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भारत का संवैधानिक इतिहास

भारत के संवैधानिक विकास के इतिहास को जानें। रेगुलेटिंग एक्ट 1773 से लेकर 1947 तक के सभी महत्वपूर्ण अधिनियमों और उनकी विशेषताओं को समझें।

 

भारत का संवैधानिक इतिहास
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अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र / पिछड़े वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान आपात उपबन्ध आयोग व परिषदें उच्च न्यायालय उपराष्ट्रपति केंद्र-राज्य संबंध जम्मू-कश्मीर के संबंध में विशेष प्रावधान​ दल-बदल विरोधी कानून नागरिकता निर्वाचन आयोग पंचायती राज व्यवस्था पदाधिकारियों का अनुक्रम प्रधानमंत्री प्रमुख पदाधिकारीगण/उप-प्रधानमंत्री प्रमुख पदाधिकारीगण/नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक प्रमुख पदाधिकारीगण/महान्यायवादी प्रमुख पदाधिकारीगण/लोकसभा अध्यक्ष भारत का संवैधानिक इतिहास भारतीय राजनीति में दबाव समूह भारतीय संसद मुख्यमंत्री मूल अधिकार मूल कर्तव्य राजनीतिक दल राजभाषा राज्य के नीति निर्देशक तत्व राज्य सभा राज्यपाल राष्ट्रपति लोकसभा विधान परिषद विधानसभा संघ और उसके राज्य क्षेत्र संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन संघीय मंत्रिपरिषद संविधान की अनुसूचियां संविधान की प्रस्तावना संविधान की विशेषताएं संविधान के अनुच्छेद संविधान के भाग संविधान के स्त्रोत संविधान संशोधन संविधान सभा संसदीय समितियां सर्वोच्च न्यायालय
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1. राज्य के लिए महाधिवक्ता की नियुक्ति कौन करता है - Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
  • B.राज्यपाल
  • D.स्पीकर
  • A.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
  • C.विपक्ष के नेता
Answer: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार, राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है। महाधिवक्ता राज्य का सर्वोच्च कानून अधिकारी होता है। इस पद पर नियुक्त होने के लिए वही योग्यताएँ होनी चाहिए जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए आवश्यक होती हैं। वह राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the Governor) अपना पद धारण करता है।
2. रेगुलेटिंग एक्ट पारित किया गया -
  • A.1773 ई. में
  • B.1771 ई. में
  • C.1785 ई. में
  • D.1793 ई. में
Answer: रेगुलेटिंग एक्ट 1773 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियंत्रित और नियमित करना था, क्योंकि कंपनी वित्तीय संकट में थी और उसके अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त थे।
3. 1946 का कैबिनेट मिशन तीन मंत्रियों में गठित था | निम्नलिखित में से कौन इसका सदस्य नहीं था ?
  • A.लॉर्ड पैथिक लारेंस
  • B.ए. वी. अलेक्जेंडर
  • C.सर स्टैफर्ड क्रिप्स
  • D.लॉर्ड एमरी
Answer: 1946 के कैबिनेट मिशन में तीन सदस्य थे: लॉर्ड पैथिक-लॉरेंस (भारत के सचिव), सर स्टैफर्ड क्रिप्स (व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष), और ए. वी. अलेक्जेंडर (एडमिरल्टी के पहले लॉर्ड)। लॉर्ड एमरी इस मिशन का हिस्सा नहीं थे।
4. मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार में प्रावधानों का सार था -
  • A.राज्यों की स्वायत्तता
  • B.प्रान्तों में दोहरा शासन
  • C.हिन्दू मुस्लिम हेतु अलग-अलग निर्वाचन व्यवस्था
  • D.राज्यपालों को वीटो शक्ति
Answer: मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919) का मुख्य प्रावधान प्रांतों में 'दोहरा शासन' (Dyarchy) लागू करना था। इसके तहत प्रांतीय विषयों को 'आरक्षित' और 'हस्तांतरित' में बांटा गया था। आरक्षित विषय गवर्नर के पास थे और हस्तांतरित विषय भारतीय मंत्रियों को दिए गए थे।
5. मार्ले-मिन्टो सुधार बिल किस वर्ष में पारित किया गया ?
  • A.1905 में
  • B.1909 में
  • C.1911 में
  • D.1920 में
Answer: मार्ले-मिन्टो सुधार बिल, जिसे 'भारतीय परिषद अधिनियम 1909' भी कहा जाता है, 1909 में पारित किया गया था। इसका सबसे विवादास्पद प्रावधान मुसलमानों के लिए एक अलग निर्वाचक मंडल बनाना था।
6. कैबिनेट मिशन योजना के विषय में कौन - सा सही नहीं है ?
  • A.प्रांतीय समूहीकरण (Provincial Grouping)
  • B.भारतीय सदस्यों वाला अंतरिम मंत्रिमंडल
  • C.पाकिस्तान की स्वीकृति
  • D.संविधान निर्माण का अधिकार
Answer: कैबिनेट मिशन योजना ने एक अलग पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार कर दिया था। मिशन ने एक कमजोर केंद्र के साथ एक संघीय भारत का प्रस्ताव रखा था, जिसमें प्रांतों को तीन समूहों में बांटा गया था।
7. साम्राज्ञी विक्टोरिया ने 1858 की घोषणा में भारतीयों को बहुत - सी चीजें दिए जाने का आश्वासन दिया था | निम्न आश्वासनों में से कौन - सा ब्रिटिश शासन ने पूरा किया था ?
  • A.रियासतों को हड़पने की नीति समाप्त कर दी जाएगी
  • B.देशी रजवाड़ों की यथा स्थिति बनाए रखी जाएगी
  • C.भारतीय व यूरोपियन सभी प्रजा को समान व्यवहार मिलेगा
  • D.भारतीयों के सामाजिक व धार्मिक विश्वासों में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा
Answer: 1858 की घोषणा के बाद, ब्रिटिश सरकार ने 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) जैसी हड़प नीतियों को समाप्त कर दिया और देशी रियासतों को उनके शासकों के अधीन बनाए रखने का आश्वासन दिया, बशर्ते वे ब्रिटिश क्राउन के प्रति वफादार रहें।
8. मुसलमानों के लिए अतिरिक्त निर्वाचक मंडल प्रारंभ में किसके द्वारा लाया गया था ?
  • A.क्रिप्स मिशन, 1942
  • B.मार्ले-मिन्टो सुधार, 1909
  • C.मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
  • D.भारत सरकार अधिनियम, 1935
Answer: मार्ले-मिन्टो सुधार, 1909 ने पहली बार भारत में 'पृथक निर्वाचन' या 'साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व' की प्रणाली शुरू की, जिसके तहत मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचक मंडल बनाए गए।
9. कौन सुमेल नहीं है ?
  • A.मार्ले-मिन्टो सुधार - साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व
  • B.भारत सरकार अधिनियम 1935 - स्वशासन
  • C.कैबिनेट मिशन - संविधान सभा का गठन
  • D.साइमन कमीशन - भारत विभाजन
Answer: साइमन कमीशन 1928 में संवैधानिक सुधारों का अध्ययन करने के लिए भारत आया था, इसका उद्देश्य भारत का विभाजन करना नहीं था। भारत विभाजन का प्रस्ताव माउंटबेटन योजना (1947) में था।
10. मिन्टो-मार्ले सुधार का उद्देश्य क्या था ?
  • A.पृथक निर्वाचन प्रणाली
  • B.भारतीय की भागीदारी बढ़ाना
  • C.युद्ध में सहयोग हेतु तैयार करना
  • D.पूर्ण स्वतंत्रता देना
Answer: मिन्टो-मार्ले सुधार (1909) का मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचन प्रणाली' शुरू करना था, जिसने भारत में साम्प्रदायिकता की नींव डाली।