विद्युत
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201. घरों में अर्थिंग का उद्देश्य है -
Answer: अर्थिंग का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षात्मक उपाय है जो किसी भी लीकेज करंट को जमीन में प्रवाहित करने के लिए एक कम प्रतिरोध वाला मार्ग प्रदान करता है, जिससे बिजली के झटके को रोका जा सके।
202. 10 ऐम्पियर की धारा के द्वारा एक घण्टे में स्थानांतरित आवेश की मात्रा है -
Answer: आवेश Q = धारा I × समय t। समय = 1 घंटा = 3600 सेकंड। Q = 10 A × 3600 s = 36000 C = 3.6 × 10⁴ कूलॉम।
203. सर्किट में लघु-सरकिटिंग (circuiting) तब होता है जब -
Answer: शॉर्ट सर्किट तब होता है जब लाइव तार और न्यूट्रल तार सीधे संपर्क में आ जाते हैं, जिससे परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है और अत्यधिक उच्च धारा प्रवाहित होने लगती है।
204. एक बल्ब को 220 वोल्ट के विद्युत स्रोत से जोड़ा जाता है। बहने वाली विद्युत धारा का मान 0.30 A है। बल्ब की शक्ति होगी-
Answer: शक्ति (P) = वोल्टेज (V) × धारा (I)। P = 220 V × 0.30 A = 66 वाट।
205. यदि 100 वाॅट का बल्ब 10 घंटे काम में लिया जाता है, तो बिजली की मात्रा की खपत होगी -
Answer: खपत हुई ऊर्जा = शक्ति × समय = 100 वाट × 10 घंटे = 1000 वाट-घंटे = 1 किलोवाट-घंटा (kWh), जो 1 यूनिट के बराबर है।
206. किसी विद्युत धारावाही सीधी लंबी परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र –
Answer: एक लंबी परिनालिका के अंदर, सिरों को छोड़कर, चुंबकीय क्षेत्र लगभग एकसमान और शक्तिशाली होता है।
207. एक विद्युत-फ्यूज तार की क्या विशेषताएँ होनी चाहिए -
Answer: फ्यूज तार का गलनांक निम्न होना चाहिए ताकि वह जल्दी पिघल सके, और विशिष्ट प्रतिरोध उच्च होना चाहिए ताकि वह धारा प्रवाह से जल्दी गर्म हो सके।
208. वह परिघटना जिसमें किसी एक चालक में बदलता हुआ चुम्बकीय क्षेत्र दूसरे चालक में प्रेरित धारा उत्पन्न करता है, कहलाती है -
Answer: यह विद्युतचुम्बकीय प्रेरण की परिभाषा है, जिसे माइकल फैराडे ने खोजा था। यह ट्रांसफार्मर और जनरेटर का आधार है।
209. निम्नंलिखित में से कौन सा तत्व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में अर्धचालक के रूप में प्रयोग किया जाता है -
Answer: सिलिकॉन सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला अर्धचालक पदार्थ है, जिसका उपयोग ट्रांजिस्टर, डायोड और एकीकृत सर्किट (चिप्स) बनाने के लिए किया जाता है।
210. निम्नलिखित में से किस घटना/कार्य में विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का उपयोग होता है -
Answer: जब एक परिनालिका से धारा प्रवाहित होती है, तो यह एक चुंबकीय क्षेत्र बनाती है (विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव)। इस क्षेत्र में कच्चे लोहे को रखने से प्रेरण द्वारा वह चुंबकित हो जाता है।