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दक्षिण भारत: चोल साम्राज्य एवं अन्य

चोल साम्राज्य और दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख राजवंशों पर MCQs हल करें। चोल, चालुक्य और पल्लव वंश के प्रशासन और कला के बारे में जानें।

दक्षिण भारत: चोल साम्राज्य एवं अन्य
61. कहाँ से प्राप्त अभिलेख से महासभा की कार्यप्रणाली के विषय में विस्तृत जानकारी मिलती है ?
  • A.उत्तरमेरुर
  • B.तंजौर
  • C.मणिमंगलम
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: उत्तरमेरुर से प्राप्त अभिलेख चोलकालीन ग्राम सभा (महासभा) के संगठन, चुनाव प्रक्रिया और उसकी समितियों (वरियम) के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
62. 'नानादेशिनिगम' क्या था?
  • A.दूर-दूर के प्रदेशों व विदेशों के साथ व्यापार करनेवाले व्यापारियों का निगम
  • B.नगर के व्यापारियों का निगम
  • C.तेल का व्यापार करनेवालों का निगम
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: यह एक शक्तिशाली व्यापारिक संघ या गिल्ड था जिसके सदस्य विभिन्न देशों में यात्रा करते और व्यापार करते थे।
63. प्रसिद्ध कलाविद फर्ग्युसन ने किसके बारे में कहा है, 'उस काल के कलाकारों ने दैत्यों की तरह कल्पना की और जौहरियों की तरह उसे पूरा किया ?
  • A.चोल स्थापत्य कला
  • B.राष्ट्रकूट स्थापत्य कला
  • C.विजयनगर स्थापत्य कला
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: कला समीक्षक पर्सी ब्राउन और फर्ग्युसन ने पल्लव कलाकारों की प्रशंसा में यह कहा था, जिन्होंने महाबलिपुरम जैसे स्थानों पर विशाल चट्टानों को तराशकर अद्भुत कलाकृतियाँ बनाईं।
64. अभिलेखों को ऐतिहासिक प्राक्कथन के साथ प्रारम्भ करने की परम्परा का सूत्रपात किया ?
  • A.परांतक I
  • B.राजराजा ।
  • C.राजेन्द्र I
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: राजराजा प्रथम ने अपने अभिलेखों की शुरुआत में अपनी वंशावली और प्रमुख विजयों का विस्तृत विवरण (मेयोकीर्ति) लिखवाने की परंपरा शुरू की।
65. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I (ग्रंथकार) A. पंपB. पोन्नC. रन्नD. शकटायन सूची-II (ग्रंथ) 1. आदिपुराण2. शांतिपुराण3. अजितपुराण4. अमोघवृति कूट :
  • A.A → 1, B → 2, C → 3, D → 4
  • B.A → 4, B → 3, C → 2, D → 1
  • C.A → 2, B → 1, C → 3, D → 4
  • D.A → 1, B → 2, C →4 , D → 3
Answer: यह कन्नड़ साहित्य के त्रिरत्न (पंप, पोन्न, रन्न) और अन्य लेखकों तथा उनकी प्रमुख रचनाओं का सही मिलान है।
66. राष्ट्रकूट काल में 'राष्ट्र' (प्रांत) का प्रधान कहलाता था
  • A.राष्ट्रपति
  • B.राष्ट्रिक
  • C.रठिक
  • D.विषयपति
Answer: राष्ट्रकूट प्रशासन में, प्रांत को 'राष्ट्र' कहा जाता था और उसके प्रमुख को 'राष्ट्रपति' कहा जाता था।
67. किसने इण्डोनेशिया के एक द्वीप सुमात्रा के विजय साम्राज्य के शासक संग्राम विजयोत्तुंगवर्मा को पराजित किया तथा निकोबार द्वीप समूह व मलेशिया प्रायद्वीप के मध्य कडारम (आधुनिक केद्दाह) सहित 12 द्वीपों पर अधिकार कर लिया?
  • A.राजराजा ।
  • B.राजेन्द्र ।
  • C.परांतक ।
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: राजेंद्र प्रथम ने अपनी शक्तिशाली नौसेना के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया में श्रीविजय साम्राज्य पर आक्रमण किया और उसके कई क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की।
68. चोल साम्राज्य का संस्थापक है
  • A.विजयालय
  • B.आदित्य ।
  • C.राजराजा
  • D.राजेन्द्र ।
Answer: विजयालय ने 9वीं शताब्दी में पल्लवों के पतन का लाभ उठाकर तंजौर पर कब्जा किया और चोल वंश की पुनर्स्थापना की।
69. चालुक्य वंश का सर्वाधिक प्रसिद्ध शासक था
  • A.जयसिंह ॥
  • B.विक्रमादित्य V
  • C.सोमेश्वर II
  • D.पुलकेशिन II
Answer: पुलकेशिन द्वितीय वातापी के चालुक्य वंश का सबसे महान और प्रसिद्ध राजा था, जिसने हर्षवर्धन को भी पराजित किया था।
70. विरुपाक्ष मंदिर का निर्माण किसने किया था ?
  • A.चालुक्य
  • B.पल्लव
  • C.वाकाटक
  • D.सातवाहन
Answer: पत्तडकल में स्थित विरुपाक्ष मंदिर का निर्माण चालुक्य राजा विक्रमादित्य द्वितीय की रानी लोकमहादेवी ने पल्लवों पर अपनी पति की विजय के उपलक्ष्य में करवाया था।
71. पांड्य साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?
  • A.कांची
  • B.मदुरै
  • C.कावेरीपट्टनम
  • D.तिरुची
Answer: पांड्य साम्राज्य की राजधानी मदुरै थी, जो मीनाक्षी मंदिर और तमिल संगमों के लिए प्रसिद्ध एक प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर था।
72. रविकीर्ति द्वारा निर्मित जिनेन्द्र मंदिर / मेगुती मंदिर, ऐहोल का संबंध है
  • A.शैव धर्म से
  • B.वैष्णव धर्म से
  • C.जैन धर्म से
  • D.बौद्ध धर्म से
Answer: ऐहोल में स्थित मेगुती का जिनेन्द्र (जिन-विजेता) मंदिर जैन धर्म को समर्पित है। इसी मंदिर की दीवार पर प्रसिद्ध ऐहोल प्रशस्ति खुदी हुई है।
73. चोल काल में निर्मित नटराज की कांस्य प्रतिमाओं में देवाकृति प्रायः
  • A.अष्टभुज है
  • B.षट्भुज है
  • C.चतुर्भुज है
  • D.द्विभुज है
Answer: चोलकालीन नटराज की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमाओं में भगवान शिव को सामान्यतः चार भुजाओं (चतुर्भुज) वाला दर्शाया गया है।
74. राजेन्द्र चोल द्वारा किये गये बंगाल अभियान के समय बंगाल का शासक कौन था?
  • A.महिपाल-II
  • B.नयपाल
  • C.देवपाल
  • D.महिपाल-I
Answer: जब राजेंद्र चोल ने गंगा घाटी पर आक्रमण किया, तो उस समय बंगाल पर पाल वंश के शासक महिपाल प्रथम का शासन था।
75. एलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर का निर्माण किसने कराया था ?
  • A.दन्तिदुर्ग
  • B.कृष्ण I
  • C.ध्रुव (धारावर्ष)
  • D.गोविन्द ।I।
Answer: एलोरा का कैलाश मंदिर (गुफा संख्या 16) एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है, जिसका निर्माण राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ने करवाया था।
76. होयसल स्मारक पाए जाते हैं
  • A.हंपी और हास्पेट में
  • B.हलेबिड और बेलूर में
  • C.मैसूर और बंगलूर में
  • D.श्रृंगेरी और धारवाड़ में
Answer: होयसल वास्तुकला के सर्वोत्तम उदाहरण उनके राजधानी नगरों बेलूर और हलेबिड (पुराना नाम-द्वारसमुद्र) में पाए जाते हैं।
77. वेनिस यात्री मार्को पोलो (1288-1293) के पाण्ड्य राज्य के भ्रमण के समय वहां का शासक था
  • A.मारवर्मन कुलशेखर
  • B.जटावर्मन सुंदर पांड्य
  • C.जटावर्मन कुलशेखर
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: जब प्रसिद्ध इतालवी यात्री मार्को पोलो ने पांड्य राज्य का दौरा किया, तो उस समय वहाँ का शासक मारवर्मन कुलशेखर पांड्य प्रथम था।
78. निम्नलिखित में से चोल प्रशासन की विशेषता क्या थी ?
  • A.साम्राज्य का मण्डल में विभाजन
  • B.ग्राम प्रशासन की स्वायत्तता
  • C.राज्य में मंत्रियों को समस्त अधिकार
  • D.कर संग्रह प्रणाली का सस्ता एवं उचित होना
Answer: चोल प्रशासन की सबसे अनूठी और महत्वपूर्ण विशेषता उनकी स्वायत्त ग्राम सभाएं (उर और सभा) थीं, जो स्थानीय स्तर पर शासन का कार्य करती थीं।
79. वह चोल राजा कौन था जिसने श्रीलंका को पूर्ण स्वतंत्रता दी और सिंहल राजकुमार के साथ अपनी पुत्री का विवाह कर दिया था ?
  • A.कुलोत्तुंग-I
  • B.राजेन्द्र-I
  • C.अधिराजेन्द्र
  • D.राजाधिराज
Answer: कुलोत्तुंग प्रथम ने श्रीलंका के प्रति एक मैत्रीपूर्ण नीति अपनाई, उसे स्वतंत्रता दी और अपनी पुत्री का विवाह सिंहल राजकुमार वीरप्पेरुमाल से कर दिया।
80. गंगैकोण्डचोलपुरम का शिवमंदिर का निर्माण किसके समय में हुआ ?
  • A.राजराजा ।
  • B.राजेन्द्र ।
  • C.परांतक ।
  • D.इनमें से कोई नहीं
Answer: राजेंद्र प्रथम ने अपनी गंगा घाटी की विजय के उपलक्ष्य में 'गंगैकोण्डचोलपुरम' नामक नई राजधानी बसाई और वहाँ एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण करवाया।