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राजस्थान की मिट्टियाँ

राजस्थान में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मिट्टियों और उनके क्षेत्रों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान की मिट्टियाँ
1. सवाई माधोपुर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा जिलों के पश्चिमी भागों में कौन-सी मृदा पाई जाती है? Jamadar Grade II 2025
  • A. (A) जलोढ़ मृदा
  • B. (B) लाल-पीली मृदा
  • C. (C) काली मृदा
  • D. (D) लैटेराइट मृदा
Answer: राजस्थान के सवाई माधोपुर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा जिलों के पश्चिमी भागों में मुख्य रूप से लाल-पीली मृदा (Red-Yellow soil) का विस्तार पाया जाता है।
2. किस मिट्टी में लोह तत्व अधिक होता है-
  • A. लाल दोमट
  • B. काली मिट्टी
  • C. रेतीली
  • D. भुरी दोमट
Answer: लाल दोमट मिट्टी का लाल रंग आयरन ऑक्साइड (लौह ऑक्साइड) की उपस्थिति के कारण होता है, इसलिए इसमें लौह तत्व की अधिकता होती है।
3. ‘रेंगृती हुई मृत्यु’ क्या है -
  • A. मृदा उर्वरता का ह्रास
  • B. वन्य जीवों की मृत्यु
  • C. वनों का ह्रास
  • D. सूक्ष्म जीवों की मृत्यु
Answer: मृदा अपरदन (soil erosion) के कारण मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत का धीरे-धीरे नष्ट होना 'रेंगती हुई मृत्यु' कहलाता है, क्योंकि इससे भूमि की उत्पादन क्षमता खत्म हो जाती है।
4. निम्नलिखित में कौन-सी मृदा पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A. लाल और पीली मृदा
  • B. मिश्रित लाल और काली मृदा
  • C. जलोढ़ मृदा
  • D. मरुस्थलीय मृदा
Answer: पश्चिमी राजस्थान थार मरुस्थल का हिस्सा है, जो एक शुष्क क्षेत्र है। इसलिए यहाँ मुख्य रूप से मरुस्थलीय या रेतीली मिट्टी ही पाई जाती है।
5. राज्य में भूमि अवनयन के अन्तर्गत सर्वाधिक क्षेत्र प्रभावित है -
  • A. जल अपरदन से
  • B. वायु अपरदन से
  • C. लवणता से
  • D. जलमग्नता से
Answer: राजस्थान का अधिकांश भाग शुष्क और रेतीला है, जहाँ तेज हवाएं चलती हैं। इन हवाओं के कारण मिट्टी की ऊपरी परत उड़ जाती है, जिसे वायु अपरदन कहते हैं। यह राज्य में भूमि अवनयन का मुख्य कारण है।
6. निम्न को सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिये -सूची-1 सूची-21. बलुई मृदा अ. उदयपुर, डूंगरपुर2. लाल मृदा ब. बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर3. काली मृदा स. टोंक, अलवर, धौलपुर4. कछारी मृदा द. कोटा, बारां, झालावाड़कूट - 1, 2, 3, 4
  • A. ब, अ, द, स
  • B. अ, ब, स, द
  • C. द, स, ब, अ
  • D. स, द, अ, ब
Answer: सही सुमेलन है: बलुई मृदा (रेगिस्तानी जिले) - बीकानेर, जोधपुर; लाल मृदा (दक्षिणी राजस्थान) - उदयपुर, डूंगरपुर; काली मृदा (हाड़ौती क्षेत्र) - कोटा, बारां; कछारी मृदा (पूर्वी मैदान) - टोंक, अलवर।
7. कौन सा सुमेलित नहीं है -मृदा का प्रकार - जिला
  • A. लाल लोम - डूंगरपुर
  • B. पर्वतीय मृदा - उदयपुर
  • C. पीली- भूरी - बीकानेर
  • D. गहरी मध्यम काली - कोटा
Answer: बीकानेर में मुख्य रूप से बलुई (रेतीली) मिट्टी पाई जाती है। पीली-भूरी मिट्टी का क्षेत्र बीकानेर नहीं है। अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
8. राजस्थान में भूरी मिट्टी का क्षेत्र है -
  • A. हाडौती क्षेत्र
  • B. अरावली पर्वत श्रृंखला के दोनो तरफ के भाग
  • C. राजस्थान का दक्षिणी क्षेत्र
  • D. बनास का प्रवाह क्षेत्र
Answer: भूरी मिट्टी मुख्य रूप से बनास नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रवाह क्षेत्र (बेसिन) में पाई जाती है, जिसमें टोंक, सवाई माधोपुर, और भीलवाड़ा जैसे जिले आते हैं।
9. निम्नलिखित में से कौनसा सही सुमेलित है -मृदा के प्रकार जिले
  • A. एरिडीसोल्स - अजमेर, उदयपुर
  • B. अल्फीसोल्स - बीकानेर, गंगानगर
  • C. इनसेप्टीसोल्स - भीलवाड़ा, पाली
  • D. वर्टीसोल्स - जोधपुर, बाड़मेर
Answer: इनसेप्टीसोल्स मृदा अरावली के आस-पास के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों जैसे पाली, भीलवाड़ा और सिरोही में पायी जाती है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि एरिडीसोल्स शुष्क पश्चिमी क्षेत्र में, अल्फीसोल्स पूर्वी मैदानों में और वर्टीसोल्स (काली मिट्टी) हाड़ौती क्षेत्र में मिलती है।
10. निम्न में से किस नाम से लवणीय एवं क्षारीय मृदा को जाना जाता है -
  • A. कल्लर
  • B. ऊसर
  • C. लवणीय
  • D. उपर्युक्त सभी नामों से
Answer: लवणीय और क्षारीय मिट्टी को स्थानीय भाषा में कल्लर, ऊसर, रेह आदि कई नामों से जाना जाता है। ये सभी नाम अनुपजाऊ भूमि के सूचक हैं।