राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
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आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
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QUESTION 161
किस इतिहासकार को ‘कानून की माता’ व ‘कानूनी’ नाम से जाना जाता था -
Answer: मुंशी देवीप्रसाद ने कानून पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं और कानूनी मामलों में उनकी विशेषज्ञता के कारण उन्हें 'कानून की माता' या 'कानूनी' उपनाम से जाना जाता था।
QUESTION 162
निम्नलिखित में से कौनसी पुस्तक चौहानों के इतिहास के बारे में जानकारी का स्रोत नहीं है -
Answer: 'हर्ष चरित' बाणभट्ट द्वारा लिखी गई है और यह सम्राट हर्षवर्धन के जीवन और काल से संबंधित है, इसका चौहानों से सीधा संबंध नहीं है। अन्य तीनों पुस्तकें चौहानों के इतिहास की जानकारी देती हैं।
QUESTION 163
विजयसिंह ने विजयशाही सिक्कों का प्रचलन किया -
Answer: विजयशाही सिक्के जोधपुर (मारवाड़) के शासक महाराजा विजय सिंह द्वारा प्रचलित किए गए थे।
QUESTION 164
‘पृथ्वीराज विजय’ के लेखक थे-
Answer: पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबारी कवि जयानक ने संस्कृत भाषा में 'पृथ्वीराज विजय' महाकाव्य की रचना की थी।
QUESTION 165
‘दस्तूर कौमबार’ (कोमवार) में किस रियासत से सम्बन्धित वर्णन मिलता है -
Answer: 'दस्तूर कौमवार' जयपुर रियासत के वे रिकॉर्ड हैं जिनमें विभिन्न जातियों और समुदायों के रीति-रिवाजों और सामाजिक स्थिति का लेखा-जोखा रखा जाता था।
QUESTION 166
मानमोरी शिलालेख राजस्थान के किस क्षेत्र से सम्बंधित है ?
Answer: मानमोरी शिलालेख चित्तौड़ के पास मानसरोवर झील के तट से मिला था। इसमें मौर्य वंश के राजाओं का उल्लेख है। कर्नल टॉड ने इसे इंग्लैंड ले जाते समय समुद्र में फेंक दिया था।
QUESTION 167
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (मुद्राएँ -रियासत) सुमेलित नहीं है -
Answer: विजयशाही सिक्के जोधपुर रियासत में चलते थे, न कि बीकानेर में। अन्य सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
QUESTION 168
पुस्तक ‘वीर विनोद’ किसके द्वारा लिखी गई थी -
Answer: मेवाड़ का विस्तृत इतिहास बताने वाली प्रसिद्ध पुस्तक 'वीर विनोद' के लेखक कविराज श्यामलदास थे।
QUESTION 169
‘कान्हड़ दे प्रबन्ध’ नामक काव्य का लेखक कौन है -
Answer: कवि पद्मनाभ ने 'कान्हड़दे प्रबन्ध' की रचना की, जिसमें जालौर के शासक कान्हड़देव के शौर्य और अलाउद्दीन खिलजी के साथ उनके संघर्ष का वर्णन है।
QUESTION 170
राजस्थान में रियासतकालीन सिक्कों के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए -अ. बांसवाड़ा रियासत में ‘सालिमशाही’ सिक्कों का प्रचलन था।ब. मुगलकाल में जैसलमेर में चांदी का ‘मुहम्मदशाही’ सिक्का चलता था।स. प्रतिहार शासक मिहिरभोज ने मारवाड़ में ‘आदिवराह’ सिक्के चलाये थे।द. धौलपुर राज्य के सिक्के ‘चमंचाशाही’ कहलाते थे क्योंकि उन पर तमंचे का चिन्ह लगाया जाता था।
Answer: दिए गए सभी कथन राजस्थान की विभिन्न रियासतों में प्रचलित सिक्कों के बारे में सही जानकारी देते हैं।