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राजस्थान में मरुस्थलीकरण

राजस्थान में मरुस्थलीकरण के कारणों, प्रभावों और इसे रोकने के उपायों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान में मरुस्थलीकरण
11. मरूस्थल वृक्षारोपण तथा अनुसंधान केन्द्र खोला गया -
  • A. बीकानेर
  • B. जोधपुर
  • C. बाड़मेर
  • D. हनुमानगढ़
Answer: मरुस्थल वृक्षारोपण तथा अनुसंधान केंद्र की स्थापना 1952 में जोधपुर में की गई थी, जिसे बाद में 1959 में केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) के रूप में उन्नत किया गया।
12. सहसा मूदसा क्या है -
  • A. सन् 1899 में पड़े अकाल का नाम
  • B. सन् 1842-43 में पड़े अकाल का नाम
  • C. सन् 1987-88 में पड़े अकाल का नाम
  • D. सन् 1949 में पड़े अकाल का नाम
Answer: 'सहसा मूदसा' 1842-43 में पड़े भयंकर अकाल को दिया गया स्थानीय नाम है, जो राजस्थान के इतिहास के प्रमुख अकालों में से एक है।
13. कौन से कार्यक्रमों का अकाल – राहत से सीधा संबंध है -
  • A. मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम और सूखा संभाव्य क्षेत्रीय कार्यक्रम दोनों
  • B. मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम
  • C. सूखा संभाव्य क्षेत्रीय कार्यक्रम
  • D. नरेगा
Answer: मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम (DDP) और सूखा संभाव्य क्षेत्रीय कार्यक्रम (DPAP) दोनों ही विशेष रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सूखे के प्रभाव को कम करने और अकाल राहत प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं।
14. अकाल के लिए प्रसिद्ध दोहे में ‘पग पूंगल’ के नाम से राजस्थान के कौनसे जिले की ओर संकेत किया गया है -
  • A. गंगानगर
  • B. बीकानेर
  • C. जोधपुर
  • D. नागौर
Answer: प्रसिद्ध राजस्थानी कहावत 'पग पूगल, धड़ कोटड़े, बाहू बाड़मेर' में 'पग पूगल' का अर्थ है कि अकाल के पैर हमेशा पूगल क्षेत्र में रहते हैं, जो बीकानेर जिले में स्थित है। यह इस क्षेत्र में अकाल की निरंतरता को दर्शाता है।
15. ‘भारत के मरूस्थलीकरण एवं भूअवनयन एटलस(इसरो-2021)’ के अनुसार राजस्थान में मरूस्थलीकरण से प्रभावित क्षेत्र है -
  • A. 70 प्रतिशत
  • B. 67 प्रतिशत
  • C. 65 प्रतिशत
  • D. 62 प्रतिशत
Answer: इसरो द्वारा 2021 में जारी एटलस के अनुसार, राजस्थान का लगभग 62% क्षेत्र मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण की विभिन्न प्रक्रियाओं से प्रभावित है, जो देश में सर्वाधिक है।
16. मरुस्थलीय क्षेत्र में मिट्टी के अपरदन को रोकने के लिये क्या किया जाना चाहिये -
  • A. फसलों के हेर-फेर को अपनाना
  • B. वृक्षों की पट्टी लगाना
  • C. खेतों में मेड़बंदी करना
  • D. चरागाहों को विकसित करना
Answer: मरुस्थलीय क्षेत्रों में मिट्टी का अपरदन मुख्य रूप से तेज हवाओं से होता है। वृक्षों की पट्टी (शेल्टरबेल्ट) लगाना हवा की गति को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है, जिससे पवन अपरदन रुकता है।
17. राजस्थान राज्य में विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से जिला गरीबी उन्मूलन योजना किस वर्ष प्रारम्भ हुई -
  • A. 2002
  • B. 2001
  • C. 2000
  • D. 1999
Answer: जिला गरीबी उन्मूलन योजना (DPIP) राजस्थान में विश्व बैंक की सहायता से वर्ष 2000 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना था।
18. ‘सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम’ (डी.पी.ए.पी.), का आरम्भ राजस्थान में किस वर्ष से किया गया था -
  • A. 2009- 2010
  • B. 1980 - 1981
  • C. 1971 - 1972
  • D. 1974 - 1975
Answer: सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) देश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में मिट्टी और नमी संरक्षण, जल संसाधन विकास और वनीकरण के माध्यम से सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए 1974-75 में शुरू किया गया था।
19. मरू विकास बोर्ड की स्थापना किस वर्ष में हुई थी -
  • A. 1967
  • B. 1968
  • C. 1969
  • D. 1966
Answer: राजस्थान में मरुस्थलीय क्षेत्रों के नियोजित विकास और समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा 1966 में मरू विकास बोर्ड का गठन किया गया था।
20. राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में सूखे की बारंबारता 8 वर्ष में एक बार है -
  • A. भरतपुर
  • B. सिरोही
  • C. कोटा
  • D. झालावाड़
Answer: राजस्थान के पूर्वी जिलों में पश्चिमी जिलों की तुलना में सूखे की आवृत्ति कम होती है। दिए गए विकल्पों में, भरतपुर में सूखे की संभावना लगभग हर 8 साल में एक बार होती है।