राजस्थान में मरुस्थलीकरण
TOPICS ▾
भौतिक विशेषताएं
राजस्थान का भौतिक स्वरूप
राजस्थान की जलवायु
राजस्थान की झीलें
राजस्थान की नदियां
राजस्थान की मिट्टियाँ
राजस्थान की सिंचाई परियोजनाएँ
राजस्थान की सीमाएं
राजस्थान के ऊर्जा संसाधन
राजस्थान के पर्यटन स्थल
राजस्थान के प्रमुख अनुसंधान केन्द्र
राजस्थान में कृषि
राजस्थान में परंपरागत जल प्रबंधन
राजस्थान में परिवहन
राजस्थान में पशुपालन
राजस्थान में मरुस्थलीकरण
राजस्थान में वन
राजस्थान में वन्यजीव
राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
SORT BY ▾
21. राजस्थान में रेगिस्तान के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/कौन से सही हैं? नीचे दिए गए कथनों में से सही विकल्प का चयन करें:1. उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम हवा की दिशा के कारण राजस्थान में मरुस्थलीकरण की प्रवृत्ति अधिक रही है।2. थार रेगिस्तान एक मानसून संचालित रेगिस्तान है जहाँ हवा का कटाव एक बड़ी समस्या है। गर्मियों के दौरान जहां अरावली पर्वतमाला रेगिस्तान के प्रसार में एक बड़ी बाधा है, वहीं बड़े पैमाने पर खनन से पर्वतमाला में कटौती रेगिस्तान के प्रसार को बढ़ावा देती है।
Answer: पहला कथन हवा की दिशा (दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व) को गलत बताता है, लेकिन मरुस्थलीकरण की प्रवृत्ति सही है। दूसरा कथन पूरी तरह सही है, क्योंकि अरावली एक बाधा है और उसमें खनन से बने गैप रेगिस्तान को फैलने में मदद करते हैं। संदर्भ को देखते हुए, दोनों कथनों को सही माना गया है।
22. राजस्थान में मरूस्थलीकरण की सबसे प्रभावी प्रक्रिया कौन सी है -
Answer: राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कम वनस्पति और ढीली मिट्टी के कारण, तेज हवाएं मिट्टी के कटाव (पवन अपरदन) का सबसे प्रमुख और प्रभावी कारण हैं, जो मरुस्थलीकरण को तेजी से बढ़ाती हैं।
23. त्रिकाल का सम्बंध है -
Answer: अकाल की सबसे गंभीर स्थिति 'त्रिकाल' कहलाती है, जिसमें तीन चीजों की एक साथ कमी हो जाती है: पशुओं के लिए चारा, मनुष्यों के लिए भोजन (अन्न), और पीने के लिए जल।
24. निम्न में से किस जिले के समूह में सूखे की संभावना सर्वाधिक है -
Answer: ये सभी जिले पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल का हिस्सा हैं, जहाँ वर्षा बहुत कम और अनियमित होती है। इसलिए, इन जिलों में सूखे की संभावना राज्य के अन्य भागों की तुलना में सबसे अधिक है।
25. वायुमण्डलीय आपदा कौन-सी नहीं है -
Answer: सूखा, तुषार (पाला) और टॉरनेडो वायुमंडलीय घटनाओं के परिणाम हैं। तूफान महोर्मि (Storm Surge) एक तटीय घटना है जिसमें समुद्र का जल स्तर तूफान के कारण बढ़ जाता है, इसलिए यह एक समुद्री या जलीय आपदा है।
26. निम्न में से कौन सा राजस्थान में मरूस्थलीकरण का कारण नहीं है -
Answer: अतिचारण, वनोन्मूलन (पेड़ों की कटाई) और जनसंख्या का दबाव भूमि पर बोझ डालकर मरुस्थलीकरण को बढ़ाते हैं। जबकि सौर ऊर्जा उत्पादन एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है और यह मरुस्थलीकरण का कारण नहीं बनता, बल्कि बंजर भूमि का एक उत्पादक उपयोग है।
27. थार मरूस्थल की वनस्पति पर लिखित महत्वपूर्ण पुस्तक ‘फ्लोरा आॅफ द इंडियन डेजर्ट’ के लेखक हैं -
Answer: प्रोफेसर एम.एम. भंडारी एक प्रसिद्ध वनस्पतिशास्त्री थे, और 'फ्लोरा ऑफ द इंडियन डेजर्ट' भारतीय मरुस्थल के पौधों पर उनके द्वारा लिखा गया एक आधिकारिक और महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
28. निम्न में से कौन-सा मरुस्थलीकरण का एक मुख्य कारण नहीं है -
Answer: अतिचारण, वनविदोहन (वनों का विनाश), और भूमि प्रदूषण सीधे तौर पर भूमि की गुणवत्ता को खराब करते हैं और उसे बंजर बनाते हैं। जल प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है, लेकिन यह मरुस्थलीकरण का सीधा या मुख्य कारण नहीं है।
29. मरुस्थलीकरण से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र _____ राजस्थान है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: राजस्थान का पश्चिमी भाग, जिसमें थार का मरुस्थल स्थित है, राज्य का सबसे शुष्क क्षेत्र है। कम वर्षा, उच्च तापमान और रेतीली मिट्टी के कारण यह क्षेत्र मरुस्थलीकरण से सबसे अधिक प्रभावित है।
30. निम्न में से कौन सा सम्मेलन मरूस्थलीकरण की रोकथाम के लिए कार्य करता है -
Answer: UNCCD (United Nations Convention to Combat Desertification) यानी 'मरुस्थलीकरण की रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' एकमात्र अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो पर्यावरण और विकास को स्थायी भूमि प्रबंधन से जोड़ता है और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए समर्पित है।
31. दीर्घकालीन अकालग्रस्त क्षेत्र के अंतर्गत राजस्थान के निम्नांकित जिलों के समूह में कौन सा सही है -
Answer: दिए गए विकल्पों में से, श्रीगंगानगर, पाली और चूरू जिलों का समूह ऐतिहासिक रूप से और भौगोलिक रूप से दीर्घकालीन अकाल और सूखे की स्थिति का सामना करता रहा है।
32. निम्नांकित में से राजस्थान में मरूस्थलीकरण का प्रमुख कारण कौनसा नहीं है -
Answer: नमी की कमी, अति पशुचारण और नगरीकरण मरुस्थलीकरण को बढ़ावा देते हैं। शुष्क कृषि (Dry Farming) तो मरुस्थलीकरण का कारण नहीं, बल्कि कम पानी वाले क्षेत्रों में खेती करने की एक तकनीक है, जो एक तरह का समाधान है।
33. बंजड़ भूमि में रतनजोत व अन्य समकक्ष तेलीय पौधों की खेती के द्वारा बायो-फ्यूल के उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए बायो- फ्यूल मिशन का गठन किसकी अध्यक्षता में किया गया-
Answer: राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण और विभिन्न विभागों से जुड़े मिशनों का गठन आमतौर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया जाता है ताकि नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। बायो-फ्यूल मिशन भी इसी के अंतर्गत आता है।
34. निम्नलिखित में से कौन से कारक राजस्थान में मरूस्थलीकरण के लिये उत्तरदायी हैं -अ. वनों की कटाईब. अति पशुचारणस. बूंद-बूंद सिंचाईद. मृदा अपरदनकूट
Answer: वनों की कटाई, अति पशुचारण और मृदा अपरदन, ये तीनों कारक भूमि की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं और मरुस्थलीकरण को बढ़ावा देते हैं। बूंद-बूंद सिंचाई जल संरक्षण की एक विधि है जो मरुस्थलीकरण को रोकने में मदद करती है, न कि उसका कारण बनती है।
35. ‘मरूस्थल विकास कार्यक्रम’ में केंद्र और राज्य के वित्तीय अंशदानों का अनुपात है -
Answer: यह एक केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है। 1 अप्रैल 1999 के बाद से, इस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा 75% और संबंधित राज्य सरकार द्वारा 25% प्रदान की जाती है।
36. कॉम्बेटिंग डेज़र्टिफिकेशन परियोजना ( मरुस्थलीकरण संघर्ष परियोजना (C. D. P .) ) को किस वर्ष में चालू किया गया -
Answer: मरुस्थलीकरण संघर्ष परियोजना (Combating Desertification Project) राजस्थान में मरुस्थलीकरण की समस्या से निपटने के लिए वर्ष 1999 में शुरू की गई थी।
37. मरू विकास कार्यक्रम(डी.डी.पी.) लागू किया गया -
Answer: मरु विकास कार्यक्रम (Desert Development Programme - DDP) की शुरुआत मरुस्थलीकरण को नियंत्रित करने और मरुस्थलीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वित्तीय वर्ष 1977-78 में की गई थी।
38. राजस्थान में बार-बार अकाल क्यों पड़ते हैं ? निम्न में से कौन-सा कारण यहां प्रासंगिक नहीं है -
Answer: बारिश की कमी, मृदा अपरदन और जल प्रबंधन की कमी अकाल के मुख्य और प्रत्यक्ष कारण हैं। 'फसलों का गलत प्रारूप' एक सहायक कारक हो सकता है जो स्थिति को खराब करता है, लेकिन यह अकाल का मूल या सबसे प्रासंगिक कारण नहीं है।
39. ‘सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम’ किस वित्तीय वर्ष में प्रारंभ हुआ था -
Answer: सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) को देश के सूखा-प्रवण क्षेत्रों में सूखे के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से 1974-75 में शुरू किया गया था।
40. राजस्थान के लिए कहावत अकाल से संबंधित है जा ‘तीजो कुरियो, आठवों काल’। इसमें ‘कुरियो’ का क्या अर्थ है -
Answer: इस राजस्थानी कहावत का अर्थ है कि हर तीसरे वर्ष अर्द्ध-अकाल ('कुरियो') और हर आठवें वर्ष पूर्ण अकाल ('काल') पड़ता है। यह क्षेत्र में सूखे की उच्च आवृत्ति को दर्शाता है।