Adyayan.com

राजस्थान की मिट्टियाँ

राजस्थान में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मिट्टियों और उनके क्षेत्रों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान की मिट्टियाँ
141. निम्नलिखित में से किस जिले में ‘सेम’ की समस्या है -
  • A. पाली
  • B. अलवर
  • C. जयपुर
  • D. हनुमानगढ़
Answer: ‘सेम’ की समस्या जलभराव (waterlogging) को कहते हैं। यह समस्या नहर सिंचित क्षेत्रों में अधिक होती है, और राजस्थान में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर इससे सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं।
142. निम्नलिखित में से कौन-सा काली मिट्टी के संबंध में सत्य कथन नहीं है -
  • A. यह दोमट मिट्टी है।
  • B. इसमें कैल्शियम एवं पोटाश की मात्रा पर्याप्त होती है।
  • C. इसमें नाइट्रोजन की कमी होती है।
  • D. यह चुरु, झुन्झुनू एवं नागौर जिलों में पाई जाती है।
Answer: काली मिट्टी हाड़ौती पठार (कोटा, बूंदी) में पाई जाती है, न कि चुरु, झुन्झुनू और नागौर जैसे शेखावाटी और शुष्क क्षेत्रों में। बाकी सभी कथन काली मिट्टी के लिए सही हैं।
143. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I (मृदा के प्रकार) सूची-II (सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषताएं)a. लाल पीली मृदा I. रेतीली दोमट संरचना होती है।b. मरुस्थली मृदा II. लौह अंश की मौजूदगीc. काली मृदा III. जल धारण एवं शोषण क्षमता कम पायी जाती है।d. जलोढ़ मृदा IV. चीका प्रधान मृदानीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:
  • A. a - II, b - III, c - IV, d - I
  • B. a - I. b - III, c - II, d - IV
  • C. a - II, b - IV, c - I, d - III
  • D. a - I, b - III, c - IV, d - II
Answer: सही मिलान है: लाल पीली मृदा (लौह अंश), मरुस्थली मृदा (जल धारण क्षमता कम), काली मृदा (चीका/क्ले प्रधान), और जलोढ़ मृदा (रेतीली दोमट संरचना)।
144. लाल दोमट प्रकार की मिट्टी राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में पाई जाती है -
  • A. नागौर
  • B. जालौर
  • C. जोधपुर
  • D. बांसवाड़ा
Answer: लाल दोमट मिट्टी राजस्थान के दक्षिणी जिलों जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। यह मक्का की खेती के लिए उपयुक्त होती है।
145. निम्नलिखित युग्मों में से वह कौन सा जिला है जहां लाल एवं पीली मृदा पायी जाती है -
  • A. अलवर - भरतपुर
  • B. अजमेर - भीलवाड़ा
  • C. बारां - टोंक
  • D. जोधपुर - पाली
Answer: लाल और पीली मिट्टी का क्षेत्र मुख्य रूप से अरावली के आसपास के जिलों में है, जिनमें अजमेर, भीलवाड़ा, सिरोही और सवाई माधोपुर प्रमुख हैं।
146. निम्न में से कौन-सी संरक्षण विधि, पवन अपरदन नियंत्रण हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है -
  • A. चट्टानी बाँध
  • B. सीढ़ीदार कृषि
  • C. शेल्टर बैल्ट
  • D. अन्तरा-सस्यन
Answer: शेल्टर बेल्ट (रक्षक मेखला) में खेतों के किनारों पर पेड़ों की कतारें लगाई जाती हैं। ये पेड़ हवा की गति को कम करते हैं, जिससे पवन द्वारा होने वाला मृदा अपरदन रुकता है। यह मरुस्थलीय क्षेत्रों के लिए सबसे उपयुक्त है।
147. राजस्थान में जलोढ़ मृदा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A. इस मृदा में पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन पाया जाता है।
  • B. इस मृदा में पोटाश और लाइम (चूने) की मात्रा कम होती है।
  • C. यह राजस्थान के केवल उत्तरी ज़िलों में पायी जाती है।
  • D. यह गेहूँ, सरसों, कपास और तंबाकू के उत्पादन के लिए बहुत उपयोगी है।
Answer: जलोढ़ मृदा बहुत उपजाऊ होती है और राजस्थान के पूर्वी मैदानी भागों (जैसे जयपुर, अलवर, दौसा) में पाई जाती है। यह गेहूं, सरसों जैसी फसलों के लिए उत्तम है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन की कमी होती है।
148. मिट्टी के अपरदन में राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल है -
  • A. आवरण अपरदन का
  • B. धरातली अपरदन का
  • C. नालीनुमा अपरदन का
  • D. वात अपरदन का
Answer: राजस्थान का बड़ा हिस्सा मरुस्थलीय होने के कारण, यहाँ मिट्टी का अपरदन सबसे अधिक वायु (वात) द्वारा होता है। तेज हवाएं सूखी और ढीली रेतीली मिट्टी को आसानी से उड़ा ले जाती हैं।
149. हाड़ौती पठार पर निम्न में से कौन सी मृदा पाई जाती है -
  • A. वर्टीसोल्स
  • B. इन्सेप्टीसोल्स
  • C. अल्फीसोल्स
  • D. एन्टीसोल्स
Answer: हाड़ौती पठार (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में मुख्य रूप से काली मिट्टी पाई जाती है, जिसका वैज्ञानिक नाम वर्टीसोल्स (Vertisols) है।
150. राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में मरुस्थलीय मृदा नहीं पायी जाती है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A. कोटा
  • B. चूरू
  • C. नागौर
  • D. जोधपुर
Answer: कोटा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में आता है जहाँ काली मिट्टी (वर्टिसोल्स) पाई जाती है। चूरू, नागौर और जोधपुर पश्चिमी राजस्थान के हिस्से हैं जहाँ मरुस्थलीय मृदा मिलती है।