ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
TOPICS ▾
1857 का विद्रोह (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम)
आधुनिक भारत: विविध तथ्य (गवर्नर-जनरल, नारे)
गांधीवादी युग (राष्ट्रीय आंदोलन)
प्रमुख किसान एवं जनजातीय आंदोलन
ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ब्रिटिश सत्ता का विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
SORT BY ▾
QUESTION 71
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक अधिकार अतिम रूप से किस एक्ट के तहत समाप्त किया गया ?
Answer: 1833 के चार्टर एक्ट ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक व्यापारिक निकाय के रूप में पूरी तरह से समाप्त कर दिया और उसे एक विशुद्ध प्रशासनिक निकाय बना दिया। इसके तहत चाय और चीन के साथ व्यापार का एकाधिकार भी खत्म हो गया।
QUESTION 72
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :दादाभाई नौरोजी की भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को सर्वाधिक प्रभावी देन थी कि...
Answer: दादाभाई नौरोजी का भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सबसे महत्वपूर्ण योगदान उनका 'धन के निकास' का सिद्धांत था। उन्होंने आंकड़ों और तर्कों के माध्यम से यह साबित किया कि कैसे ब्रिटेन भारत का आर्थिक शोषण कर रहा है, जिसने भारतीय राष्ट्रवाद को एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान किया।
QUESTION 73
यद्यपि भारत के व्यापार पर 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा कंपनी के एकाधिकार को समाप्त कर दिया गया, परन्तु फिर भी किस वस्तु का व्यापार केवल कंपनी के लिए ही सुरक्षित रखा गया?
Answer: 1813 के चार्टर एक्ट ने भारत में कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त कर दिया, लेकिन दो चीजों को अपवाद के रूप में रखा गया: चाय का व्यापार और चीन के साथ व्यापार। इन पर कंपनी का एकाधिकार बना रहा।
QUESTION 74
'उत्तरी भारत में भूमिकर व्यवस्था का प्रवर्तक' (The Father of Land Settlement in Northern India) किसे कहा जाता है
Answer: रॉबर्ट मर्टिन्स बर्ड को उत्तरी भारत में भू-राजस्व व्यवस्था (विशेष रूप से महालवाड़ी प्रणाली) में उनके व्यापक सुधारों और व्यवस्थित सर्वेक्षणों के लिए 'उत्तरी भारत में भूमिकर व्यवस्था का प्रवर्तक' कहा जाता है।
QUESTION 75
20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में देश का भीषणतम अकाल 1942-43 में कहाँ पड़ा?
Answer: 1943 का बंगाल का अकाल आधुनिक भारतीय इतिहास के सबसे विनाशकारी अकालों में से एक था। द्वितीय विश्व युद्ध, प्रशासनिक विफलताओं और प्राकृतिक कारणों से हुए इस अकाल में लाखों लोगों की मृत्यु हुई।
QUESTION 76
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए...
Answer: यह प्रश्न ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विभिन्न चरणों और उनकी विशेषताओं का सही मिलान है: वाणिज्यिक चरण (व्यापार पर एकाधिकार), औद्योगिक चरण (मुक्त व्यापार), और वित्तीय पूंजीवाद (पूंजी निवेश)।
QUESTION 77
भारत में सबसे पहला सूती वस्त्र मिल किस शहर में स्थापित किया गया था ?
Answer: भारत की पहली सफल आधुनिक सूती वस्त्र मिल, 'बॉम्बे स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी', 1854 में कावसजी नानाभाई डावर द्वारा बंबई (अब मुंबई) में स्थापित की गई थी।
QUESTION 78
भारतीय दस्तकारी उद्योग के पतन के कारण थे
Answer: भारतीय दस्तकारी उद्योग के पतन के लिए सभी दिए गए कारण जिम्मेदार थे। अंग्रेजों की नीतियों ने भारतीय कारीगरों से सस्ते में माल खरीदा, कच्चे माल तक उनकी पहुँच सीमित कर दी, और विदेशी बाजारों में भारतीय माल को महंगा बना दिया।
QUESTION 79
स्थायी बंदोबस्त के तहत जमींदार को पूरे लगान / भूराजस्व का कितना प्रतिशत राज्य को देना तय किया गया था ?
Answer: स्थायी बंदोबस्त के तहत, यह नियम था कि जमींदार द्वारा किसानों से वसूले गए कुल लगान का 10/11वां हिस्सा (लगभग 89%) सरकार को जमा करना होगा और शेष 1/11वां हिस्सा (लगभग 11%) जमींदार अपने पास रख सकता था।
QUESTION 80
भारत में उपनिवेशी शासनकाल में ‘होम चार्जेज' (Home charges) भारत से संबंधित दोहन का महत्वपूर्ण अंग था । निम्नलिखित में से कौन-सी निधि/ निधियाँ होम चार्जेज की संघटक थी/थीं ?...
Answer: होम चार्जेज भारत द्वारा ब्रिटेन में किए जाने वाले भुगतानों को कहते थे। इसमें लंदन में इंडिया ऑफिस का खर्च, भारत में काम करने वाले ब्रिटिश कर्मचारियों का वेतन और पेंशन, और भारत के बाहर अंग्रेजों द्वारा लड़े गए युद्धों का खर्च शामिल था। यह धन के निकास का एक प्रमुख घटक था।