राजस्थान का साहित्य
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
181. महाराणा प्रताप के दरबारी विद्वान जिसने ‘मुहुत्र्तमाला’ ग्रन्थ की रचना की, वह था -
Answer: चक्रपाणि मिश्र महाराणा प्रताप के दरबारी विद्वान थे। उन्होंने 'मुहूर्तमाला', 'विश्ववल्लभ' और 'राज्याभिषेक पद्धति' जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की।
182. कौन सा रासो राजपूतों की उत्पत्ति को ‘अग्निकुंड’ से सम्बन्धित करता है -
Answer: चंदबरदाई द्वारा रचित ‘पृथ्वीराज रासो’ में राजपूतों की उत्पत्ति ऋषि वशिष्ठ के आबू पर्वत पर किए गए यज्ञ के अग्निकुंड से बताई गई है।
183. निम्न लिखित में से कौन सी रचना जिनराजसूरि की नहीं है -
Answer: 'शालिभद्र रास', 'गजसुकमाल रास' और 'कयवन्ना रास' जिनराजसूरि की रचनाएँ हैं। 'रास कैलास' उनकी रचना नहीं है।
184. संतों का जीवन इतिहास जो कविता रूप में राजस्थान में उपलब्ध है, ______ के नाम से जाना जाता है।निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: राजस्थान में कविता के रूप में लिखे गए संतों के जीवन इतिहास या जीवन चरित्र को 'परची' (पारची) कहा जाता है।
185. ‘जीवन कुटीर के गीत’ निम्न में से किसके द्वारा लिखा गया -
Answer: ‘जीवन कुटीर के गीत’ नामक रचना राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल शास्त्री द्वारा लिखी गई थी।
186. रामस्वरूप किसान रो कहाणी - संग्रै नीं है -
Answer: 'तीखी धार', 'बारीक बात' और 'हाडाखोड़ी' रामस्वरूप किसान के कहानी संग्रह हैं। 'धान कथावां' उनकी रचना नहीं है।
187. सुप्रसिद्ध कायाबेलि ग्रंथ की रचना किसने की -
Answer: ‘कायाबेलि’ ग्रंथ की रचना संत दादू दयाल ने की थी, जो दादू पंथ के प्रवर्तक थे। यह उनकी शिक्षाओं का सार है।
188. ‘प्रबंधकोष’ का लेखक निम्न लिखित में से कौन था -
Answer: ‘प्रबंधकोष’ के लेखक जैन आचार्य राजशेखर सूरि थे। यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और साहित्यिक ग्रंथ है।
189. पाल्हण कवि री ख्याति किण रचना रे पांण है -
Answer: कवि पाल्हण को उनकी रचना 'नेमिनाथ बारहमासा' के कारण विशेष ख्याति प्राप्त है। यह बारहमासा शैली का एक प्रारंभिक ग्रंथ है।
190. राजस्थानी भाषा का निम्न में से कौनसा ग्रंथ गद्य एवं पद्य दोनों में लिखा गया -
Answer: शिवदास गाडण द्वारा रचित ‘अचलदास खीची री वचनिका’ गद्य और पद्य मिश्रित चंपू शैली में लिखी गई है।
191. गलत युग्म चुनिए -
Answer: 'आशाघर' विजयदान देथा की रचना नहीं है। 'बातां री फुलवारी', 'दुविधा', 'अलेखूं हिटलर' आदि उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं। अन्य सभी युग्म सही हैं।
192. निम्न में से किसने ‘ईश्वर विलास महाकाव्य’ लिखा था -
Answer: ‘ईश्वर विलास महाकाव्य’ की रचना कृष्णभट्ट कवि कलानिधि ने की थी। वे जयपुर के महाराजा सवाई ईश्वरी सिंह के दरबारी कवि थे।
193. राजवल्लभ के लेखक थे -
Answer: ‘राजवल्लभ’ के लेखक महाराणा कुंभा के प्रमुख शिल्पी सूत्रधार मंडन थे। यह ग्रंथ वास्तुकला से संबंधित है।
194. 19वीं शताब्दी के किस कवि को दरबारी चाटुकारिता से दूर रहकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ लिखने के लिए ‘लोक - कवि’ कहकर पुकारा जाता है -
Answer: शंकरदान सामोर ने अपनी कविताओं के माध्यम से ब्रिटिश शासन का कड़ा विरोध किया, जिसके कारण उन्हें 'लोक-कवि' के रूप में प्रसिद्धि मिली।
195. साहित्य एवं साहित्यकार के युग्म में से असंगत छांटिए –
Answer: यह युग्म असंगत है क्योंकि 'राजवल्लभ' ग्रंथ के रचयिता महाराणा कुंभा के शिल्पी मंडन थे, न कि स्वयं महाराणा कुंभा।
196. सप्तकिरण से अभिप्राय है –
Answer: 'सप्तकिरण' का साहित्यिक संदर्भ में उपयोग अक्सर पद्य या कविताओं के संग्रह के लिए किया जाता है, जो विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालता है।
197. निम्न में से कौनसा युग्म असंगत है -
Answer: 'वैद्य मंडन' की रचना शिल्पी मंडन ने की थी, जबकि चरक 'चरक संहिता' के लिए प्रसिद्ध हैं। इसलिए यह युग्म गलत है।
198. भीनमाल, महान संस्कृत कवि ______ का जन्मस्थल है।
Answer: प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य 'शिशुपाल वध' के रचयिता महाकवि माघ का जन्म राजस्थान के भीनमाल में हुआ था।
199. “बीसलदेव रासो” की मुख्य महिला पात्र निम्नलिखित में से कौन सी है -
Answer: 'बीसलदेव रासो' की कहानी राजा बीसलदेव (विग्रहराज चतुर्थ) और उनकी रानी राजमती के प्रेम, वियोग और पुनर्मिलन पर केंद्रित है।
200. जैन कवि समयसुन्दर री रचना नीं हैं -
Answer: 'पद्मिनी चरित चौपाई' की रचना लब्धोदय ने की थी, न कि जैन कवि समयसुन्दर ने।