राजस्थान का साहित्य
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
1. “बातां री फुलवारी” किसके द्वारा लिखी गई है - Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: 'बातां री फुलवारी' राजस्थानी साहित्य की एक कालजयी कृति है, जिसकी रचना विजयदान देथा (जिन्हें प्यार से 'बिज्जी' कहा जाता है) ने की थी। यह पुस्तक कुल 14 खंडों में विभाजित है। विजयदान देथा को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए पद्मश्री और राजस्थान रत्न जैसे सम्मानों से नवाजा गया है। उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं में 'दुविधा', 'अलेखूं हिटलर' और 'चंवरी' शामिल हैं। उनकी कहानी 'दुविधा' पर बॉलीवुड फिल्म 'पहेली' भी बन चुकी है।
2. राजस्थान में सीकर का कौन सा शहर गोटा उद्योग का प्रसिद्ध केन्द्र है -
Answer: सीकर जिले का खंडेला कस्बा पूरे भारत में गोटा उद्योग (Gota Work) के लिए प्रसिद्ध है। गोटा किनारी का काम पारंपरिक रूप से ओढ़नी और पोशाकों को सजाने के लिए किया जाता है। यहाँ लप्पा-लप्पी, किरण और बांकड़ी जैसे विभिन्न प्रकार के गोटा तैयार किए जाते हैं।
3. विश्व शिल्प परिषद (डब्ल्यूसीसी) ने राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान को ‘विश्व शिल्प नगरी’ घोषित किया है?
Answer: विश्व शिल्प परिषद (World Crafts Council) ने जयपुर को 'विश्व शिल्प नगरी' (World Craft City) घोषित किया है। जयपुर अपनी हस्तशिल्प विरासत जैसे ब्लू पॉटरी, मीनाकारी, रत्न आभूषण और ब्लॉक प्रिंटिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। इसके अलावा यूनेस्को ने भी जयपुर को 'क्रिएटिव सिटी ऑफ क्राफ्ट्स' के रूप में मान्यता दी है।
4. ‘नृत्यरत्नकोष’ का रचयिता था -
Answer: महाराणा कुंभा एक महान विद्वान और कला-प्रेमी शासक थे। उन्होंने 'संगीतराज', 'संगीत मीमांसा' और 'नृत्यरत्नकोष' जैसे कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की, जो भारतीय संगीत और नृत्य पर आधारित हैं।
5. ‘दलपतविलास’ का प्रकाशन राजस्थान के किस स्थान पर स्थित रिसर्च इन्टीट्यूट द्वारा किया जाता है -
Answer: ‘दलपतविलास’ का प्रकाशन बीकानेर स्थित 'सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा किया जाता है। यह एक ऐतिहासिक ग्रंथ है।
6. ‘रणमल छंद’ किसकी रचना है -
Answer: ‘रणमल छंद’ की रचना कवि श्रीधर व्यास ने की थी। यह एक वीर रस प्रधान काव्य है, जिसमें ईडर के राठौड़ राजा रणमल की वीरता का वर्णन है।
7. ‘बीसलदेव रासो’ किण भांत रो काव्य है -
Answer: ‘बीसलदेव रासो’ एक प्रसिद्ध राजस्थानी प्रेम काव्य है। इसमें शाकम्भरी के राजा बीसलदेव (विग्रहराज चतुर्थ) और उनकी रानी राजमती की प्रेम कथा का वर्णन है।
8. निम्नलिखित में से किस प्रकार के काव्य ग्रंथों में हमें एक राजा की महानता, उसकी विजयों, युद्धों, शौर्य का वर्णन मिलता है -
Answer: 'रासो' काव्य परंपरा में राजाओं की वंशावली, उनकी वीरता, युद्धों, विजयों और शौर्य का विस्तृत वर्णन किया जाता है। पृथ्वीराज रासो इसका एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
9. सूची-1 से सूची-2 को सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये हुए कुटों से सही उत्तर का चयन कीजिए -सूची-1(लेखक) सूची-2(ग्रन्थ)1. करणीदान अ. अजितोदय2. दलपति विजय ब. कान्हड़दे प्रबन्ध3. पद्मनाभ स. खुमाणरासो4. जगजीवन भट्ट द. सूरजप्रकाशकूट - 1, 2, 3, 4
Answer: सही सुमेलन इस प्रकार है: करणीदान ने 'सूरजप्रकाश' लिखा, दलपति विजय ने 'खुमाणरासो', पद्मनाभ ने 'कान्हड़दे प्रबन्ध' और जगजीवन भट्ट ने 'अजितोदय' की रचना की।
10. निम्नलिखित में से किसने ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ नामक ग्रंथ की रचना की -
Answer: ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ ग्रंथ के लेखक प्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्ववेत्ता गौरीशंकर हीराचंद ओझा हैं। यह ग्रंथ भारत की प्राचीन लिपियों पर एक प्रामाणिक कार्य है।