राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
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गुर्जर प्रतिहार वंश
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महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
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QUESTION 61
सूर्यमल मीसण द्वारा लिखित वंश भास्कर को किसने पूर्ण किया -
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण के निधन के कारण 'वंश भास्कर' अधूरा रह गया था, जिसे बाद में उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।
QUESTION 62
“मुण्डीयार री ख्यात” का विषय है-
Answer: 'मुण्डीयार री ख्यात' में मारवाड़ (जोधपुर) के राठौड़ शासकों का प्रारंभ से लेकर महाराजा जसवंत सिंह तक का इतिहास वर्णित है।
QUESTION 63
राजस्थान में अशोक का अभिलेख कहां प्राप्त हुआ था -
Answer: सम्राट अशोक से संबंधित भाब्रू शिलालेख राजस्थान में जयपुर के निकट बैराठ (प्राचीन विराटनगर) की बीजक की पहाड़ी से प्राप्त हुआ था।
QUESTION 64
सोमदेव किसके दरबार में थे, जिन्होंने ललित विग्रहराज नामक ग्रन्थ की रचना की -
Answer: सोमदेव, चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के राजकवि थे। उन्होंने अपने आश्रयदाता के सम्मान में 'ललित विग्रहराज' नाटक की रचना की थी।
QUESTION 65
‘कान्हड़दे प्रबंध’ के रचयिता कौन है -
Answer: कवि पद्मनाभ ने 'कान्हड़दे प्रबन्ध' की रचना की थी, जिसमें जालौर के शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए संघर्ष का वर्णन है।
QUESTION 66
घोसुण्डी शिलालेख किस भाषा में लिपिबद्ध है -
Answer: घोसुण्डी शिलालेख, जो ब्राह्मी लिपि में लिखा गया है, उसकी भाषा संस्कृत है। यह राजस्थान में वैष्णव धर्म का सबसे प्राचीन अभिलेख माना जाता है।
QUESTION 67
‘वंश भास्कर’ किस भाषा में लिखा गया है -
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने अपने महाकाव्य 'वंश भास्कर' की रचना डिंगल भाषा में की थी, जो राजस्थानी साहित्य की एक प्रमुख शैली है।
QUESTION 68
‘अचलदास खींची री वचनिका’ में किणां रै जुद्ध से बरणाव हुयो है -
Answer: शिवदास गाडण द्वारा रचित इस कृति में गागरोन के शासक अचलदास खींची और मांडू के सुल्तान होशंगशाह के बीच हुए युद्ध (1423 ई.) का वर्णन है।
QUESTION 69
‘बेली क्रिशन रुकमणी री’ के रचयिता, किस शासक के दरबारी कवि थे -
Answer: इस ग्रंथ के रचयिता बीकानेर के राजकुमार पृथ्वीराज राठौड़ थे, जो मुगल बादशाह अकबर के दरबारी कवियों (नवरत्नों) में से एक थे।
QUESTION 70
‘चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण’ विरोक्त थी -
Answer: यह प्रसिद्ध उक्ति चंदबरदाई के ग्रंथ 'पृथ्वीराज रासो' से है। इसके माध्यम से चंदबरदाई ने बंदी पृथ्वीराज चौहान को सुल्तान मुहम्मद गोरी की स्थिति का संकेत दिया था।