राजस्थान की मिट्टियाँ
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QUESTION 31
कोटा-बूंदी-झालावाड़ जिलों में कौनसी मृदा की प्रधानता है -
Answer: कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिले हाड़ौती पठार का हिस्सा हैं, जो काली मिट्टी के क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यहाँ मध्यम गहरी काली मृदा पाई जाती है।
QUESTION 32
निम्न में से जिलों का कौन सा युग्म जलभराव (सेम) की समस्या से अधिक प्रभावित है -
Answer: इंदिरा गांधी नहर से अत्यधिक सिंचाई के कारण गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भूमिगत जल स्तर ऊपर आ गया है, जिससे जलभराव या 'सेम' की समस्या उत्पन्न हो गई है।
QUESTION 33
निम्न में से कौन-सा मृदा में लवणीयता एवं क्षारीयता का समाधान है -
Answer: मिट्टी की क्षारीयता को कम करने और उसे सुधारने के लिए जिप्सम का प्रयोग किया जाता है। यह मिट्टी के रासायनिक गुणों को संतुलित करने में मदद करता है।
QUESTION 34
निम्नलिखित में से किस मृदा में ‘कांकर’ परत स्थलाकृति पाई जाती है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: शुष्क (मरुस्थलीय) क्षेत्रों में, मिट्टी के नीचे कैल्शियम कार्बोनेट की एक कठोर परत बन जाती है, जिसे 'कांकर' परत कहा जाता है। यह पानी के रिसाव को रोकती है।
QUESTION 35
जयपुर, दौसा और अलवर जिलों में किस मृदा की प्रधानता है -
Answer: अल्फीसोल्स एक उपजाऊ मिट्टी है, जो पूर्वी राजस्थान के मैदानी भागों जैसे जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर आदि में पाई जाती है। इसे जलोढ़ या कछारी मिट्टी भी कहा जाता है।
QUESTION 36
लाल दोमट मिट्टी राजस्थान में पाई जाती है।
Answer: लाल दोमट मिट्टी (लाल लोमी) मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिणी जिलों डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर के कुछ भागों में पाई जाती है।
QUESTION 37
वर्टीसोल मृदा मुख्यतः ___ में मिलती है।(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: वर्टीसोल काली मिट्टी को कहते हैं और यह मुख्य रूप से हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में पाई जाती है। दिए गए विकल्पों में कोटा सबसे उपयुक्त है।
QUESTION 38
कथन-रेतीली मिट्टी में उपजाऊ तत्वों की मात्रा कम तथा लवण की मात्रा अधिक होती है।कारण-लवणीय मिट्टी में कुछ घास अवश्य उत्पन्न हो जाती है।
Answer: कथन सही है क्योंकि रेतीली मिट्टी कम उपजाऊ और लवणीय होती है। कारण भी सही है क्योंकि लवणता के बावजूद कुछ विशेष प्रकार की लवण-सहिष्णु घासें उग सकती हैं।
QUESTION 39
कथन (अ)- राजस्थान में पाई जाने वाली सीरोजम मिट्टी की उर्वरा शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है।अथन (ब)- सीरोजम मिट्टी में नाईट्रोजन तथा कार्बनिक पदार्थो की कमी होती है।
Answer: सीरोजम मिट्टी (धूसर मरुस्थलीय मिट्टी) की उर्वरा शक्ति कम होती है (कथन अ), और इसका मुख्य कारण यही है कि इसमें नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की कमी होती है (कथन ब)। इसलिए, कथन 'ब' कथन 'अ' की सही व्याख्या करता है।
QUESTION 40
एल्फीसोल्स मृदा राजस्थान के कौनसे जिले में नहीं पायी जाती -
Answer: एल्फीसोल्स (जलोढ़ मिट्टी) पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में पाई जाती है। जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान का एक शुष्क जिला है, जहाँ एरिडीसोल्स (रेतीली मिट्टी) पाई जाती है।