राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
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प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
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21. प्रतिहार शिलालेखों में पदाधिकारियों का उल्लेख, यह आता है -
Answer: प्रतिहार कालीन शिलालेखों में विभिन्न राजकीय अधिकारियों या पदाधिकारियों के लिए 'राजपुरुष' शब्द का प्रयोग किया गया है।
22. निम्नलिखित लेखकों में से कौन ‘ए हिस्ट्री ऑफ राजस्थान’ के लेखक है -
Answer: रीमा हूजा एक प्रसिद्ध इतिहासकार हैं, जिनकी पुस्तक 'ए हिस्ट्री ऑफ राजस्थान' राज्य के इतिहास का एक व्यापक और आधुनिक स्रोत मानी जाती है।
23. ललित विग्रहराज का लेखक कौन था -
Answer: सोमदेव, चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ के दरबारी कवि थे, और उन्होंने 'ललित विग्रहराज' नामक नाटक की रचना की थी।
24. निम्न लिखित युग्मों में से कौन सा युग्म सही नहीं है -अ. हिस्ट्री आॅफ फेमीन्स इन राजस्थान: ओ. पी कच्ह्वाद्यब. द लास्ट महाराणा ए बयोग्रफी आॅफ सवाई मानसिंह सेकण्ड आॅफ जयपुर: क्रिवी क्वेटीनस. आॅरिजन आॅफ राजपूत्स: जे. ए. असोपाद. हिस्ट्री आॅफ चाहमान्स: आर. बी. सिंह
Answer: दिए गए सभी विकल्प सही सुमेलित हैं। प्रत्येक पुस्तक और उसके लेखक का मिलान सही है, जो राजस्थान के इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं।
25. निम्नलिखित में से किसे राजस्थान के प्राचीनतम संग्रहालय के रूप में जाना जाता है -
Answer: जयपुर में स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की स्थापना 1876 में हुई थी, जो इसे राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय बनाता है।
26. बड़वा यूप अभिलेख सम्बन्धित हैं -
Answer: बड़वा (कोटा) से प्राप्त यूप (यज्ञ स्तंभ) अभिलेख मौखरी वंश से संबंधित हैं और यह उनके द्वारा किए गए यज्ञों की जानकारी देते हैं।
27. ‘दि अर्ली चौहान डाइनेस्टीज’ राजस्थान के किस प्रमुख इतिहासकार की रचना है -
Answer: डॉ. दशरथ शर्मा एक प्रतिष्ठित इतिहासकार थे, और 'दि अर्ली चौहान डाइनेस्टीज' उनकी एक महत्वपूर्ण कृति है जिसमें चौहान वंश का विस्तृत वर्णन है।
28. शिलालेखों के अध्ययन को क्या कहते हैं -
Answer: शिलालेखों, ताम्रपत्रों और अन्य कठोर सतहों पर खुदे हुए लेखों के अध्ययन को पुरालेखशास्त्र या एपिग्राफी कहा जाता है।
29. घटियाला शिलालेख का सम्बन्ध मण्डोर शाखा के किस प्रतिहार शासक से है -
Answer: जोधपुर के पास स्थित घटियाला शिलालेख का संबंध मंडोर के प्रतिहार शासक कक्कुक से है, जिसमें उसकी विजयों और प्रशासनिक कार्यों का उल्लेख है।
30. निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है -
Answer: चरणौत भूमि चारणों को दान में दी गई भूमि होती थी, जो कर-मुक्त होती थी और इस पर राजा का सीधा नियंत्रण नहीं होता था। अन्य सभी कथन सही हैं।
31. ‘वंशभास्कर’ के रचयिता है -
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण, जो बूंदी के दरबारी कवि थे, ने 'वंश भास्कर' नामक प्रसिद्ध ऐतिहासिक महाकाव्य की रचना की थी।
32. किस लेख में बूंदी का नाम ‘वृन्दावती’ मिलता है -
Answer: रणकपुर प्रशस्ति में बूंदी के प्राचीन नाम 'वृन्दावती' का उल्लेख मिलता है। यह इस क्षेत्र के ऐतिहासिक नामकरण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
33. बिजौलिया शिलालेख किस चौहान नरेश के काल का है -
Answer: बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) चौहान शासक सोमेश्वर के शासनकाल में लिखवाया गया था। यह चौहानों के इतिहास की जानकारी का एक अमूल्य स्रोत है।
34. राव रतन री वेली में किस रियासत/राज्य का वर्णन है -
Answer: यह रचना बूंदी के शासक राव रतन सिंह हाड़ा के शौर्य और उनके शासनकाल की घटनाओं का वर्णन करती है।
35. निम्न किस ग्रन्थ में अलाउद्दीन खलजी की जालौर विजय का विवरण मिलता है -
Answer: पद्मनाभ द्वारा रचित 'कान्हड़देव प्रबन्ध' में जालौर के शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए संघर्ष और जालौर विजय का विस्तृत वर्णन मिलता है।
36. निम्नलिखित अभिलेखों का सर्वाधिक उपयुक्त कालक्रम (प्राचिन से नया) चुनिए :1. सारणेश्वर प्रशस्ति2. अर्थूणा शैव मन्दिर अभिलेख3. जगन्नाथ राय अभिलेख4. रणकपुर मन्दिर अभिलेख
Answer: इन अभिलेखों का सही कालक्रम है: सारणेश्वर प्रशस्ति (953 ई.), अर्थूणा अभिलेख (1079 ई.), रणकपुर अभिलेख (1439 ई.), और जगन्नाथ राय अभिलेख (1652 ई.)।
37. सोशल लाइफ इन मेडिवल राजस्थान(मध्यकालीन राजस्थान में सामाजिक जीवन) किसने लिखी
Answer: डॉ. गोपीनाथ शर्मा (जी.एन. शर्मा) ने यह पुस्तक लिखी थी, जिसमें मध्यकालीन राजस्थान के सामाजिक जीवन का विस्तृत और प्रामाणिक विश्लेषण किया गया है।
38. ‘एकलिंगमहात्म्य’ किस भाषा में लिखा गया है -
Answer: 'एकलिंगमहात्म्य' की रचना कान्हा व्यास ने संस्कृत भाषा में की थी। यह ग्रंथ मेवाड़ के गुहिल वंश के इतिहास की जानकारी देता है।
39. अजमेर से प्राप्त बड़ली के शिलालेख में किस धर्म की जानकारी मिलती है -
Answer: राजस्थान के सबसे प्राचीन माने जाने वाले बड़ली शिलालेख में जैन धर्म से संबंधित तत्वों का उल्लेख है, जो इस क्षेत्र में जैन धर्म की प्राचीनता को दर्शाता है।
40. जयानक ने कौन सी कृति की रचना की -
Answer: जयानक, पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबारी कवि थे, और उन्होंने संस्कृत में 'पृथ्वीराज विजय' नामक महाकाव्य की रचना की थी।