Adyayan.com

राजस्थान की हस्तकला

राजस्थान की हस्तकला
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत राजस्थान का साहित्य राजस्थान की चित्र शैलियाँ राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ राजस्थान की शब्दावली राजस्थान की स्थापत्य कला राजस्थान की हस्तकला राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम राजस्थान के त्यौहार राजस्थान के नृत्य राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम राजस्थान के मेले राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
QUESTION 241
अपने बहुआयामी रूपों जैसे ऊंट की खाल पर मीनाकारी, स्वर्ण मीनाकारी और महलों और हवेलियों में चित्रों (उस्ता कला) के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • A बीकानेर
  • B जोधपुर
  • C गंगानगर
  • D उदयपुर
Answer: उस्ता कला, जिसमें ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी की जाती है, बीकानेर की एक विश्व प्रसिद्ध कला है।
QUESTION 242
‘विकास के लिए फैशन’ संबंधित है -
  • A परिधानों की नई डिजाईन तैयार करना
  • B फैशन विकास के लिए एक स्वतंत्र संस्थान स्थापित करना।
  • C कन्या महाविद्यालयों में फैशन पाठ्यक्रम
  • D खादी एवं कोटा डोरिया को लोकप्रिय बनाना
Answer: यह कार्यक्रम राजस्थान के पारंपरिक वस्त्रों जैसे खादी और कोटा डोरिया को आधुनिक फैशन से जोड़कर लोकप्रिय बनाने और बुनकरों को बढ़ावा देने से संबंधित है।
QUESTION 243
राजस्थान में किस त्यौहार से पहले श्राद्ध पक्ष में ‘साँझी’ बनायी जाती है -निम्निखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A दिवाली
  • B पोंगल
  • C दशहरा
  • D होली
Answer: साँझी, जो गोबर और मिट्टी से दीवारों पर बनाई जाती है, श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) में बनाई जाती है, जो दशहरे से ठीक पहले समाप्त होता है।
QUESTION 244
बाड़मेर प्रिंट अपने बोल्ड ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाने जाते हैं जिन्हें कहा जाता है:
  • A बगरू प्रिंट
  • B सांगानेरी प्रिंट
  • C डब्बू रेसिस्ट प्रिंट
  • D अजरख प्रिंट
Answer: अजरक प्रिंट की पहचान उसके बोल्ड ज्यामितीय पैटर्न और प्राकृतिक रंगों, विशेषकर नीले और लाल, से होती है। यह बाड़मेर का प्रसिद्ध प्रिंट है।
QUESTION 245
बाड़मेर किस छपाई कला के लिए प्रसिद्ध है-
  • A अजरख, मलीर
  • B दाबू, आजम
  • C बगरू, मेण
  • D अजरख, आजम
Answer: बाड़मेर जिला अपनी दो प्रमुख छपाई कलाओं - अजरख प्रिंट और मलीर प्रिंट - के लिए विख्यात है।
QUESTION 246
हाथीदांत की वस्तुओं का प्रमुख केन्द्र है -
  • A जोधपुर
  • B जयपुर
  • C कोटा
  • D झालावाड़
Answer: हालांकि अब प्रतिबंधित है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से जयपुर हाथीदांत की चूड़ियाँ और अन्य कलात्मक वस्तुएँ बनाने का एक प्रमुख केंद्र रहा है।
QUESTION 247
सुमेलित कीजिए –हस्तशिल्प स्थान(1) अजरक प्रिन्ट (i) नाथद्वारा(2) जाजम प्रिन्ट (ii) चित्तौड़गढ़(3) पिछवाई (iii) अकोला(4) दाबू प्रिन्ट (iv) बाड़मेरकूट –
  • A 1-(ii), 2-(iv), 3-(i), 4-(iii)
  • B 1-(iii), 2-(i), 3-(iv), 4-(ii)
  • C 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv)
  • D 1-(iv), 2-(ii), 3-(i), 4-(iii)
Answer: सही सुमेलन है: अजरक प्रिंट बाड़मेर से, जाजम प्रिंट चित्तौड़गढ़ से, पिछवाई कला नाथद्वारा से और दाबू प्रिंट अकोला से संबंधित है।
QUESTION 248
निम्नलिखित में से कौन सही ढंग से मेल नहीं खाता है -
  • A थेवा कला - प्रतापगढ़
  • B मीनाकारी - जयपुर
  • C अजरक प्रिंट - सांगानेर
  • D टेराकोटा कला - मोलेला
Answer: अजरक प्रिंट बाड़मेर का प्रसिद्ध है, जबकि सांगानेर अपनी 'सांगानेरी प्रिंट' के लिए जाना जाता है। अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
QUESTION 249
राजस्थान का कौन सा क्षेत्र थेवा कला के लिए विख्यात है -
  • A प्रतापगढ़
  • B रामगढ़
  • C फतेहपुर
  • D लक्ष्मणगढ़
Answer: थेवा कला, जो काँच पर सोने की जटिल कारीगरी है, के लिए राजस्थान का प्रतापगढ़ जिला विश्व प्रसिद्ध है।
QUESTION 250
चन्दुजी का गढा तथा बोडीगामा स्थल किसके लिए विख्यात है -
  • A कुन्दल कला के लिए
  • B तीर कमान निर्माण के लिए
  • C जाजम छपाई के लिए
  • D मीनाकारी के लिए
Answer: राजस्थान के बांसवाड़ा में चन्दुजी का गढ़ा और डूंगरपुर में बोडीगामा, ये दोनों स्थान पारंपरिक रूप से तीर-कमान बनाने के लिए जाने जाते हैं।