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भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू

भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना और विशेषताओं को समझें। मिश्रित अर्थव्यवस्था, विकासशील प्रकृति और कृषि की प्रधानता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को जानें।

भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू
1. कथन (a): भारत में नगरीय गरीबी की जड़ें ग्रामीण क्षेत्रों में निहित है कारण (R): ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर नीचा है नीचे दिए गये कूट से सही उत्तर चुनिए-
  • A. A और R दोनों सही हिया तथा R,A की सही व्याख्या करता है
  • B. A और R दोनों सही परन्तु R,A की सही ब्याख्या नही करता है
  • C. A सही है परन्तु R गलत है
  • D. A गलत है परन्तु R सही है
Answer: शहरी गरीबी का मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर नीचा है, यह शहरी गरीबी का सीधा और एकमात्र कारण नहीं है। अन्य कारण जैसे बेरोजगारी और अवसरों की कमी अधिक महत्वपूर्ण हैं।
2. भारत की श्रमशक्ति का लगभग कितना भाग कृषि में लगा हुआ है ?
  • A.48 प्रतिशत
  • B.50 प्रतिशत
  • C.54 प्रतिशत
  • D.64 प्रतिशत
Answer: भारत एक कृषि प्रधान देश है, और आज भी देश की आधी से ज़्यादा श्रमशक्ति अपनी आजीविका के लिए कृषि और संबंधित क्षेत्रों पर निर्भर है। यह आंकड़ा आर्थिक सर्वेक्षणों पर आधारित है।
3. मानव विकास सूचकांक (HDI) का आधार क्या है ?
  • A.स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जीवन स्तर
  • B.स्वस्थ्य, शिक्षा, रोजगार
  • C.स्वास्थ्य, शिक्षा जीवन स्तर
  • D.शिक्षा, रोजगार,जीवन स्तर
Answer: मानव विकास सूचकांक (HDI) तीन मुख्य आयामों पर आधारित है: स्वास्थ्य (जीवन प्रत्याशा), शिक्षा (स्कूली शिक्षा के वर्ष), और जीवन स्तर (प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय)।
4. भारतीय अर्थवयवस्था का कौन -सा क्षेत्र सफल राष्ट्रीय उत्पाद में सबसे अधिक योगदान है?
  • A.प्राथमिक क्षेत्र
  • B.द्वितिक क्षेत्र
  • C.तृतीयक क्षेत्र
  • D.सार्वजनिक क्षेत्र
Answer: तृतीयक क्षेत्र, जिसे 'सेवा क्षेत्र' भी कहा जाता है, में बैंकिंग, बीमा, परिवहन और संचार जैसी सेवाएं शामिल हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GDP) में इसका योगदान सबसे अधिक है।
5. कृषि में मूलतः किस प्रकार की बेरोजगारी की प्रधानता देखी जाती है ?
  • A.सरंचनात्मक बेरोजगारी
  • B.खुली बेरोजगारी
  • C.अदृश्य बेरोजगारी
  • D.घर्षणात्मक बेरोजगारी
Answer: अदृश्य बेरोजगारी (प्रच्छन्न बेरोजगारी) वह स्थिति है जहाँ किसी काम में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं। यदि कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए, तो उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह भारतीय कृषि में आम है।
6. बंद अर्थवयवस्था (Closed economy) वह अर्थवयवस्था है जिसमे -
  • A.मुद्रास्फीति पूर्णतया नियंत्रित होती है
  • B.घाटे की वित्त वयवस्था होती है
  • C.केवल निर्यात होता है
  • D.न तो निर्यात होता है , न आयत होता है
Answer: एक बंद अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर होती है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में हिस्सा नहीं लेती। इसका मतलब है कि यह देश किसी अन्य देश के साथ वस्तुओं या सेवाओं का आयात या निर्यात नहीं करता है।
7. यह सत्य होगा की भारत को परिभाषित किया जाए
  • A.एक खाद्य की कमी वाली अर्थवयवस्था के रूप में
  • B.एक श्रम अधिक्य वाली अर्थवयवस्था के रूप में
  • C.एक व्यापार अधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
  • D.एक पूंजी अधिक्य वाली अर्थवयवस्था के रूप में
Answer: भारत में एक विशाल और युवा जनसंख्या है, जिसके कारण यहाँ श्रमिकों की संख्या उपलब्ध नौकरियों से अधिक है। इसलिए, भारतीय अर्थव्यवस्था को 'श्रम आधिक्य' वाली अर्थव्यवस्था कहा जाता है।
8. हरित सूचकांक' किसके द्वारा विकसित किया गया था ?
  • A.विश्व बैंक का पर्यावरणीय एवं सामाजिक सुस्थिर विकास विभाग
  • B.सयुंक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  • C.सयुंक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
  • D.क्योटो प्रोटोकॉल
Answer: हरित सूचकांक (Green Index) को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा विकसित किया गया था। इसका उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को भी मापना है।
9. निम्न में से कौन सा एक असमानता घटाने का उपाय नहीं है ?
  • A.न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम
  • B.अर्थवयवस्था का उदारीकरण
  • C.करारोपण
  • D.भूमि सुधार
Answer: अर्थव्यवस्था का उदारीकरण आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन यह अक्सर आय की असमानता को बढ़ाता है क्योंकि इसका लाभ सभी को समान रूप से नहीं मिलता। अन्य विकल्प सीधे तौर पर असमानता कम करने के उपाय हैं।
10. राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी का अनुमान लगाने की लिए नीति आयोग किसके सूत्र का प्रयोग करता है ?
  • A.डाडेकर एवं रथ
  • B.बी० एस मिन्हास
  • C.डी० टी० लाकड़ावाला
  • D.पि० के० वर्धन
Answer: डी. टी. लाकड़ावाला समिति की सिफारिशों के आधार पर बने सूत्र का उपयोग भारत में लंबे समय तक गरीबी रेखा का अनुमान लगाने के लिए किया जाता रहा है।