राजस्थान की मिट्टियाँ
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121. राजस्थान में निम्नलिखित कौन से जिलों में लाल लोमी मिट्टी पायी जाती है -
Answer: लाल लोमी मिट्टी दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर, उदयपुर और बांसवाड़ा जैसे जिलों में पाई जाती है। इसमें लौह ऑक्साइड की अधिकता के कारण इसका रंग लाल होता है।
122. राजस्थान में यह मृदा पवन द्वारा विस्थापित होती है, इसमें उर्वरता कम एवं लवणता अधिक होती है।मृदा की पहचान कीजिए।निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: मरुस्थलीय मृदा (रेतीली मिट्टी) हल्की होती है, जिस कारण यह पवन द्वारा आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर चली जाती है। इसमें जैविक पदार्थों की कमी के कारण उर्वरता कम और लवणता अधिक होती है।
123. राजस्थान में लेटराइट मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है -
Answer: लैटेराइट मिट्टी में पोषक तत्वों, विशेषकर नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है। इसलिए यह कथन गलत है। अन्य सभी कथन लैटेराइट मिट्टी के संबंध में सही हैं।
124. राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार की मिट्टी सबसे अधिक क्षेत्र में पाई जाती है -नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
Answer: राजस्थान का अधिकांश पश्चिमी भाग थार मरुस्थल है, इसलिए राज्य के कुल क्षेत्रफल के सबसे बड़े हिस्से पर मरुस्थलीय या रेतीली मिट्टी ही पाई जाती है।
125. निम्नलिखित में से कौन सी मिट्टी राजस्थान के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अधिकतर पाई जाती है?
Answer: वर्टिसोल्स (काली मिट्टी) मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। राजस्थान में यह हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, झालावाड़) में मिलती है।
126. निम्नलिखित में से कौन-सा मृदा अपरदन का प्रत्यक्ष कारण नहीं है -
Answer: अत्यधिक पशुचारण, स्थानांतरित कृषि और वन विनाश सीधे तौर पर मिट्टी की ऊपरी परत को हटाते हैं। वैश्विक तापमान वृद्धि एक अप्रत्यक्ष कारण है जो मौसम के पैटर्न को बदलकर अपरदन को प्रभावित कर सकता है।
127. कोटा, बूंदी, झालावाड़ में कौनसी मृदा पायी जाती है -
Answer: कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले हाड़ौती पठार का हिस्सा हैं, जहाँ मुख्य रूप से मध्यम काली मृदा पाई जाती है। इसे 'रेगुर' या 'वर्टिसोल' भी कहते हैं।
128. राजस्थान में “रेंगती मृत्यु” शब्द का प्रयोग किसे दर्शाने के लिये किया जाता है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: “रेंगती हुई मृत्यु” (Creeping Death) का उपयोग मृदा अपरदन की धीमी लेकिन विनाशकारी प्रक्रिया के लिए किया जाता है, जिससे धीरे-धीरे मिट्टी की उपजाऊ परत नष्ट हो जाती है।
129. राजस्थान में किस जिले में कैल्सीओरथिड पायी जाती है -
Answer: कैल्सीओरथिड एरिडिसोल (शुष्क मृदा) का एक उप-समूह है जिसमें कैल्शियम कार्बोनेट की परत होती है। यह राजस्थान के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों जैसे सीकर और झुंझुनू में पाई जाती है।
130. राजस्थान में मृदा में लवणीयता व क्षारीयता की समस्या कहां पायी जाती है -
Answer: लवणीयता और क्षारीयता की समस्या उन क्षेत्रों में अधिक होती है जहाँ सिंचाई अधिक और जल निकासी खराब होती है। दिए गए विकल्पों में से पाली में यह समस्या प्रमुख रूप से पाई जाती है।