दल-बदल विरोधी कानून
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1. निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा किसी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित सदस्य को दल-बदल करने से रोका गया है ?
Answer: 1985 में पारित 52वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से देश में 'दल-बदल विरोधी कानून' लागू किया गया। इसका उद्देश्य सांसदों और विधायकों द्वारा बार-बार दल बदलने की प्रवृत्ति को रोकना था।
2. दल-बदल निरोधक अधिनियम जिस तिथि को पारित हुआ, वह कौन - सी थी ?
Answer: दल-बदल निरोधक विधेयक को संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद 15 फरवरी, 1985 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई और यह कानून बन गया।
3. संसद का एक निर्दलीय सदस्य कितने समय के अंदर किसी राजनीतिक दल का सदस्य बन जाना चाहिए ताकि दल-बदल कानून अंतर्गत उसके विरुद्ध कोई कारवाई न हो सके ?
Answer: इस प्रश्न में एक विरोधाभास है। कानून के अनुसार, यदि कोई निर्दलीय (Independent) उम्मीदवार चुनाव जीतने के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होता है, तो वह अपनी सदस्यता खो देगा। उसके लिए कोई समय-सीमा नहीं है। हालांकि, मनोनीत सदस्य 6 महीने के भीतर किसी दल में शामिल हो सकता है।
4. दल-बदल विरोधी कानून (Anti Defection Law) से संविधान का कौन - सा संशोधन संबंधित है ?
Answer: 52वां संविधान संशोधन, 1985, दल-बदल विरोधी कानून से संबंधित है। इस संशोधन के माध्यम से संविधान में दसवीं अनुसूची को जोड़ा गया।
5. संविधान में जोड़ी गई 10वीं अनुसूची किससे संबंधित है ?
Answer: संविधान की दसवीं अनुसूची में दल-बदल के आधार पर संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
6. भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन - सी एक अनुसूची में दल-बदल विरोधी कानून विषय का प्रावधान है ?
Answer: दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधान भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में सूचीबद्ध हैं, जिसे 1985 में जोड़ा गया था।
7. सर्वोच्च न्यायालय ने दल-बदल कानून (52वां संविधान संशोधन) की किस धारा या पैरा को असंवैधानिक करार दिया है
Answer: किहोटो होलोहन मामले (1992) में, सर्वोच्च न्यायालय ने दसवीं अनुसूची के पैरा 7 को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। इस पैरा के अनुसार, अध्यक्ष के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती थी, जिसे न्यायालय ने रद्द कर दिया।
8. दल-बदल विरोधी अधिनियम के अंतर्गत भारतीय संविधान में किसी सदस्य की अयोग्यता अथवा योग्यता पर निर्णय करने का अधिकार किसको प्राप्त है ?
Answer: दल-बदल कानून के तहत किसी सदस्य की अयोग्यता पर निर्णय लेने का अधिकार सदन के पीठासीन अधिकारी (लोकसभा में अध्यक्ष और राज्यसभा में सभापति) को होता है।
9. निम्नलिखित संविधान संशोधन में से कौन संसद में पक्ष परिवर्तन करने से निषिद्ध करता है ?
Answer: 52वां संविधान संशोधन (1985) संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को एक राजनीतिक दल से दूसरे दल में जाने (पक्ष परिवर्तन) से रोकता है।
10. निम्नलिखित संविधान संशोधन में से कौन संसद में पक्ष परिवर्तन करने से निषिद्ध करता है ?
Answer: 52वां संविधान संशोधन (1985) संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को एक राजनीतिक दल से दूसरे दल में जाने (पक्ष परिवर्तन) से रोकता है।