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1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-32 के संबंध में कौन-सा सत्य नहीं है ? Jamadar Grade II 2025
Answer: अनुच्छेद-32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय पांच प्रकार की रिट जारी कर सकता है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा। 'प्रत्यक्ष आदेश' (Direct Orders) इनमें शामिल नहीं है।
2. कारखानों अथवा खानों में कोई व्यक्ति नियुक्त नहीं किया जा सकता जब तक उसकी आयु कम-से-कम -
Answer: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 24 (शोषण के विरुद्ध अधिकार) स्पष्ट रूप से कहता है कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को किसी कारखाने, खान या अन्य किसी जोखिम भरे काम में नियुक्त नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान बाल श्रम को रोकने और बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए है।
3. न्यायालय द्वारा जारी किये गये परमादेश (Mandamus) के माध्यम से न्यायालय -
Answer: परमादेश (Mandamus) का शाब्दिक अर्थ है 'हम आदेश देते हैं'। यह एक न्यायिक रिट है जिसे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किसी सार्वजनिक अधिकारी, संस्था या निचली अदालत को उनके सार्वजनिक कर्तव्यों का पालन करने का आदेश देने के लिए जारी किया जाता है, जिन्हें वे करने में विफल रहे हैं।
4. भारत में मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में निम्न व्यक्तव्यों पर विचार कीजिये 1. यह राज्य कृति के विरुद्ध एक गारंटी हैं 2. यह संविधान के भाग iii में सूचित हैं 3. ये सामाजिक आर्थिक और राजनितिक न्याय सुनिश्चित करते हैं 4. यह USA में अधिकारों के बिल की भांति नहीं हैं अब नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए---
Answer: कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि मौलिक अधिकार राज्य की शक्तियों को सीमित करते हैं और संविधान के भाग III में वर्णित हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि सामाजिक-आर्थिक न्याय मुख्य रूप से नीति निदेशक तत्वों (भाग IV) का लक्ष्य है। कथन 4 गलत है क्योंकि भारत के मौलिक अधिकार USA के बिल ऑफ राइट्स से प्रेरित हैं।
5. भारतीय संविधान के भाग III में कुल कितने अनुच्छेदों में मूल अधिकारों का वर्णन है ?
Answer: संविधान का भाग III अनुच्छेद 12 से 35 तक फैला हुआ है। यदि हम इन सभी अनुच्छेदों को गिनें ((35 - 12) + 1), तो कुल संख्या 24 होती है। इनमें से, वास्तविक अधिकार मुख्य रूप से अनुच्छेद 14 से 32 तक हैं।
6. मौलिक अधिकारों के बारे में सुनवाई करने का अधिकार निम्न को प्रदान किया जाता है -
Answer: संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत, सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का संरक्षक बनाया गया है और उन्हें लागू करने के लिए रिट जारी करने का अधिकार है। हालांकि, अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों को भी यह अधिकार प्राप्त है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का प्राथमिक संरक्षक माना जाता है।
7. मूल अधिकारों को सर्वप्रथम किस देश में संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई ?
Answer: संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1791 में अपने संविधान में 'बिल ऑफ राइट्स' को शामिल किया, जो नागरिकों के मूल अधिकारों की पहली संवैधानिक गारंटी थी। भारत सहित कई देशों ने अपने संविधानों में मौलिक अधिकारों को शामिल करने के लिए इससे प्रेरणा ली।
8. मूल अधिकारों पर आवश्यक प्रतिबन्ध लगाने का अधिकार किसको है ?
Answer: मौलिक अधिकार असीमित नहीं हैं। देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता आदि के आधार पर संसद कानून बनाकर इन पर युक्तियुक्त (reasonable) प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि, इन प्रतिबंधों की वैधता की जांच न्यायपालिका कर सकती है।
9. भारत के संविधान में मौलिक अधिकार -
Answer: मौलिक अधिकार भारतीय संविधान के निर्माण के समय से ही इसका एक अभिन्न अंग थे। उन्हें संविधान के भाग III में शामिल किया गया था, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
10. भारतीय संविधान के अनुसार सम्पत्ति का अधिकार क्या है ?
Answer: मूल रूप से संपत्ति का अधिकार एक मौलिक अधिकार था (अनुच्छेद 31)। लेकिन 44वें संविधान संशोधन, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया और अनुच्छेद 300-A के तहत एक विधिक या कानूनी अधिकार बना दिया गया।