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राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत

राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
121. कुम्भलगढ़ शिलालेख को कितनी शिलाओं पर खुदवाया गया -
  • A. 3
  • B. 5
  • C. 7
  • D. 9
Answer: कुम्भलगढ़ शिलालेख, जो महाराणा कुम्भा के समय का है, मूल रूप से पांच काली शिलाओं पर उत्कीर्ण किया गया था।
122. निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा (सिक्के - प्रचलन का क्षेत्र) सुमेलित नहीं है -
  • A. स्वरूपशाही - मेवाड़
  • B. मदनशाही - बीकानेर
  • C. विजयशाही - जोधपुर
  • D. झाड़शाही - जयपुर
Answer: मदनशाही सिक्के झालावाड़ रियासत में प्रचलित थे, बीकानेर में नहीं। अन्य सभी जोड़े सही हैं।
123. निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ जयपुर की स्थापना एवं शहर की नगर निर्माण योजना की जानकारी देता है -
  • A. हम्मीर रासो
  • B. राजविनोद
  • C. वंश भास्कर
  • D. बुद्धिविलास
Answer: बखतराम शाह द्वारा रचित ग्रंथ 'बुद्धिविलास' में जयपुर की स्थापना और उसकी वास्तुकला तथा नगर नियोजन योजना का विस्तृत वर्णन मिलता है।
124. बाबर के पुत्र कामरान और बीकानेर नरेश के मध्य युद्ध का वर्णन किस ग्रंथ में मिलता है -
  • A. राव जैतसी रो छन्द
  • B. हाला - झाला
  • C. हरि रस
  • D. भक्तमाल
Answer: बीठू सूजा द्वारा रचित 'राव जैतसी रो छन्द' में बीकानेर के शासक राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के बीच हुए युद्ध का सजीव वर्णन किया गया है।
125. राजस्थान के प्रसिद्ध लेखक दयालदास को संरक्षण देने वाले शासक थे -
  • A. महाराजा जसवंतसिंह
  • B. महाराजा रतनसिंह
  • C. राव अनुपसिंह
  • D. राव करणसिंह
Answer: दयालदास सिढायच, जिन्होंने 'बीकानेर रा राठौड़ां री ख्यात' लिखी, बीकानेर के महाराजा रतनसिंह के दरबारी थे और उन्हें उनका संरक्षण प्राप्त था।
126. सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण), जो राजस्थान की एक रियासत के 19वीं सदी के दरबारी कवि थे, उन्होंने एक उत्कृष्ट कृति ‘वंश भास्कर’ लिखी, जिसका मुख्य विषय ______ वंश का इतिहास है।
  • A. परमार
  • B. हाड़ा चौहान
  • C. सोलंकी
  • D. प्रतिहार
Answer: सूर्यमल्ल मिश्रण बूंदी के हाड़ा चौहान शासकों के दरबारी कवि थे और उनके महाकाव्य 'वंश भास्कर' में मुख्य रूप से बूंदी के हाड़ा राजवंश का विस्तृत इतिहास है।
127. जालौर के शासक और अलाउद्दीन खिलजी के मध्य संघर्ष की जानकारी निम्न में से किस ग्रंथ से मिलती है -
  • A. दलपत विलास
  • B. कान्हडदे प्रबन्ध
  • C. हमीर हठ
  • D. पद्मावत
Answer: पद्मनाभ द्वारा रचित 'कान्हड़दे प्रबन्ध' में जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत वर्णन है।
128. निम्न में से कविराज श्यामलदास द्वारा रचित महत्वपूर्ण कृति कौनसी है -
  • A. वीर विनोद
  • B. वंश-भास्कर
  • C. पृथ्वीराज रासो
  • D. अल्हाखंड
Answer: कविराज श्यामलदास ने मेवाड़ के महाराणा सज्जन सिंह के आदेश पर 'वीर विनोद' नामक विशाल ऐतिहासिक ग्रंथ की रचना की, जिसमें मेवाड़ का विस्तृत इतिहास है।
129. निम्नलिखित में से शिलालेख / प्रशस्ति और उनके उत्कीर्णन वर्ष के सही जोड़े कौन से हैं -(1) अचलेश्वर शिलालेख - 1285 ई.(2) बिजोलिया शिलालेख - 1170(3) चीरवा शिलालेख - 987 ई.(4) कुम्भलगढ़ प्रशस्ति - 1460 सही कूट का चयन कीजिए
  • A. 1, 2 एवं 3
  • B. 1, 2 एवं 4
  • C. केवल 2 एवं 3
  • D. केवल 1 एवं 4
Answer: अचलेश्वर शिलालेख (1285 ई.), बिजोलिया शिलालेख (1170 ई.) और कुम्भलगढ़ प्रशस्ति (1460 ई.) के वर्ष सही हैं। चीरवा शिलालेख का वर्ष (1273 ई.) गलत है।
130. घटियाला प्राकृत अभिलेख किस प्रतिहार शासक से सम्बन्धित है -
  • A. दद्ध
  • B. वत्सराज
  • C. नागभट्ट
  • D. कक्कुका
Answer: घटियाला से प्राप्त अभिलेख मंडोर के प्रतिहार शासक कक्कुक से संबंधित हैं, जिसमें उनकी विजयों और अन्य कार्यों का वर्णन मिलता है।
131. ‘म्यूटिनीज इन राजपूताना’ नामक पुस्तक के लेखक कौन है -
  • A. आई. टी. प्रिचार्ड
  • B. नाथूराम खड़गावत
  • C. माइकल एडवर्ड
  • D. जबरसिंह
Answer: आई. टी. प्रिचार्ड ने 1857 के विद्रोह के दौरान राजपूताना में हुई घटनाओं पर 'म्यूटिनीज इन राजपूताना' नामक पुस्तक लिखी थी।
132. निम्नलिखित में से किस राजपूत राजवंश पर बिजोलिया अभिलेख प्रकाश डालता है -
  • A. चौहान
  • B. प्रतिहार
  • C. राठोड़
  • D. कछावा
Answer: बिजौलिया अभिलेख (1170 ई.) शाकम्भरी के चौहान राजवंश के इतिहास का एक अमूल्य स्रोत है, जिसमें उनकी वंशावली और उपलब्धियों का वर्णन है।
133. राज्य के किस स्थान से बड़ली का शिलालेख प्राप्त हुआ -
  • A. अजमेर
  • B. जयपुर
  • C. जोधपुर
  • D. झालावाड़
Answer: राजस्थान का सबसे प्राचीन माना जाने वाला बड़ली का शिलालेख अजमेर के पास भिलोत माता के मंदिर से मिला था।
134. निम्न में से कौन सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है -
  • A. पृथ्वीराज रासो - चंदरबरदाई
  • B. बीसलदेव रासो- नरपति
  • C. खुमाण रासो - करणीदान
  • D. शत्रुसाल रासो - डूंगरसिंह
Answer: 'खुमाण रासो' के रचयिता दलपत विजय हैं, न कि करणीदान। अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
135. राजपूताना की किस रियासत के सिक्कों पर एक ओर सम्राज्ञी विक्टोरिया का चेहरा और अंग्रेजी में ‘विक्टोरिया एम्प्रैस’ लिखा होता था और दूसरी ओर नागरी तथा उर्दू लिपि में महाराजा का नाम लिखा होता था -
  • A. जोधपुर
  • B. जयपुर
  • C. बीकानेर
  • D. उदयपुर
Answer: बीकानेर रियासत ने ब्रिटिश ताज के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित करने के लिए ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर महारानी विक्टोरिया का चित्र अंकित होता था।
136. अभिलेख, जो प्रतिहार शासक कक्कुक की आभीरों पर विजय का दावा करता है –
  • A. चीरवा अभिलेख
  • B. घटियाला अभिलेख
  • C. अथुणा अभिलेख
  • D. बीजोलिया अभिलेख
Answer: घटियाला शिलालेख में प्रतिहार शासक कक्कुक की विभिन्न विजयों का वर्णन है, जिसमें आभीरों पर उसकी विजय का उल्लेख भी शामिल है।
137. किसानों से वसूल की जाने वाली विविध लाग-बागों का उल्लेख किसमें प्राप्त होता है -
  • A. पुर ताम्रपत्र 1535 ई.
  • B. चीकली ताम्रपत्र 1483 ई.
  • C. खेरोदा ताम्रपत्र 1437 ई.
  • D. आहड़ ताम्रपत्र 1206 ई.
Answer: चीकली ताम्रपत्र में विभिन्न प्रकार के स्थानीय करों (लाग-बाग) का उल्लेख है जो उस समय किसानों से वसूले जाते थे, जिससे तत्कालीन राजस्व प्रणाली की जानकारी मिलती है।
138. राजस्थान इतिहास का जनक किसे कहा जाता है -
  • A. जी. एन. शर्मा
  • B. श्यामलदास
  • C. जी. एच. ओझा
  • D. कर्नल टॉड
Answer: कर्नल जेम्स टॉड ने पहली बार राजस्थान के इतिहास का व्यवस्थित और व्यापक लेखन किया, इसीलिए उन्हें 'राजस्थान के इतिहास का जनक' कहा जाता है।
139. निम्नलिखित जोडो में से कौनसा सुमेलित नहीं है -
  • A. रायसिंह की बीकानेर प्रशस्ति-1594 ई.
  • B. कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति-1660 ई.
  • C. कुम्भलगढ़ प्रशस्ति-1460 ई.
  • D. रणकपुर प्रशस्ति-1439 ई.
Answer: कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति का निर्माण महाराणा कुम्भा के समय लगभग 1460 ई. में हुआ था, 1660 ई. गलत है। अन्य सभी विकल्प सही हैं।
140. निम्न प्रशास्तियों को उनके समयनुसार सुमेलित कीजिए-अ. रणकपुर प्रशास्ति1. 1460ब. कुम्भलगढ़ प्रशास्ति2. 1594स. राज प्रशास्ति3. 1439द. बीकानेर प्रशास्ति4. 1676
  • A. अ-3, ब-1, स-4, द-2
  • B. अ-2, ब-1, स-4, द-3
  • C. अ-1, ब-2, स-3, द-4
  • D. अ-2, ब-4, स-1, द-3
Answer: सही कालानुक्रम इस प्रकार है: रणकपुर प्रशस्ति (1439 ई.), कुम्भलगढ़ प्रशस्ति (1460 ई.), बीकानेर प्रशस्ति (1594 ई.), और राज प्रशस्ति (1676 ई.)।