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राजस्थान की जलवायु

राजस्थान की जलवायु, विभिन्न ऋतुओं और मानसून प्रणाली पर आधारित MCQs हल करें। कोपेन के जलवायु वर्गीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न पाएं।

राजस्थान की जलवायु
QUESTION 51
राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौन सा अतिआर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है -
  • A अजमेर
  • B भरतपुर
  • C झालावाड़
  • D जयपुर
Answer: झालावाड़ जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है और यहाँ राज्य में सर्वाधिक वर्षा होती है। यह अतिआर्द्र जलवायु प्रदेश का एक प्रमुख उदाहरण है।
QUESTION 52
कोपेन के अनुसार, कौन सा जिला समूह “Aw” जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आता है -
  • A उदयपुर, जालौर, सिरोही
  • B जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर
  • C बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़
  • D पाली, जयपुर, चुरू
Answer: Aw या उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश राजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में पाया जाता है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और झालावाड़ इस प्रदेश के अंतर्गत आते हैं।
QUESTION 53
असंगत युग्म को छाँटिए :कृषि जलवायु प्रदेश - जिले
  • A शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र - बाड़मेर, जोधपुर
  • B अन्तः स्थलीय जलोत्सरण क्षेत्र - सिरोही, पाली
  • C अर्द्ध शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र - जयपुर, अजमेर
  • D आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र - डूँगरपुर, बाँसवाड़ा
Answer: अन्तः स्थलीय जलोत्सरण (लूनी बेसिन) क्षेत्र में नागौर, सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले आते हैं, न कि सिरोही और पाली। इसलिए यह युग्म असंगत है।
QUESTION 54
कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान के कौन से भागों में ‘Aw’ प्रकार का जलवायु प्रदेश पाया जाता है -
  • A दक्षिणी एवं दक्षिणी-पूर्वी भाग
  • B मध्यवर्ती एवं उत्तरी भाग
  • C उत्तरी एवं उत्तरी-पूर्वी भाग
  • D पश्चिमी एवं दक्षिणी-पश्चिमी भाग
Answer: Aw प्रकार की जलवायु, जिसे उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु भी कहते हैं, राजस्थान के दक्षिणी (बांसवाड़ा, डूंगरपुर) और दक्षिणी-पूर्वी (झालावाड़, कोटा) भागों में पाई जाती है।
QUESTION 55
थार्नथ्वेट के वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से किस जलवायु वर्ग में जैसलमेर अवस्थित है -
  • A DB’w
  • B EA’d
  • C CA’w
  • D DA’w
Answer: थार्नथ्वेट ने जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र को EA’d (उष्ण शुष्क या मरुस्थलीय जलवायु) वर्ग में रखा है। यहाँ वर्षा बहुत कम और वाष्पीकरण बहुत अधिक होता है।
QUESTION 56
राजस्थान का कौन सा क्षेत्र अर्द्धशुष्क अथवा स्टेपी जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आता है -
  • A जालौर, पाली, जोधपुर, नागौर, सीकर, झुन्झुनू
  • B प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, बारां
  • C गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चुरू
  • D उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा
Answer: अर्द्धशुष्क या स्टेपी जलवायु (BShw) अरावली के पश्चिम में शुष्क और उप-आर्द्र क्षेत्रों के बीच में पाई जाती है। विकल्प A में दिए गए सभी जिले इसी क्षेत्र में आते हैं।
QUESTION 57
समवर्षा रेखा जो राजस्थान को लगभग दो समान भागों में विभाजित करती है, वह है -
  • A 50 सेमी
  • B 75 सेमी
  • C 100 सेमी
  • D 25 सेमी
Answer: 50 सेमी की समवर्षा रेखा अरावली पर्वतमाला के समानांतर गुजरती है और राजस्थान को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है - पूर्वी (अधिक वर्षा वाला) और पश्चिमी (कम वर्षा वाला)।
QUESTION 58
‘थार्नथ्वेट’ के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा जैसलमेर की जलवायु को प्रस्तुत करता है -
  • A EA′d
  • B DA′w
  • C CA′w
  • D DB′w
Answer: थार्नथ्वेट ने जैसलमेर और पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र को EA'd कोड दिया है, जो उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है। यहाँ अत्यधिक गर्मी और नगण्य वर्षा होती है।
QUESTION 59
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान के जिलों में निम्नलिखित समूहों में ‘Aw’ प्रकार की जलवायु पायी जाती है। -
  • A डूंगरपुर, उदयपुर और राजसमन्द में
  • B भीलवाड़ा, टोंक और जयपुर में
  • C सवाई माधोपुर, धोलपुर और झालावाड में
  • D डूंगरपुर, बांसवाड़ा और झालावाड में
Answer: Aw प्रकार की उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु राजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों की विशेषता है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और झालावाड़ इस जलवायु प्रदेश के प्रमुख जिले हैं।
QUESTION 60
निम्नलिखित में कौन-सा कथन राजस्थान की जलवायु के बारे में सही नहीं है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A पश्चिमी रेगिस्तान सबसे कम वर्षा प्राप्त करता है जिसका वार्षिक औसत 25 सेमी है।
  • B राजस्थान में औसत वर्षा अधिक नहीं है क्योंकि यह आंतरिक भाग में स्थित है।
  • C अरावली श्रंखला का विस्तार मानसूनी पवनों के लंबवत है।
  • D शीत ऋतु में मावठ से थोड़ी वर्षा प्राप्त हो जाती है।
Answer: यह कथन गलत है। अरावली श्रृंखला का विस्तार दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर है, जो अरब सागर से आने वाली मानसूनी पवनों के समानांतर है। इसी कारण ये पवनें बिना रुके आगे निकल जाती हैं और पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा होती है।