राजस्थान की मिट्टियाँ
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QUESTION 61
कथन-राजस्थान में मिट्टी के कटाव की समस्या है।कारण-राजस्थान में चम्बल, बनास, घग्घर व बाणगंगा आदि नदियां मिट्टी के कटाव का प्रमुख कारण है।
Answer: राजस्थान में मिट्टी का कटाव एक गंभीर समस्या है, और चंबल जैसी नदियाँ अपने तेज बहाव के कारण बड़े पैमाने पर बीहड़ों का निर्माण करती हैं, जो मिट्टी के कटाव का एक प्रमुख उदाहरण है। इसलिए, कथन और कारण दोनों सही हैं।
QUESTION 62
नीचे दो कथन दिए गए हैं :कथन-I: काली मिट्टी राजस्थान के कोटा, बूंदी, बाराँ और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है।कथन- II : काली मिट्दी में नाइट्रोजन तो पर्याप्त मात्रा में होती है परन्तु कैल्शियम की कमी होती है।उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
Answer: कथन I सही है क्योंकि हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में काली मिट्टी पाई जाती है। कथन II गलत है क्योंकि काली मिट्टी में नाइट्रोजन और जैविक पदार्थों की कमी होती है, जबकि कैल्शियम और पोटाश पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
QUESTION 63
वर्टीसोल मृदा मुख्यतः किस जिला समूह में पाई जाती है -
Answer: वर्टीसोल्स (Vertisols) वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार काली मिट्टी का ही एक प्रकार है। यह मिट्टी राजस्थान के हाड़ौती पठार क्षेत्र, विशेषकर कोटा और बूँदी जिलों में प्रमुखता से पाई जाती है।
QUESTION 64
सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए -सूची-1 (मिट्टी के प्रकार) सूची-2 (जलवायु प्रदेश)अ. एरिडीसोल्स 1. शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्कब. इन्सेप्टीसोल्स 2. अर्द्ध-शुष्क एवं आर्द्रस. अल्फीसोल्स 3. उप-आर्द्र एवं आर्द्रद. वर्टीसोल्स 4. आर्द्र एवं अति-आर्द्रकूट - अ, ब, स, द
Answer: यह मिट्टी के प्रकारों और उनके जलवायु प्रदेशों का सही मिलान है: एरिडीसोल्स (शुष्क), इन्सेप्टीसोल्स (अर्द्ध-शुष्क से आर्द्र), अल्फीसोल्स (उप-आर्द्र से आर्द्र) और वर्टीसोल्स (आर्द्र से अति-आर्द्र)। इसलिए, सभी जोड़े सीधे-सीधे सुमेलित हैं।
QUESTION 65
कथन अ - राजस्थान में पाई जाने वाली सीरोजम मिट्टी की उर्वरा शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है।कारण ब - सीरोजम मिट्टी में नाइट्रोजन तथा कार्बनिक पदार्थो की कमी होती है।कूट -
Answer: सीरोजम (धूसर मरुस्थलीय) मिट्टी की उर्वरता कम होती है (कथन अ सही है), क्योंकि इसमें पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों की कमी होती है (कारण ब सही है)। कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
QUESTION 66
मृदा में लवणीयता की समस्या का समाधान है
Answer: लवणीय और क्षारीय मिट्टी को सुधारने के लिए जिप्सम और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिजों का उपयोग किया जाता है। ये मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाते हैं और लवणता को कम करने में मदद करते हैं।
QUESTION 67
राजस्थान की शुष्क भूमि के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: शुष्क या मरुस्थलीय मिट्टी में कम वनस्पति और उच्च तापमान के कारण नाइट्रोजन और ह्यूमस (जैविक पदार्थ) की भारी कमी होती है। इसलिए यह कथन कि इसमें ये पर्याप्त मात्रा में होते हैं, गलत है।
QUESTION 68
उदयपुर तथा कोटा जिलों में अधिकांशतः है -
Answer: उदयपुर जिला अरावली पर्वतमाला में स्थित है, इसलिए यहाँ पर्वतीय मिट्टी पाई जाती है। कोटा का कुछ क्षेत्र भी पहाड़ी है। इस युग्म के लिए 'पर्वतीय मृदा' सबसे उपयुक्त विकल्प है।
QUESTION 69
नीचे दो कथन दिए गए हैं :कथन (I) : फॉस्फेट की चट्टानें अधिकांशतः सुपरफॉस्फेट के निर्माण में प्रयोग की जाती हैं, जो कि फसलों, फलों और फूलों के पोषण में प्रयोग होती हैं।कथन (II) : फॉस्फेट चट्टानें मैटॉन, करबारिया-का-गुरहा, कानपुर, डाकन कोटरा और नीमच पहाड़ियों में स्थित है। ये सभी उदयपुर और जैसलमेर इलाकों के पास प्री-कैम्ब्रियन युग की अरावली संरचना है।उपरोक्त कथनों के आलोक में, नोचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
Answer: दोनों कथन सही हैं। फॉस्फेट चट्टानों का उपयोग सुपरफॉस्फेट उर्वरक बनाने में होता है और राजस्थान में इसके प्रमुख भंडार उदयपुर (झामरकोटड़ा) और जैसलमेर क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
QUESTION 70
ज़िलों के किस युग्म में जलोढ मृदा पाई जाती है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Answer: जलोढ़ मिट्टी नदियों द्वारा बहाकर लाई गई मिट्टी होती है। राजस्थान के पूर्वी मैदानी भागों, जैसे भरतपुर और धौलपुर, में यह मिट्टी प्रमुखता से पाई जाती है।