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राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत

राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
41. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है -
  • A. धौलपुर के सिक्के - तमचाशाही
  • B. करौली के सिक्के - माणकशाही
  • C. प्रतापगढ़ के सिक्के - सालिमशाही
  • D. भरतपुर के सिक्के - मदनशाही
Answer: मदनशाही सिक्के झालावाड़ रियासत में प्रचलित थे, न कि भरतपुर में। अन्य सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
42. किस प्रतिहार शासक के दरबार में प्रसिद्ध कवि राजशेखर थे -
  • A. महिपाल
  • B. वत्सराज
  • C. नागभट्ट द्वितीय
  • D. इनमें से कोई नहीं
Answer: प्रसिद्ध कवि और नाटककार राजशेखर, प्रतिहार शासक महेंद्रपाल प्रथम और उनके पुत्र महिपाल दोनों के दरबार में थे।
43. हेमचन्द्र द्वारा रचित ‘महावीरचरित’ में उल्लेखित कुमारपाल किस राजवंश से था -
  • A. परमार
  • B. चालुक्य
  • C. चौहान
  • D. गुर्जर प्रतिहार
Answer: कुमारपाल, गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) वंश का एक शक्तिशाली शासक था। जैन आचार्य हेमचंद्र उनके गुरु और सलाहकार थे।
44. कवि महेश, अत्रि व कान्हा व्यास ने किस एक शिलालेख के लेखन में अपना योगदान दिया -
  • A. कुभलगढ़
  • B. कीर्तिस्तम्भ
  • C. घोसुण्डी
  • D. रणकपुर
Answer: कुम्भलगढ़ प्रशस्ति की रचना में कान्हा व्यास का मुख्य योगदान था, और इसे पूरा करने में अत्रि और महेश ने भी सहायता की थी। यह प्रशस्ति मेवाड़ के इतिहास की विस्तृत जानकारी देती है।
45. घटियाला शिलालेख किस भाषा में लिखा गया था -
  • A. मारवाड़ी
  • B. फ़ारसी
  • C. संस्कृत
  • D. हिंदी
Answer: प्रतिहार शासक कक्कुक से संबंधित घटियाला शिलालेख संस्कृत भाषा में लिखा गया है, जिससे उस समय की राजकीय भाषा का पता चलता है।
46. सुमेलित करो -1. बिजौलिया का शिलालेख अ. वि.स. 12262. चिरवे का शिलालेख ब. वि.स. 13303. भृंगी ऋषि का शिलालेख स. वि.स. 14854. रणकपुर प्रशस्ति 4. वि.स. 1496कूट - 1, 2, 3, 4
  • A. ब, अ, स, द
  • B. अ, ब, स, द
  • C. स, अ, ब, द
  • D. ब, स, अ, द
Answer: यह सीधा मिलान है: बिजौलिया शिलालेख (वि.सं. 1226), चिरवे का शिलालेख (वि.सं. 1330), भृंगी ऋषि का शिलालेख (वि.सं. 1485), और रणकपुर प्रशस्ति (वि.सं. 1496)।
47. पृथ्वीराज राठौड़ री घणी चावी कृति है -
  • A. रूकमणि हरण
  • B. वेलि क्रिसन रूकमणि री
  • C. सीता पुराण
  • D. रूकमणि मंगल
Answer: 'वेलि क्रिसन रूकमणि री' बीकानेर के राजकुमार पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा रचित सबसे प्रसिद्ध कृति है। दुरसा आढ़ा ने इसे 'पांचवां वेद' और '19वां पुराण' कहा है।
48. मारवाड़ की ख्यातों के अनुसार किस शासक ने 52 युद्धों में सफलता प्राप्त की थी -
  • A. राव मालदेव
  • B. राव गंगा
  • C. राव चूडा
  • D. राव जोधा
Answer: राव मालदेव को मारवाड़ का एक अत्यंत शक्तिशाली और विस्तारवादी शासक माना जाता है, और ख्यातों के अनुसार उन्होंने अपने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और जीते।
49. बड़ली का शिलालेख, जो कि अशोक काल से पूर्व का माना जाता है, कहाँ स्थित है -
  • A. टोंक
  • B. सीकर
  • C. भीलवाड़ा
  • D. अजमेर
Answer: राजस्थान का सबसे प्राचीन माना जाने वाला बड़ली का शिलालेख अजमेर जिले के भिलोत माता मंदिर से प्राप्त हुआ था।
50. सूर्यमल्ल मीसण द्वारा अपूर्ण छोड़ी कृति ‘वंश भास्कर’ को किसने पूर्ण किया -
  • A. करणीदान
  • B. मुरारीदान
  • C. शिवदान
  • D. वीरमान
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण के निधन के बाद उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने उनकी प्रसिद्ध कृति 'वंश भास्कर' को पूरा किया था।
51. ‘द रिर्सचर’ का प्रकाशन किसके द्वारा किया जाता है -
  • A. राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग जयपुर
  • B. राजस्थान राज्य अभिलेखागार बीकानेर
  • C. प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान जोधपुर
  • D. अरबी फारसी शोध संस्थान टोंक
Answer: 'द रिसर्चर' राजस्थान के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग, जयपुर द्वारा प्रकाशित एक शोध पत्रिका है।
52. वह कौनसा शिलालेख है जिससे ज्ञात होता है की विग्रहराज चतुर्थ ने दिल्ली को अपने अधीन किया था -
  • A. बडली शिलालेख
  • B. बिजौलिया शिलालेख
  • C. नांद शिलालेख
  • D. थानवला शिलालेख
Answer: बिजौलिया शिलालेख में चौहानों की वंशावली और उनकी उपलब्धियों का वर्णन है, जिसमें यह उल्लेख भी मिलता है कि विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने दिल्ली पर अधिकार कर लिया था।
53. ‘घोसुण्डी शिलालेख’ निम्न में से किस लिपि में लिखा गया था -
  • A. आर्मेनियन
  • B. भाब्रू
  • C. देवनागरी
  • D. ब्राह्मी
Answer: यह शिलालेख दूसरी शताब्दी ई.पू. का है और इसे ब्राह्मी लिपि तथा संस्कृत भाषा में लिखा गया है। यह वैष्णव (भागवत) धर्म का प्राचीनतम प्रमाण है।
54. वंश भास्कर के लेखक है -
  • A. पद्मनाभ
  • B. सूर्यमल्ल मिश्रण
  • C. करणीदान
  • D. शिवदास गौतम
Answer: 'वंश भास्कर' एक प्रसिद्ध महाकाव्य है जिसकी रचना बूंदी के महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने की थी।
55. राजस्थान के पूर्व मध्यकालीन राज्यों में ‘नैमित्तिक’ पदनाम का प्रयोग किया जाता था -
  • A. राजकीय कवि के लिए।
  • B. लोक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख के लिए।
  • C. राजकीय ज्योतिष के लिए।
  • D. मुख्य न्यायिक अधिकारी के लिए।
Answer: पूर्व-मध्यकालीन प्रशासन में, 'नैमित्तिक' वह अधिकारी होता था जो ज्योतिष विद्या का ज्ञाता हो और शुभ-अशुभ मुहूर्तों और भविष्यवाणियों के लिए राजा को सलाह देता था।
56. नाथ प्रशस्ति राजस्थान की किस रियासत से सम्बन्धित है -
  • A. जयपुर
  • B. मेवाड़
  • C. जैसलमेर
  • D. मारवाड़
Answer: नाथ प्रशस्ति मेवाड़ रियासत से संबंधित है और यह एकलिंगजी मंदिर के पास से प्राप्त हुई थी। यह गुहिल वंश के बारे में जानकारी प्रदान करती है।
57. “पश्चिमी भारत की यात्रा” नामक ग्रंथ के लेखक कौन थे -
  • A. सूर्यमल्ल मिश्रण (मिसण)
  • B. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
  • C. कर्नल जेम्स टॉड
  • D. मुहणोत नैणसी
Answer: 'पश्चिमी भारत की यात्रा' (Travels in Western India) कर्नल जेम्स टॉड द्वारा लिखा गया एक यात्रा वृतांत है, जो उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित हुआ।
58. वह साहित्य जो अभिलेखों, सिक्कों तथा मुहरों पर उत्कीर्ण होता है, _____ साहित्य कहलाता है।निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें
  • A. लोक
  • B. पुरालेखीय
  • C. क्षेत्रीय
  • D. परंपरागत
Answer: अभिलेखों, सिक्कों, और मुहरों पर लिखे गए लेखों को पुरालेखीय स्रोत या साहित्य कहा जाता है, जो इतिहास के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
59. वीर भान द्वारा रचित किस ग्रंथ में मुगल सेना के विरुद्ध राठौड़ों द्वारा लड़े गए युद्ध का वर्णन है -
  • A. राजरूपक में
  • B. भारतेश्वर बाहुबली घोर
  • C. मारवाड रा परगना री विगत
  • D. चेतावनी री चुंगटिया
Answer: वीरभाण द्वारा रचित 'राजरूपक' में जोधपुर के महाराजा अभय सिंह और मुगल सेना के बीच हुए युद्धों का विस्तृत और वीर रसपूर्ण वर्णन मिलता है।
60. सूर्यमल मीसण द्वारा लिखित वंश भास्कर को किसने पूर्ण किया -
  • A. करणीदान
  • B. मुरारीदान
  • C. वीरभान
  • D. शिवदान
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण के निधन के कारण 'वंश भास्कर' अधूरा रह गया था, जिसे बाद में उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।