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1. कारखानों अथवा खानों में कोई व्यक्ति नियुक्त नहीं किया जा सकता जब तक उसकी आयु कम-से-कम -
Answer: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 24 (शोषण के विरुद्ध अधिकार) स्पष्ट रूप से कहता है कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को किसी कारखाने, खान या अन्य किसी जोखिम भरे काम में नियुक्त नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान बाल श्रम को रोकने और बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए है।
2. न्यायालय द्वारा जारी किये गये परमादेश (Mandamus) के माध्यम से न्यायालय -
Answer: परमादेश (Mandamus) का शाब्दिक अर्थ है 'हम आदेश देते हैं'। यह एक न्यायिक रिट है जिसे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किसी सार्वजनिक अधिकारी, संस्था या निचली अदालत को उनके सार्वजनिक कर्तव्यों का पालन करने का आदेश देने के लिए जारी किया जाता है, जिन्हें वे करने में विफल रहे हैं।
3. भारत में मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में निम्न व्यक्तव्यों पर विचार कीजिये 1. यह राज्य कृति के विरुद्ध एक गारंटी हैं 2. यह संविधान के भाग iii में सूचित हैं 3. ये सामाजिक आर्थिक और राजनितिक न्याय सुनिश्चित करते हैं 4. यह USA में अधिकारों के बिल की भांति नहीं हैं अब नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए---
Answer: कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि मौलिक अधिकार राज्य की शक्तियों को सीमित करते हैं और संविधान के भाग III में वर्णित हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि सामाजिक-आर्थिक न्याय मुख्य रूप से नीति निदेशक तत्वों (भाग IV) का लक्ष्य है। कथन 4 गलत है क्योंकि भारत के मौलिक अधिकार USA के बिल ऑफ राइट्स से प्रेरित हैं।
4. भारतीय संविधान के भाग III में कुल कितने अनुच्छेदों में मूल अधिकारों का वर्णन है ?
Answer: संविधान का भाग III अनुच्छेद 12 से 35 तक फैला हुआ है। यदि हम इन सभी अनुच्छेदों को गिनें ((35 - 12) + 1), तो कुल संख्या 24 होती है। इनमें से, वास्तविक अधिकार मुख्य रूप से अनुच्छेद 14 से 32 तक हैं।
5. मौलिक अधिकारों के बारे में सुनवाई करने का अधिकार निम्न को प्रदान किया जाता है -
Answer: संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत, सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का संरक्षक बनाया गया है और उन्हें लागू करने के लिए रिट जारी करने का अधिकार है। हालांकि, अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों को भी यह अधिकार प्राप्त है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का प्राथमिक संरक्षक माना जाता है।
6. मूल अधिकारों को सर्वप्रथम किस देश में संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई ?
Answer: संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1791 में अपने संविधान में 'बिल ऑफ राइट्स' को शामिल किया, जो नागरिकों के मूल अधिकारों की पहली संवैधानिक गारंटी थी। भारत सहित कई देशों ने अपने संविधानों में मौलिक अधिकारों को शामिल करने के लिए इससे प्रेरणा ली।
7. मूल अधिकारों पर आवश्यक प्रतिबन्ध लगाने का अधिकार किसको है ?
Answer: मौलिक अधिकार असीमित नहीं हैं। देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता आदि के आधार पर संसद कानून बनाकर इन पर युक्तियुक्त (reasonable) प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि, इन प्रतिबंधों की वैधता की जांच न्यायपालिका कर सकती है।
8. भारत के संविधान में मौलिक अधिकार -
Answer: मौलिक अधिकार भारतीय संविधान के निर्माण के समय से ही इसका एक अभिन्न अंग थे। उन्हें संविधान के भाग III में शामिल किया गया था, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
9. भारतीय संविधान के अनुसार सम्पत्ति का अधिकार क्या है ?
Answer: मूल रूप से संपत्ति का अधिकार एक मौलिक अधिकार था (अनुच्छेद 31)। लेकिन 44वें संविधान संशोधन, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया और अनुच्छेद 300-A के तहत एक विधिक या कानूनी अधिकार बना दिया गया।
10. 44वें संविधान संशोधन विधेयक द्वारा किस मौलिक अधिकार को सामान्य वैधानिक अधिकार बना दिया गया ?
Answer: 1978 में हुए 44वें संविधान संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31) से हटाकर संविधान के भाग XII में अनुच्छेद 300-A के तहत एक सामान्य कानूनी अधिकार के रूप में स्थापित किया।
11. भारतीय संविधान की छुआछूत उन्मूलन से संबंधित अनुच्छेद है -
Answer: संविधान का अनुच्छेद 17 'अस्पृश्यता' (छुआछूत) का अंत करता है और किसी भी रूप में इसके अभ्यास को प्रतिबंधित करता है। अस्पृश्यता से उत्पन्न किसी भी अक्षमता को लागू करना कानून के अनुसार एक दंडनीय अपराध है।
12. निम्नलिखित में से कौन - सा मूल अधिकार विदेशी नागरिकों को प्राप्त नहीं है ?
Answer: अनुच्छेद 19 के तहत दिए गए अधिकार, जिसमें भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है, केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं। विधि के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14), प्राण और दैहिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 21), और शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24) नागरिकों और विदेशियों दोनों को प्राप्त हैं।
13. भारतीय संविधान के निम्नलिखित अनुच्छेदों में से कौन विधायन सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण लगाता है ?
Answer: अनुच्छेद 14 'विधि के समक्ष समता' और 'विधियों का समान संरक्षण' प्रदान करता है। इसका मतलब है कि राज्य किसी भी व्यक्ति के साथ मनमाने ढंग से व्यवहार नहीं कर सकता और सभी पर कानून समान रूप से लागू होगा। यह विधायिका को मनमाना कानून बनाने से रोकता है, इस प्रकार उस पर पूर्ण नियंत्रण लगाता है।
14. किसी अर्द्ध न्यायिक/सार्वजनिक अधिकारी को अपनी अनिवार्य कर्तव्य के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई रिट होती है -
Answer: परमादेश (Mandamus) रिट का उपयोग किसी भी सार्वजनिक या अर्ध-न्यायिक अधिकारी को उनके कानूनी और अनिवार्य कर्तव्य का पालन करने का आदेश देने के लिए किया जाता है, जिसे वे करने से इनकार कर रहे हैं।
15. बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habecus Corpus) के अतिरिक्त निम्नलिखित में से किस याचिका को उच्च न्यायालय जारी कर सकता है ?
Answer: अनुच्छेद 226 के तहत, उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों को लागू करने के लिए सभी पांच प्रकार की रिट जारी करने का अधिकार है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा, और प्रतिषेध।
16. संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा सिखों द्वारा कृपाण धारण करना धार्मिक स्वतंत्रता का अंग माना गया है -
Answer: अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इसी अनुच्छेद में स्पष्टीकरण I के तहत, कृपाण धारण करना और लेकर चलना सिख धर्म के पालन का एक अंग माना गया है।
17. वह रिट (writ) जो भारत में उच्चतम न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति या सार्वजनिक संस्था का आदेश देती है कि वह अपने कर्तव्य का पालन करे, क्या कहलाती है ?
Answer: यह परमादेश (Mandamus) रिट की परिभाषा है। इसका शाब्दिक अर्थ है 'हम आदेश देते हैं' और यह किसी सार्वजनिक निकाय को अपना कर्तव्य निभाने के लिए मजबूर करती है।
18. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में संवैधानिक उपचारों का अधिकार दिया गया है ?
Answer: अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार प्रदान करता है। यह नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है। डॉ. अम्बेडकर ने इसे 'संविधान का हृदय और आत्मा' कहा था।
19. 14 वर्ष से कम आयु के बहुत से गरीब बच्चे पटाखे बनाने वाले कारखाने में काम करते हैं | इन कारखानों में बच्चों को काम देने से किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है ?
Answer: यह शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24) का स्पष्ट उल्लंघन है। विशेष रूप से, अनुच्छेद 24 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पटाखे बनाने जैसे खतरनाक व्यवसायों में नियोजित करने पर रोक लगाता है।
20. चेन्नई राज्य बनाम चम्पकम दोरायराजन' मुकदमें में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिणामस्वरूप निम्नलिखित में से किस मौलिक अधिकार को संशोधित किया गया -
Answer: इस मामले के बाद, संसद ने पहला संविधान संशोधन (1951) पारित किया। इसने अनुच्छेद 15 में खंड (4) जोड़ा, जिससे राज्य को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान (जैसे आरक्षण) करने की अनुमति मिली, इस प्रकार 'भेदभाव के विरुद्ध अधिकार' को संशोधित किया गया।