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QUESTION 21
चेन्नई राज्य बनाम चम्पकम दोरायराजन' मुकदमें में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिणामस्वरूप निम्नलिखित में से किस मौलिक अधिकार को संशोधित किया गया -
Answer: इस मामले के बाद, संसद ने पहला संविधान संशोधन (1951) पारित किया। इसने अनुच्छेद 15 में खंड (4) जोड़ा, जिससे राज्य को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान (जैसे आरक्षण) करने की अनुमति मिली, इस प्रकार 'भेदभाव के विरुद्ध अधिकार' को संशोधित किया गया।
QUESTION 22
मूल अधिकार मूल कहलाते हैं, क्योंकि वह -
Answer: इन्हें 'मूल' या 'मौलिक' इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये व्यक्ति के सर्वांगीण विकास (नैतिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक) के लिए आवश्यक हैं। ये अधिकार व्यक्ति के अस्तित्व के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं कि उन्हें मानव के प्राकृतिक और अदेय (जिन्हें छीना नहीं जा सकता) अधिकार माना जाता है।
QUESTION 23
निम्नलिखित में से कौन मौलिक अधिकार नहीं है ?
Answer: बोलने का अधिकार (अनुच्छेद 19), व्यवसाय का अधिकार (अनुच्छेद 19) और धर्म का अधिकार (अनुच्छेद 25) मौलिक अधिकार हैं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि विरोध करने का अधिकार है, लेकिन हड़ताल पर जाने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है।
QUESTION 24
भारत में उच्चतम न्यायालय ने निम्नलिखित मामलों में से किसमें माना था कि मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं किया जा सकता ?
Answer: गोलकनाथ मामले (1967) में, सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि संसद के पास मौलिक अधिकारों में संशोधन करने की शक्ति नहीं है। हालांकि, इस फैसले को बाद में केशवानंद भारती मामले (1973) में पलट दिया गया, जिसमें 'बुनियादी ढांचे' का सिद्धांत प्रतिपादित किया गया।
QUESTION 25
मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए रिट जारी की जाती है -
Answer: संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत, उच्चतम न्यायालय को मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए रिट (समादेश) जारी करने की विशेष शक्ति प्राप्त है। अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय भी रिट जारी कर सकते हैं।
QUESTION 26
किसी व्यक्ति का अवैध निरोध के मामले में न्यायालय द्वारा जारिकृत परमादेश निम्न में से कौन है ?
Answer: बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) का शाब्दिक अर्थ है 'शरीर को प्रस्तुत करो'। यह रिट किसी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने के खिलाफ जारी की जाती है, जिसमें न्यायालय हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी को उस व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश देता है।
QUESTION 27
मौलिक अधिकारों का प्रमुख उद्देश्य है -
Answer: मौलिक अधिकारों का प्राथमिक उद्देश्य राज्य की सत्ता को सीमित करना और नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करना है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकार नागरिकों के जीवन में मनमाने ढंग से हस्तक्षेप न करे।
QUESTION 28
संवैधानिक उपचारों का अधिकार किन परिस्थितियों में निलम्बित हो जाता है ?
Answer: संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32) और अन्य मौलिक अधिकार इन सभी परिस्थितियों में निलंबित या प्रतिबंधित किए जा सकते हैं: राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान (अनुच्छेद 359), सशस्त्र बलों के सदस्यों के लिए (अनुच्छेद 33), और जब मार्शल लॉ (सैनिक विधि) लागू हो (अनुच्छेद 34)।
QUESTION 29
निम्नलिखित में से किस याचिका के अधीन किसी कर्मचारी को ऐसी कार्यवाही करने से रोका जाता है, जिसके लिए सरकारी तौर पर वह हकदार नहीं है ?
Answer: अधिकार पृच्छा (Quo Warranto) रिट का अर्थ है 'किस अधिकार से?'। यह रिट किसी व्यक्ति को उस सार्वजनिक पद पर कार्य करने से रोकने के लिए जारी की जाती है, जिसका वह कानूनी रूप से हकदार नहीं है।
QUESTION 30
व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए निम्नलिखित में से कौन - सी रिट (Writ) याचिका दायर की जा सकती है ?
Answer: हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) सीधे तौर पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है। यह अवैध हिरासत या नजरबंदी के खिलाफ एक शक्तिशाली उपाय है, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को कानून की प्रक्रिया के बिना उसकी स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता।