राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
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161. अहीरवाटी और मेवाती बोलियां किस क्षेत्र में बोली जाती है -
Answer: मेवाती और उसकी उपबोली अहीरवाटी, दोनों ही राजस्थान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, विशेषकर अलवर, भरतपुर और आसपास के इलाकों में बोली जाती हैं।
162. निम्नलिखित में से कौन-सी अपभ्रंश भाषा को राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति का आधार नहीं माना जाता है -
Answer: शौरसेनी, नागर और मरूगुर्जरी अपभ्रंशों को राजस्थानी की उत्पत्ति का स्रोत माना जाता है, जबकि पालि एक प्राचीन प्राकृत भाषा है, अपभ्रंश नहीं।
163. ‘ढ़टकी’, ‘थाली’ एवं ‘खैराड़ी’ उपबोलियां राजस्थान की किस बोली से सम्बन्धित हैं -
Answer: ये तीनों ही (ढटकी, थली, खैराड़ी) मारवाड़ी की उपबोलियाँ हैं जो पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग भागों में प्रचलित हैं।
164. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए : बोली जिला(A) बागड़ी (i) हनुमानगढ़(B) जगरौती (ii) उदयपुर(C) धावड़ी (iii) करौली(D) गौड़वाड़ी (iv) सिरोहीकूट: (A) (B) (C) (D)
Answer: सही सुमेलन इस प्रकार है: बागड़ी - हनुमानगढ़, जगरौती - करौली, धावड़ी - उदयपुर, गौड़वाड़ी - सिरोही।
165. राजस्थान की निम्नलिखित बोली में से कौनसी उसकी उपबोली से सुमेलित है
Answer: नागरचोल ढूंढाड़ी की एक उपबोली है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि राठी अहीरवाटी का नाम है, राजावाटी ढूंढाड़ी की और खेराड़ी एक मिश्रित बोली है।
166. किस भाषा को 'दक्षिण राजस्थानी' कहा जाता है -
Answer: निमाड़ी, जो मालवी की उपबोली है, को इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण 'दक्षिणी राजस्थानी' भी कहा जाता है।
167. राजस्थान के चूरू क्षेत्र में कोन-सी बोली बोली जाती है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: चूरू जिला शेखावाटी क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए यहाँ की प्रमुख बोली शेखावाटी है।
168. मारवाड़ी बोली के साहित्यिक रूप को क्या कहा जाता है ?
Answer: मारवाड़ी या पश्चिमी राजस्थानी के साहित्यिक रूप को डिंगल कहा जाता है, जो अपनी वीर रसात्मक रचनाओं के लिए प्रसिद्ध है।
169. निम्नलिखित में से कौन सी बोली खेराड़ी बोली में शामिल नहीं है -
Answer: खेराड़ी बोली को मेवाड़ी, ढूंढाड़ी और हाड़ौती का मिश्रण माना जाता है। राठी (अहीरवाटी) इसमें शामिल नहीं है।
170. राजस्थान के निम्न में से किस जिले में मेवाती भाषा बोली जाती है-
Answer: मेवाती भाषा का मुख्य क्षेत्र मेवात है, जिसमें अलवर जिला प्रमुख रूप से आता है।
171. पुर्वी राजस्थानी का साहित्यक रूप है -
Answer: पूर्वी राजस्थानी (जैसे ढूंढाड़ी) का साहित्यिक रूप पिंगल कहलाता है, जिस पर ब्रजभाषा का गहरा प्रभाव है और यह मधुर काव्य के लिए प्रसिद्ध है।
172. सूची I और सूची II को सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - बोली क्षेत्रअ. तोरवटी 1. सीकर-झुंझुनूब. निमाडी 2. दक्षिण राजस्थानस. अहिरवाटी 3. अलवर और कोटपुतलीद. खेराड़ी 4. भीलवाड़ा, बूंदी, टोंककूट - अ, ब, स, द
Answer: सीधा सुमेलन है: तोरावाटी - सीकर-झुंझुनू (1), निमाड़ी - दक्षिण राजस्थान (2), अहीरवाटी - अलवर और कोटपूतली (3), खेराड़ी - भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक (4)।
173. अहीरवाटी बोली मुख्य रूप से राजस्थान के ____ जिले में बोली जाती है -
Answer: अहीरवाटी बोली का मुख्य क्षेत्र अलवर जिले की बहरोड़ और मुंडावर तहसीलें हैं।
174. राजस्थानी भासा री बोली नीं है -
Answer: बांगरू (हरियाणवी) हरियाणा में बोली जाने वाली एक बोली है, यह राजस्थानी भाषा का हिस्सा नहीं है।
175. अहीरवाटी और मेवाती बोलियां निम्न में से किस वर्गीकरण में आती है -
Answer: ग्रियर्सन के वर्गीकरण के अनुसार, मेवाती और अहीरवाटी को उनकी भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तरी-पूर्वी राजस्थानी समूह में रखा गया है।
176. धाती, मारवाड़ी की एक उप-बोली, राजस्थान के किस क्षेत्र में बोली जाती है -
Answer: धाती या ढटकी, मारवाड़ी की एक उप-बोली है जो मुख्य रूप से बाड़मेर और जैसलमेर के पश्चिमी भागों में बोली जाती है।
177. डूंगरपुर - बाँसवाड़ा क्षेत्र में बोली जाने वाली बोली ______ कहलाती है -
Answer: डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र को वागड़ कहा जाता है और यहाँ की प्रमुख बोली वागड़ी है।
178. ढूंढाड़ी बोली के प्रचलित विविध रूपों में निम्न में से कौन सा सही नहीं है -
Answer: तोरावाटी, नागरचोल और चौरासी ढूंढाड़ी की उप-बोलियाँ हैं, जबकि खेराड़ी एक अलग मिश्रित बोली है।
179. दादूपंथ का अधिकांश साहित्य किस बोली में लिपिबद्ध है -
Answer: दादूपंथ का प्रमुख केंद्र ढूंढाड़ क्षेत्र में होने के कारण, इसका अधिकांश साहित्य ढूंढाड़ी बोली में लिखा गया है।
180. पूर्वी राजस्थान के मध्य पूर्व भाग की प्रथम बोली है -
Answer: ढूंढाड़ी बोली जयपुर और उसके आसपास के क्षेत्र में बोली जाती है, जो पूर्वी राजस्थान के मध्य-पूर्व भाग की प्रमुख बोली है।