मेवाड़ का गुहिल वंश
TOPICS ▾
आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
SORT BY ▾
111. मेवाड़ का आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ‘मेवाड़ का कीका’ नाम से किसे पुकारथा था -
Answer: भील जनजाति के लोग छोटे बच्चों को 'कीका' कहते थे, और वे महाराणा प्रताप को इसी नाम से संबोधित करते थे।
112. निम्नलिखित में से कौन सिसोदिया वंश के पूर्वज बने थे -
Answer: सिसोदा गांव के जागीरदार होने के कारण राणा हम्मीर और उनके वंशज 'सिसोदिया' कहलाए।
113. मेवाड़ राज घराने के अन्त्येष्टि स्थल का नाम क्या है -
Answer: आहड़ में स्थित महासतिया मेवाड़ के महाराणाओं का शाही श्मशान स्थल है।
114. मेवाड़ के किस राजा के शासनकाल में जाबर में चांदी की खान निकली -
Answer: राणा लाखा के समय जावर में चांदी की खान मिलने से मेवाड़ की आर्थिक समृद्धि बढ़ी।
115. राजगुरू, दानगुरू, हालगुरू एवं परमगुरू नामक उपाधियां किस शासक की थी -
Answer: महाराणा कुंभा को उनकी विभिन्न योग्यताओं के कारण राजगुरू, दानगुरू, हालगुरू और परमगुरू जैसी उपाधियाँ दी गई थीं।
116. महाराण प्रताप का राज्याभिषेक हुआ था -
Answer: महाराणा प्रताप का पहला राज्याभिषेक 1572 में गोगुन्दा में हुआ था।
117. अलाउद्दीन खिलजी और मेवाड़ वासियों के बीच चित्तौड़गढ़ की घेराबंदी किस वर्ष हुई थी -
Answer: अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 में चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण कर उसे घेर लिया था।
118. महाराणा प्रताप के किस सौतेले भाई को अकबर ने जहाजपुर की जागीर प्रदान की थी -
Answer: अकबर ने महाराणा प्रताप के भाई जगमाल सिंह को अपनी तरफ करने के लिए जहाजपुर की जागीर दी थी।
119. महाराणा प्रताप के पास अकबर द्वारा विभिन्न मुगल अधिकारियों के नेतृत्व में भेजे गए शिष्टमण्डलों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करिए तथा नीचे दिये गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए-A. भगवानदास B. मानसिंह C. टोडरमल D. जलाल खाँकूट:
Answer: अकबर द्वारा भेजे गए दूतों का सही क्रम है: जलाल खां, मानसिंह, भगवानदास, और टोडरमल (J-M-B-T)।
120. ‘सूड़ प्रबन्ध’ के लेखक हैं -
Answer: 'सूड प्रबंध' महाराणा कुंभा द्वारा रचित एक संगीत ग्रंथ है।