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ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों और उनके प्रभाव पर MCQs हल करें। धन का निष्कासन, स्थायी बंदोबस्त और औद्योगीकरण से जुड़े प्रश्न पाएं।

Modern History - ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
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1. भारत में आधुनिक उद्योगों की स्थापना कब आरंभ हुई ?
  • A.1550 ई० में
  • B.1650 ई० में
  • C.1750 ई० में
  • D.1850 ई० में
Answer: भारत में आधुनिक उद्योगों की शुरुआत 1850 के बाद हुई, जब पहली सूती कपड़ा मिल (1854 में बॉम्बे) और जूट मिल (1855 में रिशरा) स्थापित की गई। इसी दौर में कोयला खनन और रेलवे का भी विकास हुआ।
2. भारत में प्रथम रेल लाईन का निर्माण 1853 ई० में किन नगरों के बीच हुआ ?
  • A.हावड़ा और श्रीरामपुर
  • B.बम्बई और थाणे
  • C.मद्रास और गुन्टूर
  • D.दिल्ली और आगरा
Answer: भारत की पहली यात्री ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में बम्बई (बोरी बंदर) से थाणे के बीच 34 किलोमीटर की दूरी पर चली थी।
3. अकालों को रोकने तथा अकाल पीड़ितों की सहायता हेतु भारत सरकार ने ‘अकाल संहिता' (Famine Code) कब प्रचारित किया?
  • A.1879 में
  • B.1881 में
  • C.1883 में
  • D.1885 में
Answer: 1880 के स्ट्रेची आयोग की सिफारिशों के आधार पर, 1883 में अकाल संहिता (Famine Code) लागू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अकाल की स्थिति में सरकारी कार्रवाई के लिए एक नियमावली तैयार करना था।
4. अंग्रेजी शासनकाल में भारत का कौन सा क्षेत्र अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था ?
  • A.बिहार
  • B.द० भारत
  • C.गुजरात
  • D.असम
Answer: ब्रिटिश शासन के दौरान, बिहार और बंगाल के क्षेत्र अफीम की खेती के प्रमुख केंद्र थे। अंग्रेज यहाँ से अफीम खरीदकर चीन के साथ इसका व्यापार करते थे, जो उनके लिए बहुत लाभदायक था।
5. भारत में अंग्रेजों की लूट किस महत्त्वपूर्ण घटना के बाद शुरु हो गई थी ?
  • A.प्लासी के युद्ध के पश्चात्
  • B.बक्सर के युद्ध के पश्चात्
  • C.कंपनी को भारत में व्यापार करने की अनुमति मिलने के पश्चात्
  • D.1813 के चार्टर एक्ट के पश्चात्
Answer: 1757 में प्लासी के युद्ध में जीत के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल में अपार राजनीतिक और आर्थिक शक्ति प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने भारत के संसाधनों का बड़े पैमाने पर शोषण और दोहन शुरू कर दिया।
6. अंग्रेजी शासन के दौरान भारत के 'आर्थिक दोहन' के विचार का प्रतिपादन किसने किया था ?
  • A.दादाभाई नौरोजी
  • B.एम० एन० राय
  • C.जयप्रकाश नारायण
  • D.राम मनोहर लोहिया
Answer: दादाभाई नौरोजी ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' में 'धन-निष्कासन' या 'आर्थिक दोहन' (Drain of Wealth) के सिद्धांत को प्रस्तुत किया था।
7. भारत में प्रथम रेल लाइन निम्नलिखित में से किसने बिछवाई थी ?
  • A.विलियम डडले
  • B.रोजर स्मिथ
  • C.जार्ज क्लार्क
  • D.वारेन हेस्टिग्स
Answer: भारत में पहली रेलवे लाइन के निर्माण का श्रेय मुख्य इंजीनियर जॉर्ज क्लार्क को जाता है। यह लॉर्ड डलहौजी के गवर्नर-जनरल के कार्यकाल में हुआ था।
8. अंग्रेजी शासन का प्रभाव किस क्षेत्र में अधिक पड़ा ?
  • A.आर्थिक
  • B.राजनीतिक
  • C.धार्मिक
  • D.मनावैज्ञानिक
Answer: अंग्रेजी शासन ने भारत की पारंपरिक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया। उनकी भू-राजस्व नीतियों, अनौद्योगीकरण और धन की निकासी ने भारतीय समाज पर सबसे गहरा और स्थायी प्रभाव डाला।
9. स्थायी बंदोबस्त, 1793 के अंतर्गत जमींदारों से अपेक्षा की गई थी कि वे खेतिहरों को पट्टा जारी करेंगे। अनेक जमींदारों ने पट्टा जारी नहीं किए । इसका कारण था -
  • A.जमींदारों के ऊपर किसानों का विश्वास था
  • B.जमीदारों के ऊपर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं था
  • C.यह ब्रिटिश सरकार की जिम्मेदारी थी
  • D.खेतिहरों की दिलचस्पी प्राप्त करने की नहीं थी
Answer: स्थायी बंदोबस्त में जमींदारों को भूमि का स्वामी बना दिया गया और लगान की दर स्थायी कर दी गई। इसके बाद, जमींदारों के आंतरिक मामलों पर कोई प्रभावी सरकारी नियंत्रण नहीं था, जिससे वे किसानों को पट्टे जारी करने में मनमानी करते थे।
10. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए...
  • A.A → 1, B → 2, C → 3, D → 4
  • B.A → 2, B → 1, C → 3, D → 4
  • C.A → 1, B → 2, C → 4, D → 3
  • D.A → 4, B → 3, C → 2, D → 1
Answer: यह प्रश्न विभिन्न काश्तकारी अधिनियमों और उनके पारित होने के वर्षों का सही मिलान दर्शाता है: बंगाल काश्तकारी अधिनियम (1885), अवध लगान अधिनियम (1886), दक्कन काश्तकारी अधिनियम (1879), और मध्य प्रान्त काश्तकारी विधेयक (1883)।
11. दादाभाई नौरोजी ने अंग्रेजों द्वारा किए गए किस कार्य को 'अनिष्टों का अनिष्ट की संज्ञा दी है
  • A.भारतीय परंपरागत उद्योगों का विनाश
  • B.सभी उच्च पदों पर अंग्रेजों की भर्ती
  • C.धन के निकास
  • D.नीलहों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार
Answer: दादाभाई नौरोजी ने 'धन के निकास' (Drain of Wealth) को 'अनिष्टों का अनिष्ट' कहा क्योंकि यह भारत को लगातार गरीब बना रहा था और देश के संसाधनों को बिना किसी आर्थिक प्रतिफल के ब्रिटेन भेज रहा था।
12. भारत में अंग्रेजों के समय में प्रथम जनगणना किसके कार्यकाल में हुई?
  • A.लार्ड डफरिन के
  • B.लार्ड लिटन के
  • C.लार्ड मेयो के
  • D.लार्ड रिपन के
Answer: भारत में पहली जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि, पहली व्यवस्थित और नियमित जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के समय से शुरू हुई।
13. ब्रिटिश काल में भारत में निम्नलिखित में से किस भू-राजस्व व्यवस्था को नहीं अपनाया गया?
  • A.स्थायी बंदोबस्त
  • B.रैय्यतवाड़ी व्यवस्था
  • C.महालवाड़ी व्यवस्था
  • D.दहसाला व्यवस्था
Answer: दहसाला व्यवस्था मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा शुरू की गई एक भू-राजस्व प्रणाली थी। स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्था अंग्रेजों द्वारा भारत में लागू की गई थी।
14. भारत में उपनिवेशी काल में 'लिटली आयोग' (1929) का उद्देश्य था
  • A.और आगे राजनीतिक सुधारों के लिए भारत की क्षमता का परीक्षण
  • B.श्रमिकों की मौजूदा परिस्थितियों पर प्रतिवेदन पर सिफारिशें प्रस्तुत करना
  • C.भारत में वित्तीय सुधारों के लिए परियोजना तैयार करना ।
  • D.भारत में प्रशासनिक सेवाओं के लिए विस्तृत पद्धति विकसित करना।
Answer: रॉयल कमीशन ऑन लेबर या 'लिटली आयोग' का गठन 1929 में भारत में श्रमिकों की स्थितियों की जांच करने और उनके सुधार के लिए सिफारिशें देने के उद्देश्य से किया गया था।
15. भारत में उपनिवेशी शासन के संदर्भ में 1883 ई० में पारित 'इल्वर्ट बिल' का उद्देश्य था
  • A.जहाँ तक अदालतों की दांडिक अधिकारिता का संबंध था, भारतीय तथा यूरोपीय लोगों को बराबरी पर रोकना
  • B.देशी प्रेस की स्वतंत्रता पर कड़ा अंकुश लगाना क्योंकि उसे उपनिवेशी शासकों का विरोधी समझा जाता था
  • C.प्रशासनिक सेवा परीक्षाएँ भारत में करवाना ताकि देशी भारतीयों को उसमें बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके
  • D.आर्म्स ऐक्ट में संशोधन कर देशी भारतीयों को शस्त्र रखने की अनुमति देना
Answer: इल्बर्ट बिल का मुख्य उद्देश्य भारतीय न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों को यूरोपीय नागरिकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई करने का अधिकार देना था, ताकि न्यायिक प्रणाली में नस्लीय भेदभाव को समाप्त किया जा सके।
16. स्थायी बंदोबस्त जिन क्षेत्रों में लागू किये गए उनमें शामिल है1. बंगाल 2. बिहार 3. उड़ीसा 4. मद्रास के उत्तरी जिले 5. बनारस
  • A.1,2,3 एवं 4
  • B.1, 3, 4 एवं 5
  • C.1,2,4 एवं 5
  • D.1,2,3,4 एवं 5
Answer: लॉर्ड कॉर्नवॉलिस द्वारा 1793 में शुरू की गई स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तरी मद्रास के जिलों और बनारस डिवीजन में लागू की गई थी।
17. भारतीय बुनकरों की दयनीय हालत पर किस गवर्नर जनरल ने टिप्पणी की : 'इनका दुःख दर्द समूचे इतिहास में अतुलनीय है। कपड़ा बुनकरों की हड़ियों से भारत की धरती सफेद हो गई है ?
  • A.लार्ड कार्नवालिस
  • B.विलियम बैंटिक
  • C.लार्ड डलहौजी
  • D.लार्ड कैनिंग
Answer: यह प्रसिद्ध और मार्मिक टिप्पणी गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बैंटिक ने की थी। यह ब्रिटिश नीतियों के कारण भारत के वस्त्र उद्योग के विनाश और बुनकरों की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
18. अंग्रेजों द्वारा बनाई गई भूराजस्व व्यवस्था की निम्न प्रणालियों में से कौन सी कृषकों के हितों को अधिक सुरक्षा प्रदान करती थी ?
  • A.बंगाल प्रांत की स्थायी भूव्यवस्था
  • B.मद्रास प्रांत, की रैय्यतवाड़ी भूव्यवस्था
  • C.मध्यवर्ती प्रांत की जमींदारी भूव्यवस्था
  • D.संयुक्त प्रांत की मालगुजारी भूव्यवस्था
Answer: रैयतवाड़ी व्यवस्था में किसानों (रैयतों) को भूमि का स्वामी माना गया और वे सीधे सरकार को लगान देते थे। इसमें जमींदार जैसे बिचौलिए नहीं थे, इसलिए सैद्धांतिक रूप से यह किसानों के लिए थोड़ी बेहतर थी।
19. भारत में अनौद्योगीकरण (De-Industrialization) या प्राकू-औद्योगीकरण (Pre-Industrialization) की अवधि थी -
  • A.1757-1857
  • B.1800-1850
  • C.1850-1947
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: 19वीं सदी के पूर्वार्ध में ब्रिटेन के मशीन-निर्मित सस्ते माल के भारत में आने और ब्रिटिश व्यापारिक नीतियों के कारण भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों का तेजी से पतन हुआ। इसी अवधि को अनौद्योगीकरण का काल कहा जाता है।
20. 'भारतीय राजाओं द्वारा कर लेना सूर्य द्वारा भूमि से पानी लेने के समान थी जो कि पुनः वर्षा के रूप में भूमि पर उर्वरता देने के लिए वापस आता था पर अंग्रेजों द्वारा लिया गया कर भारत में वर्षा न कर के इंगलैण्ड में ही वर्षा करता था'—यह कथन किसका है ?
  • A.आर० सी० दत्त
  • B.कार्ल मार्क्स
  • C.दादाभाई नौरोजी
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और इतिहासकार रोमेश चन्द्र दत्त (आर. सी. दत्त) ने यह तुलना 'धन के निकास' के सिद्धांत को समझाने के लिए की थी, कि कैसे अंग्रेजों द्वारा वसूला गया राजस्व भारत के विकास में योगदान नहीं दे रहा था।
21. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में उद्योगों का कोई स्वतंत्र विकास नहीं हुआ इसका कारण था
  • A.भारी उद्योगों का अभाव
  • B.विदेशी पूँजी की कमी
  • C.प्राकृतिक संसाधनों की कमी
  • D.धनिक वर्ग द्वारा भूसंपत्ति में निवेश करने को तरजीह/प्राथमिकता
Answer: ब्रिटिश सरकार ने जानबूझकर भारत में भारी उद्योगों (जैसे लोहा-इस्पात, मशीनरी) के विकास को हतोत्साहित किया ताकि भारत ब्रिटेन के औद्योगिक उत्पादों के लिए एक बाजार बना रहे। भारी उद्योगों के बिना, कोई भी देश औद्योगिक रूप से स्वतंत्र नहीं हो सकता।
22. पहला औद्योगिक सम्मेलन किस वर्ष आयोजित किया गया ?
  • A.1903 ई० में
  • B.1905 ई० में
  • C.1907 ई० में
  • D.1909 ई० में
Answer: भारत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पहला औद्योगिक सम्मेलन 1907 में आयोजित किया गया था।
23. रैयतवाड़ी व्यवस्था कब लागू की गई थी ?
  • A.1816 में
  • B.1818 में
  • C.1820 में
  • D.1822 में
Answer: रैयतवाड़ी व्यवस्था को थॉमस मुनरो द्वारा 1820 में मद्रास प्रेसीडेंसी में औपचारिक रूप से लागू किया गया था। इसे सबसे पहले 1792 में कैप्टन अलेक्जेंडर रीड द्वारा बारामहल जिले में आजमाया गया था।
24. 'पावर्टी एण्ड अनब्रिटिश रुल इन इंडिया' के लेखक हैं
  • A.दादाभाई नौरोजी
  • B.रमेश चन्द्र दत्त
  • C.जवाहरलाल नेहरु
  • D.एम० जी० राणाडे
Answer: यह प्रसिद्ध पुस्तक दादाभाई नौरोजी द्वारा लिखी गई थी। इसी पुस्तक में उन्होंने पहली बार भारत से 'धन के निकास' (Drain of Wealth) के अपने सिद्धांत का व्यवस्थित रूप से प्रतिपादन किया।
25. पहली बार औपचारिक रूप से महालवाड़ी प्रथा कब लागू की गई थी
  • A.1793 में
  • B.1816 में
  • C.1820 में
  • D.1822 में
Answer: महालवाड़ी व्यवस्था को 1822 के रेगुलेशन-VII द्वारा कानूनी रूप से लागू किया गया था। इस व्यवस्था का प्रस्ताव होल्ट मैकेंजी द्वारा दिया गया था।