यांत्रिकी
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QUESTION 81
पास्कल इकाई है
Answer: पास्कल (Pa) दाब (pressure) की SI इकाई है। यह एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²) के बराबर होता है।
QUESTION 82
कोई साइकिल सवार किस मोड़ में घूमता है तो वह-
Answer: मोड़ पर घूमने के लिए आवश्यक अभिकेंद्रीय बल प्राप्त करने और अपने गुरुत्वाकर्षण केंद्र को संतुलित करने के लिए साइकिल सवार मोड़ के अंदर की ओर झुकता है ताकि वह गिरे नहीं।
QUESTION 83
निम्नलिखित में से कौन-सी अविमीय राशि है ?
Answer: विकृति (Strain) लंबाई में परिवर्तन और मूल लंबाई का अनुपात है। चूंकि यह दो समान राशियों का अनुपात है, इसकी कोई विमा (dimension) नहीं होती है।
QUESTION 84
समतल की अपेक्षा पर्वतों पर साँस लेनाक्यों कठिन होता है?
Answer: ऊंचाई पर वायुमंडलीय दाब कम होता है, जिससे हवा विरल हो जाती है। इसका मतलब है कि प्रत्येक सांस में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, जिससे शरीर की ऑक्सीजन की आवश्यकता पूरी करने में कठिनाई होती है।
QUESTION 85
निम्नलिखित में से किसकी इकाई न्यूटन मीटर नही है
Answer: न्यूटन-मीटर (जिसे जूल भी कहते हैं) कार्य और ऊर्जा की इकाई है। बल की इकाई केवल न्यूटन है।
QUESTION 86
यंग प्रत्यास्थायता गुणांक का SI मात्रक है
Answer: यंग प्रत्यास्थता गुणांक प्रतिबल और विकृति का अनुपात है। प्रतिबल का मात्रक न्यूटन/मीटर² होता है और विकृति का कोई मात्रक नहीं होता, इसलिए यंग गुणांक का मात्रक भी न्यूटन/मीटर² होता है।
QUESTION 87
SI पद्धति में लेंस की शक्ति की इकाई क्या है
Answer: लेंस की शक्ति को उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रम के रूप में मापा जाता है और इसकी SI इकाई डायोप्टर (Dioptre) है।
QUESTION 88
एक ऊँची ईमारत से एक गेंद 9.8 मी०/सेकंड² के एक समान त्वरण के साथ गिराई जाती है 3 सेकंड के बाद उसका वेग क्या होगा
Answer: गति के समीकरण (v = u + at) के अनुसार, जहाँ प्रारंभिक वेग (u) 0 है, त्वरण (a) 9.8 m/s² है, और समय (t) 3 सेकंड है। वेग (v) = 0 + (9.8 × 3) = 29.4 मी/से।
QUESTION 89
साबुन द्वारा निर्मलन का क्या सिद्धांत है
Answer: साबुन पानी के पृष्ठ तनाव को कम कर देता है, जिससे पानी कपड़ों के रेशों में गहराई तक प्रवेश कर पाता है और गंदगी और तेल को आसानी से निकाल देता है।
QUESTION 90
सूर्य की उर्जा उत्पन्न होती है
Answer: सूर्य में, अत्यधिक दाब और ताप के कारण हाइड्रोजन के परमाणु मिलकर हीलियम बनाते हैं। इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं, जिसमें अपार ऊर्जा उत्पन्न होती है।