प्रमुख धार्मिक आंदोलन: बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म
TOPICS ▾
गुप्त साम्राज्य (भारत का स्वर्ण युग)
गुप्तोत्तर काल एवं वर्धन वंश
प्रमुख धार्मिक आंदोलन: बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म
प्राचीन भारत: विविध तथ्य (कला, विज्ञान और समाज)
महाजनपद काल
मौर्य साम्राज्य (मौर्य काल)
मौर्योत्तर काल (शुंग, कुषाण, सातवाहन)
वैदिक काल एवं संस्कृति
संगम काल (दक्षिण भारत का इतिहास)
सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता)
SORT BY ▾
81. जैन तीर्थकर पाश्र्वनाथ द्वारा प्रतिपादित चार महाव्रतों में महावीर स्वामी ने पाँचवें महाव्रत के रूप में क्या जोड़ा?
Answer: पार्श्वनाथ ने चार महाव्रत दिए थे: सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), और अपरिग्रह (संग्रह न करना)। महावीर ने इसमें ब्रह्मचर्य (पवित्रता) को पाँचवें महाव्रत के रूप में जोड़ा।
82. कौन-सी बौद्ध रचना गीता के समान पवित्र मानी जाती है?
Answer: 'धम्मपद' सुत्त पिटक का एक हिस्सा है और इसमें बुद्ध की नैतिक शिक्षाओं का संग्रह है। इसे बौद्ध धर्म में गीता के समान ही पवित्र माना जाता है।
83. 'अणुव्रत' शब्द किस धर्म से जुड़ा है?
Answer: जैन धर्म में गृहस्थों (श्रावकों) के लिए पाँच महाव्रतों का सरल रूप 'अणुव्रत' कहलाता है। भिक्षुओं के लिए ये नियम कठोर होते हैं और 'महाव्रत' कहलाते हैं।
84. अनेकांतवाद निम्नलिखित में से किसका क्रोड़ (केंद्रीय) सिद्धांत एवं दर्शन है?
Answer: अनेकांतवाद (या स्यादवाद) जैन धर्म का केंद्रीय दर्शन है। इसके अनुसार, सत्य के अनेक पहलू होते हैं और किसी एक दृष्टिकोण से उसे पूरी तरह नहीं समझा जा सकता।
85. आष्टांगिक मार्ग की संकल्पना, अंग है
Answer: आष्टांगिक मार्ग (दुःख निरोध का मार्ग) का उपदेश बुद्ध ने अपने पहले उपदेश, यानी 'धर्मचक्रप्रवर्तन सुत्त' में दिया था।
86. बौद्ध धर्म को भारत में अंतिम राजकीय संरक्षण किस वंश के शासकों ने दिया?
Answer: बंगाल के पाल शासक बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे। उन्होंने विक्रमशिला और सोमपुरा जैसे प्रसिद्ध विहारों का निर्माण करवाया।
87. निम्नलिखित में से बुद्ध के जीवन काल में ही संघ प्रमुख होना चाहता था।
Answer: देवदत्त बुद्ध का चचेरा भाई था। उसने ईर्ष्या के कारण बुद्ध के जीवनकाल में ही संघ का प्रमुख बनने की कोशिश की और संघ में फूट डालने का प्रयास भी किया।
88. बुद्ध ने अपने जीवन की अंतिम वर्ष ऋतू कहाँ बिताई थी ?
Answer: बुद्ध ने अपने जीवन की अंतिम वर्षा ऋतु वैशाली में बिताई थी। इसके बाद वे पावा गए और अंत में कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ।
89. दिलवाड़ा के जैन मंदिरों का निर्माण किसने करवाया था?
Answer: माउंट आबू स्थित दिलवाड़ा के प्रसिद्ध जैन मंदिरों का निर्माण गुजरात के चौलुक्य (सोलंकी) शासकों के मंत्रियों, विमल शाह और वस्तुपाल-तेजपाल ने करवाया था।
90. 'परिशिष्ट पर्व', जो कि जैन धर्म से संबधित रचना है, के रचयिता हैं
Answer: 'परिशिष्ट पर्व' की रचना 12वीं सदी के महान जैन विद्वान आचार्य हेमचंद्र ने की थी। इसमें प्रारंभिक जैन आचार्यों की जीवनियाँ हैं।