विद्युत
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161. 1 किलोवाट घंटा बराबर है :
Answer: 1 kWh = 1 किलोवाट × 1 घंटा = 1000 वाट × 3600 सेकंड = 3,600,000 जूल = 3.6 × 10⁶ जूल।
162. विद्युत टेस्टर में कौन-सा लैम्प सूचक के रूप में उपयोग किया जाता है -
Answer: विद्युत टेस्टर में एक छोटा नियॉन लैंप होता है, जिसे बहुत कम धारा की आवश्यकता होती है। जब टेस्टर की नोक एक 'लाइव' तार को छूती है, तो हमारे शरीर के माध्यम से बहुत कम धारा प्रवाहित होती है और लैंप जल उठता है।
163. एक विद्युत जनित्र निम्नलिखित सिद्धान्त पर आधारित है -
Answer: विद्युत जनित्र (जेनरेटर) माइकल फैराडे द्वारा खोजे गए विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर काम करता है।
164. 1 हार्स पॉवर (एचपी) क्या है -
Answer: हॉर्स पावर (HP) शक्ति की एक इकाई है, और 1 हॉर्स पावर लगभग 746 वाट के बराबर होता है।
165. निम्नलिखित में से कौन सी युक्ति यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है?
Answer: विद्युत जनरेटर (जनित्र) वह उपकरण है जो यांत्रिक ऊर्जा (जैसे घूमना) को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
166. एक विद्युत जनित्र निम्नलिखित सिद्धान्त पर आधारित है -
Answer: विद्युत जनरेटर का कार्य सिद्धांत विद्युत चुम्बकीय प्रेरण है, जिसके अनुसार जब एक चुंबकीय क्षेत्र में एक चालक घूमता है तो उसमें विद्युत धारा प्रेरित होती है।
167. विधुत लेपन में विधुत धारा के किस प्रभाव का प्रयोग किया जाता है -
Answer: विद्युत लेपन (Electroplating) विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव का एक अनुप्रयोग है। इसमें एक धातु की परत को दूसरी धातु पर चढ़ाने के लिए विद्युत अपघटन का उपयोग किया जाता है।
168. एक प्रत्यावर्ती धारा की विधुत मोटर में, कुण्डली में धारा की दिशा एक बार बदलती है कुण्डली के हर
Answer: एक मोटर को लगातार एक ही दिशा में घुमाने के लिए, कुंडली में धारा की दिशा को प्रत्येक आधे चक्कर के बाद बदलना पड़ता है। यह कार्य AC मोटर में स्वाभाविक रूप से होता है और DC मोटर में कम्यूटेटर द्वारा किया जाता है।
169. विद्युत जनित्र किस सिद्धांत पर कार्य करता है -
Answer: विद्युत जनरेटर (जनित्र) विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसे फैराडे ने खोजा था।
170. घरों में बल्ब, पंखे आदि लगे होते है -
Answer: घरेलू वायरिंग में उपकरण समानांतर क्रम में जुड़े होते हैं ताकि सभी को समान वोल्टेज मिले और वे एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।
171. विद्युत विभव का S.I. मात्रक है -
Answer: विद्युत विभव का SI मात्रक वोल्ट (V) है, जिसे जूल प्रति कूलॉम के रूप में भी परिभाषित किया गया है।
172. यदि संधारित्र की प्लेटों के बीच की वायु को अभ्रक, जिसका परावैद्युत नियतांक 4 है, से बदल दिया जाये तो, संधारित्र की धारिता -
Answer: संधारित्र की धारिता (C) परावैद्युत नियतांक (K) के समानुपाती होती है। जब वायु (K≈1) को अभ्रक (K=4) से बदला जाता है, तो नई धारिता 4 गुना बढ़ जाएगी।
173. किसी कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा का पता लगाया जाता है -
Answer: फ्लेमिंग का दाहिने हाथ (दक्षिण-हस्त) का नियम एक जनरेटर में प्रेरित धारा की दिशा निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
174. एक कूलाम आवेश में कितने इलेक्ट्रान होते हैं -
Answer: इलेक्ट्रॉनों की संख्या = कुल आवेश / एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1 C / (1.6 x 10⁻¹⁹ C) ≈ 6.25 x 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन।
175. बिजली की खपत का बिल किसके मापन पर आधारित होता है-1. वाटेज 2. वोल्टेज 3. ओम 4. एम्पीयर
Answer: बिजली की खपत (ऊर्जा) = शक्ति (वाटेज) × समय। इसलिए, बिल मूल रूप से उपकरण की वाटेज और वह कितने समय तक चला, इस पर आधारित होता है।
176. भारत में घरों में आपूर्ति की जाने वाली प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति है : (निम्न में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: भारत में घरेलू उपयोग के लिए मानक प्रत्यावर्ती धारा (AC) की आवृत्ति 50 हर्ट्ज (Hz) है, जिसका अर्थ है कि धारा प्रति सेकंड 50 बार अपनी दिशा बदलती है।
177. इलेक्ट्रिक आवेश के प्रवाह की दर का मात्रक है -
Answer: विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं, और इसका मात्रक एम्पीयर (A) है।
178. एक प्रत्यावर्ती धारा जनित्र और दिष्ट धारा जनित्र में महत्वपूर्ण अन्तर है -
Answer: AC और DC जनरेटर के बीच मुख्य संरचनात्मक अंतर आउटपुट प्राप्त करने की व्यवस्था है। AC जनरेटर में स्लिप रिंग (सर्पी वलय) होते हैं, जबकि DC जनरेटर में स्प्लिट-रिंग कम्यूटेटर (दिक्परिवर्तक) होता है जो धारा की दिशा को एकदिशीय बनाता है।
179. एक घरेलू परिपथ में सभी युक्तियों को जोड़ा जाता है -
Answer: घरेलू परिपथ में सभी उपकरणों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है ताकि सभी को समान वोल्टेज मिले और वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।
180. सेकेण्डरी सैल वह होते हैं -
Answer: द्वितीयक (सेकेंडरी) सेल रिचार्जेबल होते हैं, अर्थात उन्हें डिस्चार्ज होने के बाद फिर से चार्ज करके उपयोग किया जा सकता है, जैसे मोबाइल फोन की बैटरी।