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राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत

राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
QUESTION 181
मध्यकालीन राजस्थान में जब्ती एक प्रणाली थी -
  • A भू-लगान निर्धारण की एक विधि
  • B भूमि नाप की एक इकाई
  • C एक प्रकार की बंधुआ मजदूरी
  • D एक विवाह कर
Answer: जब्ती प्रणाली भूमि की पैमाइश और फसल की पैदावार के आधार पर भू-राजस्व (लगान) निर्धारित करने की एक विधि थी, जिसे अकबर के काल में विकसित किया गया।
QUESTION 182
‘रायसिंह की प्रशस्ति‘ का संबंध निम्नलिखित में से किससे है -
  • A जयपुर के शासकों से
  • B बीकानेर के शासकों से
  • C उदयपुर के शासकों से
  • D कोटा के शासकों से
Answer: यह प्रशस्ति बीकानेर के जूनागढ़ किले में लगी हुई है और इसका संबंध बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह से है। इसे 'बीकानेर प्रशस्ति' भी कहते हैं।
QUESTION 183
महाराणा कुम्भा के समय का प्राचीनतम ज्ञात अभिलेख(विक्रमी संवत् 1490) प्राप्त होता है, ग्राम -
  • A माछा से
  • B धुलेव से
  • C सिंघोली से
  • D पदराड़ा से
Answer: महाराणा कुम्भा के शासनकाल का सबसे प्राचीन ज्ञात अभिलेख वि.सं. 1490 (1433 ई.) का है, जो पदराड़ा (भीलवाड़ा) गाँव से प्राप्त हुआ है।
QUESTION 184
पद्मावत नामक महाकाव्य की रचना किसके द्वारा एवं कब की गई -
  • A मलिक मुहम्मद जायसी, 1540
  • B जयानक, 1545
  • C पृथ्वीराज, 1540
  • D हम्मीर देव, 1542
Answer: महाकाव्य 'पद्मावत' की रचना अवधी भाषा में मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा शेरशाह सूरी के शासनकाल में 1540 ई. में की गई थी।
QUESTION 185
श्यामलदास को ‘केसर-ए-हिन्द’ की उपाधि किसने प्रदान की थी -
  • A कर्नल इम्पी
  • B मेजर मैकेंजी
  • C जेम्स टाॅड
  • D एडवर्ड पंचम
Answer: ब्रिटिश सरकार ने कविराज श्यामलदास को उनकी साहित्यिक और ऐतिहासिक सेवाओं के लिए 'केसर-ए-हिन्द' की उपाधि प्रदान की थी। यह उपाधि उन्हें कर्नल इम्पी द्वारा दी गई थी।
QUESTION 186
रणकपुर का अभिलेख किस मन्दिर के स्तम्भ पर खुदवाया गया -
  • A चौमुखा मंदिर
  • B शिव मंदिर
  • C लक्ष्मीनागरायण मंदिर
  • D गणेश मंदिर
Answer: रणकपुर प्रशस्ति (1439 ई.) पाली जिले में स्थित रणकपुर के जैन मंदिर, जिसे चौमुखा मंदिर भी कहा जाता है, के एक स्तंभ पर उत्कीर्ण है।
QUESTION 187
रावशाही सिक्कों का संबंध किस राज्य से है -
  • A करौली
  • B भरतपुर
  • C अलवर
  • D धौलपुर
Answer: रावशाही सिक्के अलवर रियासत में प्रचलित थे, जिन्हें वहां के शासकों द्वारा जारी किया गया था।
QUESTION 188
राजस्थान के इतिहास में ‘पट्टा रेख’ से क्या अभिप्राय है -
  • A बेगार प्रथा
  • B विवाह कर
  • C आकलित राजस्व
  • D सैन्य कर
Answer: 'पट्टा रेख' से तात्पर्य उस अनुमानित या आकलित राजस्व से है जो किसी जागीरदार को अपने पट्टे (भूमि) से प्राप्त होता था और जिसके आधार पर वह राज्य को कर चुकाता था।
QUESTION 189
“एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान” के लेखक का नाम बताइए।
  • A डॉ. गौरीशंकर ओझा
  • B बाबू रामप्रसाद
  • C कर्नल जेम्स टॉड
  • D ज्वाला सहाय
Answer: यह राजस्थान के इतिहास पर सबसे प्रसिद्ध और मौलिक ग्रंथों में से एक है, जिसकी रचना कर्नल जेम्स टॉड ने की थी।
QUESTION 190
निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक गुर्जर प्रतिहार वंश के मिहिर भोज द्वारा रचित नहीं है -
  • A सर्वस्व श्रृंगार प्रकाश
  • B कृत्यकल्पतरू
  • C राजमृडाड
  • D धर्म संग्रह
Answer: मिहिर भोज एक महान विद्वान भी थे, और उन्होंने 'सर्वस्व श्रृंगार प्रकाश', 'कृत्यकल्पतरु' और 'राजमृडाड' जैसी रचनाएँ कीं। 'धर्म संग्रह' उनकी रचना नहीं है।