है, क्यूंकि -
  • A.शिमला में अत्यधिक हिमपात होता है
  • B.शिमला में वायुदाब अधिक है
  • C.यह उच्च तुंगता पर है
  • D.शिमला में अत्यधिक वर्षा होती है
Answer: शिमला अमृतसर की तुलना में बहुत अधिक ऊंचाई (High Altitude/उच्च तुंगता) पर स्थित है। सामान्य तौर पर, ऊंचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान घटता जाता है (Normal Lapse Rate), यही कारण है कि शिमला अधिक ठंडा रहता है।
6. निम्नलिखित में से किस राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून से वर्षा नहीं होती है ?
  • A.राजस्थान
  • B.तमिलनाडु
  • C.कर्नाटक
  • D.पंजाब
Answer: तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र पश्चिमी घाट के वृष्टि-छाया क्षेत्र (Rain-shadow region) में पड़ता है। इस कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा से यहाँ बहुत कम या नहीं के बराबर वर्षा होती है। यहां मुख्य वर्षा लौटते हुए मानसून (उत्तर-पूर्वी मानसून) से होती है।
7. तमिलनाडु में शरदकालीन वर्षा अधिकांशत: जिन कारणों से होती है, वह है -
  • A.पश्चिम विक्षोभ
  • B.दक्षिणी-पश्चिमी मानसून
  • C.उत्तर-पूर्वी मानसून
  • D.दक्षिणी-पूर्वी मानसून
Answer: तमिलनाडु में मुख्य रूप से सर्दियों (शरदकाल) में वर्षा होती है, जो लौटते हुए मानसून या उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण होती है। ये हवाएं बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर कोरोमंडल तट पर वर्षा करती हैं।
8. दक्षिण-पश्चिम मानसून निम्नलिखित में से किस प्रदेश में सर्वप्रथम प्रवेश करता है ?
  • A.तमिलनाडु
  • B.महाराष्ट्र
  • C.गोवा
  • D.केरल
Answer: दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में सबसे पहले लगभग 1 जून को केरल के मालाबार तट पर पहुंचता है। इसे 'मानसून का प्रस्फोट' (Monsoon Burst) भी कहते हैं।
9. देश के किस भाग में मानसून के अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी दोनों ही शाखाओं से वर्षा होती है ?
  • A.मध्य प्रदेश
  • B.बिहार
  • C.पंजाब
  • D.ओड़िशा
Answer: पंजाब और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी की शाखा, दोनों आकर मिलती हैं, जिससे यहाँ दोनों शाखाओं से वर्षा होती है।
10. असम, पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा राज्यों में मानसून पूर्व आने वाली तड़ित झंझाएं निम्न में से किस नाम से जानी जाती है ?
  • A.नारवेस्टर्स
  • B.नारईस्टर्स
  • C.ईस्टवेस्टर्स
  • D.साउथईस्टर्स
Answer: मानसून से पहले पूर्वी भारत (असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा) में आने वाली गरज-चमक के साथ तूफानी वर्षा को 'नारवेस्टर्स' कहा जाता है। इन्हें पश्चिम बंगाल में 'काल बैसाखी' भी कहते हैं।