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राजस्थान की मिट्टियाँ

राजस्थान में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मिट्टियों और उनके क्षेत्रों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान की मिट्टियाँ
91. वह जिला युग्म जहां लाल व पीली मिट्टी पायी जाती है, वह है -
  • A. जोधपुर-पाली
  • B. सवाई माधोपुर-सिरोही
  • C. कोटा-बारां
  • D. भरतपुर-अलवर
Answer: लाल व पीली मिट्टी ग्रेनाइट और नीस जैसी चट्टानों के अपक्षय से बनती है और यह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर, सिरोही, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में पाई जाती है।
92. भूरी मृदाएँ मुख्यतः निम्न में पाई जाती हैं - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)1. टोंक में 2. भीलवाड़ा में3. बूंदी में 4. उदयपुर में
  • A. केवल 1, 2 व 4
  • B. केवल 1, 3 व 4
  • C. केवल 2, 3 व 4
  • D. सभी 1, 2, 3 व 4
Answer: भूरी मिट्टी का विस्तार बनास बेसिन और अरावली के क्षेत्रों में है, जिसमें टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी और उदयपुर के कुछ हिस्से शामिल हैं।
93. पश्चिमी राजस्थान की मिट्टी अम्लीय और क्षारीय तत्वों से संसिक्त कैसे हो जाती है -
  • A. जल के प्रवाह से
  • B. मिट्टी की निचली सतह से ऊपर की ओर कोशिकाओं द्वारा जल रिसाव से
  • C. मिट्टी के अपक्षालन से
  • D. मिट्टी की ऊपरी सतह से नीचे की ओर जल रिसाव से
Answer: कम वर्षा और अधिक वाष्पीकरण के कारण, मिट्टी में नीचे का लवणीय जल केशिका क्रिया (capillary action) द्वारा सतह पर आ जाता है और पानी के वाष्पित होने पर लवण सतह पर रह जाते हैं, जिससे मिट्टी क्षारीय हो जाती है।
94. ‘सेम’ से क्या आशय है -
  • A. जलमग्नता से उत्पन्न समस्या
  • B. रासायनिक उर्वरक
  • C. स्थानान्तरित कृषि का प्रकार
  • D. मृदा वर्ग का नाम
Answer: ‘सेम’ नहरी क्षेत्रों में जल के रिसाव या अत्यधिक सिंचाई के कारण भूमि के जलमग्न हो जाने की समस्या है, जिससे भूमि दलदली और अनुपजाऊ हो जाती है।
95. काली अथवा रेगर मिट्टी किस फसल की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है-
  • A. गेहूं
  • B. चना
  • C. ज्वार
  • D. कपास
Answer: काली मिट्टी में नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है, जो कपास की फसल के लिए आदर्श स्थिति है। इसीलिए इसे 'कपासी मिट्टी' भी कहा जाता है।
96. राजस्थान में मरुस्थलीय मृदा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A. इसमें उर्वरता की कमी तथा लवणता अधिक होती है।
  • B. यह पानी को अत्यधिक मात्रा में सोख और धारण कर सकती है।
  • C. यह मृदा पवन् के द्वारा स्थानान्तरित होती है।
  • D. यह मृदा पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है।
Answer: मरुस्थलीय या रेतीली मिट्टी के कण मोटे होते हैं, जिसके कारण इसकी जल सोखने की क्षमता तो अधिक होती है, लेकिन जल धारण करने (रोककर रखने) की क्षमता बहुत कम होती है। पानी तुरंत नीचे चला जाता है।
97. दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में इनमें से कौन-सी मृदा की प्रधानता है -
  • A. लाल मृदा
  • B. भूरी रेतीली मृदा
  • C. मध्यम काली मृदा
  • D. लाल एवं पीली मृदा
Answer: दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान, जिसे हाड़ौती क्षेत्र भी कहा जाता है (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़), में मुख्य रूप से मध्यम काली मिट्टी पाई जाती है।
98. राजस्थान में लाल लोम मृदा पायी जाती है -
  • A. सिरोही में
  • B. पाली में
  • C. उदयपुर में
  • D. जालौर में
Answer: लाल लोम (या लोमी) मिट्टी राजस्थान के दक्षिणी भाग, विशेषकर उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में पाई जाती है। यह मक्का की खेती के लिए उपयुक्त होती है।
99. निम्न में से कौन-सी एक विशेषता शुष्क मृदा से संबंधित नहीं है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
  • A. रंग में लाल से भूरी
  • B. लवणीय प्रकृति
  • C. बलूई बनावट
  • D. ह्युमस समृद्ध
Answer: शुष्क मृदा (मरुस्थलीय मिट्टी) में वनस्पति की कमी के कारण जैविक पदार्थ या ह्यूमस की मात्रा बहुत कम होती है। 'ह्यूमस समृद्ध' का अर्थ है जैविक पदार्थों से भरपूर होना, जो कि इसकी विशेषता नहीं है।
100. जिप्सीफेरस मिट्टी राजस्थान के किस जिले में मिलती है -
  • A. बीकानेर
  • B. कोटा
  • C. करौली
  • D. डूंगरपुर
Answer: जिप्सिफेरस मिट्टी, जिसमें जिप्सम की अधिकता होती है, राजस्थान के शुष्क पश्चिमी क्षेत्र, विशेषकर बीकानेर जिले में पाई जाती है।