राजस्थान के अन्य राजवंश
TOPICS ▾
आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
SORT BY ▾
QUESTION 41
जैसलमेर का 1550 ई. का अर्द्धशाका किसके आक्रमण के कारण हुआ -
Answer: यह अर्द्ध-शाका कंधार के निर्वासित शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ। इसमें राजपूतों ने केसरिया किया लेकिन जीत जाने के कारण जौहर की नौबत नहीं आई।
QUESTION 42
राजस्थान में यदुवंश की दो रियासतों, जैसलमेर के भाटी और करौली के जादौन वंश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
Answer: जैसलमेर के भाटी शासक स्वयं को यदुवंशी मानते थे और 'छत्राला यादवपति' (राजछत्र के स्वामी यदुपति) की उपाधि धारण करते थे। उन्हें 'उत्तर भड़ किवाड़' (उत्तरी सीमा के रक्षक) कहा जाता था।
QUESTION 43
महाराजा सूरजमल किसके पुत्र थे -
Answer: महाराजा सूरजमल, भरतपुर रियासत के शासक बदन सिंह के पुत्र और उत्तराधिकारी थे।
QUESTION 44
निम्नलिखित में से किसने करौली को अपनी राजधानी बनाया -
Answer: यादव वंश के शासक धर्मपाल द्वितीय ने लगभग 1040 ई. में करौली की स्थापना कर उसे अपनी राजधानी बनाया।
QUESTION 45
भरतपुर के जाट रियासत के संस्थापक कौन थे -नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
Answer: चूड़ामन ने जाटों को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में संगठित किया और थून में अपनी राजधानी स्थापित की, जिससे भरतपुर राज्य की नींव पड़ी।
QUESTION 46
राजस्थान के किस नरेश द्वारा नरेंद्र को स्वामी विवेकानंद का नाम दिया गया था -
Answer: खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह, स्वामी विवेकानंद के घनिष्ठ मित्र और संरक्षक थे। उन्होंने ही नरेंद्रनाथ दत्त को 'विवेकानंद' नाम सुझाया था।
QUESTION 47
आबू के परमार वंश का संस्थापक कौन था -
Answer: आबू की परमार शाखा की स्थापना धूमराज द्वारा की गई थी, इसलिए उन्हें इस वंश का संस्थापक माना जाता है।
QUESTION 48
जैसलमेर में 1550 ई. में राव लूणकरण के समय अर्द्ध शाका हुआ क्योंकि इसमे -
Answer: इस युद्ध में राजपूत योद्धाओं ने केसरिया वस्त्र पहनकर युद्ध किया और वीरगति पाई, लेकिन अंततः वे विजयी रहे। इस कारण रानियों को जौहर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, इसीलिए इसे अर्द्ध-शाका कहा जाता है।
QUESTION 49
राजस्थान के किस राजा को ‘वाकपति’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था -
Answer: परमार वंश के राजा मुंज, जो एक महान विजेता और विद्वान थे, उन्हें 'वाक्पति' (वाणी का स्वामी) की उपाधि से विभूषित किया गया था।
QUESTION 50
निम्न में से राजपुताना के किस क्षेत्र पर वरीक वंश ने शासन किया था -
Answer: बयाना से प्राप्त विष्णुवर्धन विजय स्तंभ और सिक्कों से यह प्रमाणित होता है कि इस क्षेत्र पर प्राचीन काल में वरिक वंश का शासन था।