Adyayan.com

ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों और उनके प्रभाव पर MCQs हल करें। धन का निष्कासन, स्थायी बंदोबस्त और औद्योगीकरण से जुड़े प्रश्न पाएं।

ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
11. दादाभाई नौरोजी ने अंग्रेजों द्वारा किए गए किस कार्य को 'अनिष्टों का अनिष्ट की संज्ञा दी है
  • A.भारतीय परंपरागत उद्योगों का विनाश
  • B.सभी उच्च पदों पर अंग्रेजों की भर्ती
  • C.धन के निकास
  • D.नीलहों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार
Answer: दादाभाई नौरोजी ने 'धन के निकास' (Drain of Wealth) को 'अनिष्टों का अनिष्ट' कहा क्योंकि यह भारत को लगातार गरीब बना रहा था और देश के संसाधनों को बिना किसी आर्थिक प्रतिफल के ब्रिटेन भेज रहा था।
12. भारत में अंग्रेजों के समय में प्रथम जनगणना किसके कार्यकाल में हुई?
  • A.लार्ड डफरिन के
  • B.लार्ड लिटन के
  • C.लार्ड मेयो के
  • D.लार्ड रिपन के
Answer: भारत में पहली जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि, पहली व्यवस्थित और नियमित जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के समय से शुरू हुई।
13. ब्रिटिश काल में भारत में निम्नलिखित में से किस भू-राजस्व व्यवस्था को नहीं अपनाया गया?
  • A.स्थायी बंदोबस्त
  • B.रैय्यतवाड़ी व्यवस्था
  • C.महालवाड़ी व्यवस्था
  • D.दहसाला व्यवस्था
Answer: दहसाला व्यवस्था मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा शुरू की गई एक भू-राजस्व प्रणाली थी। स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्था अंग्रेजों द्वारा भारत में लागू की गई थी।
14. भारत में उपनिवेशी काल में 'लिटली आयोग' (1929) का उद्देश्य था
  • A.और आगे राजनीतिक सुधारों के लिए भारत की क्षमता का परीक्षण
  • B.श्रमिकों की मौजूदा परिस्थितियों पर प्रतिवेदन पर सिफारिशें प्रस्तुत करना
  • C.भारत में वित्तीय सुधारों के लिए परियोजना तैयार करना ।
  • D.भारत में प्रशासनिक सेवाओं के लिए विस्तृत पद्धति विकसित करना।
Answer: रॉयल कमीशन ऑन लेबर या 'लिटली आयोग' का गठन 1929 में भारत में श्रमिकों की स्थितियों की जांच करने और उनके सुधार के लिए सिफारिशें देने के उद्देश्य से किया गया था।
15. भारत में उपनिवेशी शासन के संदर्भ में 1883 ई० में पारित 'इल्वर्ट बिल' का उद्देश्य था
  • A.जहाँ तक अदालतों की दांडिक अधिकारिता का संबंध था, भारतीय तथा यूरोपीय लोगों को बराबरी पर रोकना
  • B.देशी प्रेस की स्वतंत्रता पर कड़ा अंकुश लगाना क्योंकि उसे उपनिवेशी शासकों का विरोधी समझा जाता था
  • C.प्रशासनिक सेवा परीक्षाएँ भारत में करवाना ताकि देशी भारतीयों को उसमें बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके
  • D.आर्म्स ऐक्ट में संशोधन कर देशी भारतीयों को शस्त्र रखने की अनुमति देना
Answer: इल्बर्ट बिल का मुख्य उद्देश्य भारतीय न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों को यूरोपीय नागरिकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई करने का अधिकार देना था, ताकि न्यायिक प्रणाली में नस्लीय भेदभाव को समाप्त किया जा सके।
16. स्थायी बंदोबस्त जिन क्षेत्रों में लागू किये गए उनमें शामिल है1. बंगाल 2. बिहार 3. उड़ीसा 4. मद्रास के उत्तरी जिले 5. बनारस
  • A.1,2,3 एवं 4
  • B.1, 3, 4 एवं 5
  • C.1,2,4 एवं 5
  • D.1,2,3,4 एवं 5
Answer: लॉर्ड कॉर्नवॉलिस द्वारा 1793 में शुरू की गई स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तरी मद्रास के जिलों और बनारस डिवीजन में लागू की गई थी।
17. भारतीय बुनकरों की दयनीय हालत पर किस गवर्नर जनरल ने टिप्पणी की : 'इनका दुःख दर्द समूचे इतिहास में अतुलनीय है। कपड़ा बुनकरों की हड़ियों से भारत की धरती सफेद हो गई है ?
  • A.लार्ड कार्नवालिस
  • B.विलियम बैंटिक
  • C.लार्ड डलहौजी
  • D.लार्ड कैनिंग
Answer: यह प्रसिद्ध और मार्मिक टिप्पणी गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बैंटिक ने की थी। यह ब्रिटिश नीतियों के कारण भारत के वस्त्र उद्योग के विनाश और बुनकरों की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
18. अंग्रेजों द्वारा बनाई गई भूराजस्व व्यवस्था की निम्न प्रणालियों में से कौन सी कृषकों के हितों को अधिक सुरक्षा प्रदान करती थी ?
  • A.बंगाल प्रांत की स्थायी भूव्यवस्था
  • B.मद्रास प्रांत, की रैय्यतवाड़ी भूव्यवस्था
  • C.मध्यवर्ती प्रांत की जमींदारी भूव्यवस्था
  • D.संयुक्त प्रांत की मालगुजारी भूव्यवस्था
Answer: रैयतवाड़ी व्यवस्था में किसानों (रैयतों) को भूमि का स्वामी माना गया और वे सीधे सरकार को लगान देते थे। इसमें जमींदार जैसे बिचौलिए नहीं थे, इसलिए सैद्धांतिक रूप से यह किसानों के लिए थोड़ी बेहतर थी।
19. भारत में अनौद्योगीकरण (De-Industrialization) या प्राकू-औद्योगीकरण (Pre-Industrialization) की अवधि थी -
  • A.1757-1857
  • B.1800-1850
  • C.1850-1947
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: 19वीं सदी के पूर्वार्ध में ब्रिटेन के मशीन-निर्मित सस्ते माल के भारत में आने और ब्रिटिश व्यापारिक नीतियों के कारण भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों का तेजी से पतन हुआ। इसी अवधि को अनौद्योगीकरण का काल कहा जाता है।
20. 'भारतीय राजाओं द्वारा कर लेना सूर्य द्वारा भूमि से पानी लेने के समान थी जो कि पुनः वर्षा के रूप में भूमि पर उर्वरता देने के लिए वापस आता था पर अंग्रेजों द्वारा लिया गया कर भारत में वर्षा न कर के इंगलैण्ड में ही वर्षा करता था'—यह कथन किसका है ?
  • A.आर० सी० दत्त
  • B.कार्ल मार्क्स
  • C.दादाभाई नौरोजी
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और इतिहासकार रोमेश चन्द्र दत्त (आर. सी. दत्त) ने यह तुलना 'धन के निकास' के सिद्धांत को समझाने के लिए की थी, कि कैसे अंग्रेजों द्वारा वसूला गया राजस्व भारत के विकास में योगदान नहीं दे रहा था।