ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
TOPICS ▾
1857 का विद्रोह (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम)
आधुनिक भारत: विविध तथ्य (गवर्नर-जनरल, नारे)
गांधीवादी युग (राष्ट्रीय आंदोलन)
प्रमुख किसान एवं जनजातीय आंदोलन
ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ब्रिटिश सत्ता का विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
SORT BY ▾
81. पहली आधुनिक पटसन मिल स्थापित हुई ?
Answer: भारत की पहली आधुनिक पटसन (जूट) मिल 1855 में बंगाल के रिशरा में जॉर्ज ऑकलैंड द्वारा स्थापित की गई थी।
82. बैप्टिस्ट मिशनरियों की त्रिमूर्ति–जोशुवा मार्शमैन, विलियम केरी एवं विलियम वार्ड ने सीरामपुर / श्रीरामपुर को अपना कार्यक्षेत्र चुना, जिस कारण उन्हें ‘सीरामपुरत्रयी' के नाम से भी जाना गया। यह सीरामपुर स्थित है
Answer: सीरामपुर (श्रीरामपुर) पश्चिम बंगाल में स्थित है। यह 18वीं और 19वीं सदी में डेनिश उपनिवेश था और बैप्टिस्ट मिशनरियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया, जहाँ उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना की और शिक्षा तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में काम किया।
83. काँग्रेस के कराची अधिवेशन (मार्च 1931) के अध्यक्ष कौन थे ?
Answer: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1931 में हुए कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी। इसी अधिवेशन में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक नीति पर प्रस्ताव पारित किया गया था।
84. ब्रिटिश काल में निम्नलिखित में से कौन-कौन से उद्योग-धंधे विकसित हुए ?...
Answer: ब्रिटिश काल में कुछ आधुनिक उद्योगों का विकास हुआ, लेकिन यह विकास असंतुलित था। मुख्य रूप से जूट, कोयला, लोहा-इस्पात और सूती कपड़ा जैसे उद्योग विकसित हुए, जबकि मशीनरी जैसे भारी उद्योग अविकसित रहे।
85. दादाभाई नौरोजी द्वारा उनकी कति 'पावट' एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया'में प्रस्तुत किये गये 'अपवहन सिद्धांत' (drain theory) शब्द को निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक समुचित रूप से परिभाषित करता है ?
Answer: अपवहन या धन-निष्कासन सिद्धांत (Drain Theory) का सटीक अर्थ यही है कि भारत से धन और संसाधन (वेतन, पेंशन, होम चार्जेज आदि के रूप में) ब्रिटेन जा रहे थे, लेकिन बदले में भारत को कोई समान आर्थिक या भौतिक लाभ नहीं मिल रहा था।
86. समस्त अंग्रेजी भारत की सर्वाधिक भूमि पर (51 %' भूमि पर) अपनाई गई भूराजस्व व्यवस्था थी
Answer: रैयतवाड़ी व्यवस्था ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े भू-भाग (लगभग 51%) पर लागू की गई थी, जिसमें मद्रास, बंबई, असम और कुर्ग के बड़े हिस्से शामिल थे।
87. नील कृषकों की दुर्दशा पर लिखी गई पुस्तक 'नील दर्पण' के लेखक कौन थे?
Answer: 'नील दर्पण' एक प्रसिद्ध बंगाली नाटक है जिसे दीनबंधु मित्र ने 1858-59 में लिखा था। यह नाटक बंगाल में नील की खेती करने वाले किसानों पर अंग्रेज बागान मालिकों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का मार्मिक चित्रण करता है।
88. रैयतवाड़ी बंदोबस्त के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।...
Answer: दिए गए तीनों कथन रैयतवाड़ी व्यवस्था की सही विशेषताएं हैं। इसमें किसान (रैयत) सीधे सरकार को लगान देते थे, सरकार किसानों को भूमि का पट्टा (स्वामित्व का प्रमाण) देती थी, और लगान तय करने से पहले भूमि का सर्वेक्षण और मूल्यांकन किया जाता था।
89. भारत से ब्रिटेन की ओर ‘सम्पत्ति के अपवहन' (Drainof wealth) का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया था?
Answer: दादाभाई नौरोजी, जिन्हें 'ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया' भी कहा जाता है, ने सबसे पहले 'संपत्ति के अपवहन' (Drain of Wealth) के सिद्धांत को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया और लोकप्रिय बनाया।
90. किस कंपनी ने सर्वप्रथम भारत में रेल सेवा प्रारंभ की ?
Answer: ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे (GIPR) वह कंपनी थी जिसने 1853 में भारत की पहली यात्री रेल सेवा बम्बई से थाणे के बीच शुरू की थी।