विद्युत
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141. किसी तार का प्रतिरोध निर्भर करता है -
Answer: किसी तार का प्रतिरोध उसकी लंबाई, अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल, पदार्थ की प्रकृति (प्रतिरोधकता) और तापमान, इन सभी कारकों पर निर्भर करता है।
142. निम्नलिखित पदार्थों में से कौन विद्युत् का चालक नहीं है?
Answer: हीरा कार्बन का एक अपरूप है जिसमें कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं, इसलिए यह विद्युत का कुचालक है। ग्रेफाइट, तांबा और चांदी सभी अच्छे विद्युत चालक हैं।
143. एक जनित्र में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा नियम उपयोग किया जाता है -
Answer: फ्लेमिंग का दाहिने हाथ का नियम एक जनरेटर (जनित्र) में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बाएं हाथ का नियम मोटर पर लगने वाले बल की दिशा के लिए है।
144. एक विद्युत फ्यूज निम्न में से किस सिद्धान्त पर कार्य करता है -
Answer: विद्युत फ्यूज धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित है। जब धारा का मान एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाता है, तो उत्पन्न ऊष्मा से फ्यूज तार पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है।
145. एक इलेक्ट्राॅन पर आवेश है -
Answer: एक इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक आवेश होता है, जिसका मान -1.602 x 10⁻¹⁹ कूलॉम होता है।
146. विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज की थी –
Answer: विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज 1831 में माइकल फैराडे ने की थी। यह सिद्धांत जनरेटर, ट्रांसफार्मर और कई अन्य उपकरणों का आधार है।
147. दिष्ट धारा की आवृत्ति है -
Answer: दिष्ट धारा (DC) समय के साथ अपनी दिशा नहीं बदलती है, इसलिए इसकी आवृत्ति शून्य (0 Hz) होती है। भारत में प्रत्यावर्ती धारा (AC) की आवृत्ति 50 Hz होती है।
148. निम्न में से किस युक्ति में विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदला जाता है -
Answer: विद्युत मोटर एक उपकरण है जो विद्युत ऊर्जा को ग्रहण करके उसे यांत्रिक ऊर्जा (घूर्णन) में परिवर्तित करती है।
149. निम्न सैलों में से किस सेल से निरन्तर व नियत धारा लम्बे समय के लिये प्राप्त नहीं की जा सकती है -
Answer: लैक्लांशे सेल में ध्रुवीकरण का दोष होता है, जिसके कारण इसका आंतरिक प्रतिरोध बढ़ जाता है और यह लंबे समय तक निरंतर धारा प्रदान नहीं कर पाता है।
150. यांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में परिवर्तीत करने वाली युक्ति है -
Answer: विद्युत जनित्र (जेनरेटर) एक ऐसी मशीन है जो यांत्रिक ऊर्जा (जैसे टरबाइन का घूमना) को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
151. विद्युत धारा की मात्रा को मापने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा यंत्र प्रयुक्त किया जा सकता है?
Answer: एमीटर का उपयोग किसी विद्युत परिपथ में बहने वाली धारा की मात्रा (एम्पीयर में) को मापने के लिए किया जाता है।
152. ओम का नियम लागू होता है -
Answer: ओम का नियम मुख्य रूप से धात्विक चालकों पर एक स्थिर तापमान पर लागू होता है। यह अर्धचालकों या इलेक्ट्रोलाइट्स पर पूरी तरह से लागू नहीं होता है।
153. घरों में विधुत संयोजन किस क्रम में होता है -
Answer: घरों में सभी उपकरण समानांतर क्रम में जोड़े जाते हैं ताकि प्रत्येक उपकरण को समान वोल्टेज मिले और उन्हें स्वतंत्र रूप से चालू या बंद किया जा सके।
154. घरों में अधिकतम 15 A धारा के लिए विद्युत वितरण परिपथ में, फ्यूज तार बना होता है -
Answer: एक सामान्य फ्यूज तार टिन और सीसे का मिश्र धातु होता है। 63% टिन और 37% सीसे का अनुपात एक यूटेक्टिक मिश्रण बनाता है जिसका गलनांक कम होता है, जो फ्यूज के लिए आदर्श है।
155. जो ठोस उच्च ताप पर विद्युत का वहन करते हैं परन्तु न्यूनताप नहीं, वे कहलाते हैं–
Answer: यह अर्धचालकों का एक विशिष्ट गुण है। कम तापमान पर वे कुचालक की तरह व्यवहार करते हैं, लेकिन तापमान बढ़ने पर उनकी चालकता बढ़ जाती है।
156. डायनेमो एक युक्ति है परिवर्तित करने की
Answer: डायनेमो, जिसे जनरेटर भी कहा जाता है, एक उपकरण है जो यांत्रिक ऊर्जा (घूर्णन) को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
157. विद्युत फिटिंग में तारों को भू-सम्पत्ति जाता है, क्योंकि -
Answer: अर्थिंग या भू-संपर्कन का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षात्मक उपाय प्रदान करना है। किसी खराबी की स्थिति में, यह अतिरिक्त धारा को सुरक्षित रूप से पृथ्वी में प्रवाहित करने के लिए एक कम प्रतिरोध वाला मार्ग प्रदान करता है।
158. फ्यूज तार का गलनांक होता है -
Answer: फ्यूज तार का गलनांक जानबूझकर कम (न्यून) रखा जाता है ताकि जब परिपथ में धारा का मान सुरक्षित सीमा से अधिक हो तो यह पिघलकर परिपथ को तोड़ सके।
159. किसी सैल का विद्युतवाहक बल -
Answer: विद्युत वाहक बल (EMF) किसी सेल के दो टर्मिनलों के बीच का अधिकतम संभावित विभवांतर है जब सेल से कोई धारा प्रवाहित नहीं हो रही हो (यानी, जब परिपथ खुला हो)।
160. घरेलू विद्युत युक्तियों को इस प्रकार संयोजित किया है, जिससे -
Answer: घरेलू उपकरणों को समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है ताकि प्रत्येक उपकरण को स्रोत से समान वोल्टेज (जैसे भारत में 220V) प्राप्त हो सके।