भारतीय राजनीति में दबाव समूह
TOPICS ▾
अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र / पिछड़े वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान
आपात उपबन्ध
आयोग व परिषदें
उच्च न्यायालय
उपराष्ट्रपति
केंद्र-राज्य संबंध
जम्मू-कश्मीर के संबंध में विशेष प्रावधान
दल-बदल विरोधी कानून
नागरिकता
निर्वाचन आयोग
पंचायती राज व्यवस्था
पदाधिकारियों का अनुक्रम
प्रधानमंत्री
प्रमुख पदाधिकारीगण/उप-प्रधानमंत्री
प्रमुख पदाधिकारीगण/नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
प्रमुख पदाधिकारीगण/महान्यायवादी
प्रमुख पदाधिकारीगण/लोकसभा अध्यक्ष
भारत का संवैधानिक इतिहास
भारतीय राजनीति में दबाव समूह
भारतीय संसद
मुख्यमंत्री
मूल अधिकार
मूल कर्तव्य
राजनीतिक दल
राजभाषा
राज्य के नीति निर्देशक तत्व
राज्य सभा
राज्यपाल
राष्ट्रपति
लोकसभा
विधान परिषद
विधानसभा
संघ और उसके राज्य क्षेत्र
संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन
संघीय मंत्रिपरिषद
संविधान की अनुसूचियां
संविधान की प्रस्तावना
संविधान की विशेषताएं
संविधान के अनुच्छेद
संविधान के भाग
संविधान के स्त्रोत
संविधान संशोधन
संविधान सभा
संसदीय समितियां
सर्वोच्च न्यायालय
SORT BY ▾
11. भारतीय राजनीति में सक्रिय व्यावसायिक संघ जो राजनीतिक दलों की नीतियों को प्रभावित करते हैं, हैं -
Answer: FICCI (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) और ASSOCHAM (एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) भारत के दो प्रमुख व्यावसायिक संगठन हैं जो व्यापार और उद्योग के हितों के लिए सरकार की नीतियों को प्रभावित करने वाले शक्तिशाली दबाव समूह हैं।
12. भारत में निम्नलिखित में कौन - सा दबाव समूह की भूमिका निभाता है ?
Answer: आई. एन. टी. यू. सी. (Indian National Trade Union Congress) कांग्रेस पार्टी से संबद्ध एक प्रमुख मजदूर संघ है, जो श्रमिकों के हितों के लिए एक दबाव समूह के रूप में कार्य करता है। अन्य विकल्प सरकारी संगठन हैं।
13. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं है ?
Answer: यह सुमेलित नहीं है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) भारतीय साम्यवादी दल (CPI) से संबद्ध है, न कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकपा) से। अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
14. डी. डी. मैक्कीन ने दबाव समूह को परिभाषित किया है -
Answer: डी. डी. मैक्कीन ने दबाव समूहों को 'गुमनाम साम्राज्य' (Anonymous Empire) के रूप में वर्णित किया है क्योंकि वे पर्दे के पीछे से सरकार और नीति-निर्माण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं, बिना सीधे तौर पर सामने आए।
15. निम्नलिखित में से कौन एक दबाव समूह है ?
Answer: भारतीय किसान संघ (किसानों का समूह), भारतीय मजदूर संघ (मजदूरों का समूह), और विश्व हिन्दू परिषद (एक सामाजिक-धार्मिक समूह) सभी अपने-अपने विशिष्ट हितों को साधने के लिए सरकार की नीतियों पर प्रभाव डालने का प्रयास करते हैं, इसलिए ये सभी दबाव समूह हैं।
16. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I (कृषि संगठन)A. भारतीय किसान यूनियनB. शेतकारी संगठनC. भारतीय किसान संघD. रैयत संघसूची-II (प्रभाव क्षेत्र)1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश2. महाराष्ट्र3. गुजरात 4. कर्नाटक
Answer: यह मिलान कृषि संगठनों और उनके मुख्य प्रभाव क्षेत्रों को सही ढंग से जोड़ता है:
- भारतीय किसान यूनियन: पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- शेतकारी संगठन: महाराष्ट्र
- भारतीय किसान संघ: गुजरात
- रैयत संघ: कर्नाटक
- भारतीय किसान यूनियन: पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- शेतकारी संगठन: महाराष्ट्र
- भारतीय किसान संघ: गुजरात
- रैयत संघ: कर्नाटक
17. दबाव समूह का प्रधान उद्देश्य होता है -
Answer: दबाव समूह का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य अपने सदस्यों के साझा हितों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना (अभिवृद्धि करना) है, चाहे वे हित आर्थिक, सामाजिक या व्यावसायिक हों।
18. विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल आदि किस राजनीतिक दल के दबाव समूह है ?
Answer: ये सभी संगठन 'संघ परिवार' का हिस्सा माने जाते हैं और वैचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा के लिए वैचारिक और सामाजिक आधार तैयार करने वाले दबाव समूहों के रूप में कार्य करते हैं।
19. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I (श्रमिक संघ)A. AITUCB. INTUCC. UTUCD. BMSसूची-II (राजनितिक दल)1. भाजपा2. माकपा3. कांग्रेस (I)4. भाकपा
Answer: यह मिलान श्रमिक संघों और उनसे संबद्ध राजनीतिक दलों को सही ढंग से जोड़ता है:
- AITUC (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस): भारतीय साम्यवादी दल (भाकपा - CPI)
- INTUC (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस): कांग्रेस (I)
- UTUC (यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस): मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा - CPM)
- BMS (भारतीय मजदूर संघ): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- AITUC (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस): भारतीय साम्यवादी दल (भाकपा - CPI)
- INTUC (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस): कांग्रेस (I)
- UTUC (यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस): मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा - CPM)
- BMS (भारतीय मजदूर संघ): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
20. भारत में संगठित दबाव समूह गठित नहीं होने का मुख्य कारण है -
Answer: भारत में पश्चिमी देशों की तरह स्वतंत्र और संगठित दबाव समूहों की कमी के ये सभी कारण हैं। यहाँ कई दबाव समूह राजनीतिक दलों की शाखाओं के रूप में काम करते हैं, जिससे उनकी अपनी स्वतंत्र और स्वायत्त भूमिका सीमित हो जाती है।