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किसान एवं आदिवासी आन्दोलन

किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
QUESTION 161
कथन (अ): 1938 में विभिन्न राज्यों में प्रजामंडलों की स्थापना हुई।कारण (ख): 1938 में कांग्रेस ने राज्यों में चल रहे स्वतंत्रता आन्दोलनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की।विकल्प -
  • A अ गलत है और ख सही है।
  • B अ सही है और ख गलत है।
  • C अ व ख दोनों सही है, और ख, अ की ठीक व्याख्या करता है।
  • D अ व ख दोनों सही है, और ख, अ की ठीक व्याख्या नहीं करता है।
Answer: 1938 के हरिपुरा अधिवेशन में कांग्रेस द्वारा रियासतों के आंदोलनों को नैतिक समर्थन देने की घोषणा के बाद राजस्थान की कई रियासतों में प्रजामंडलों की स्थापना या पुनर्गठन में तेजी आई।
QUESTION 162
निम्न लिखित में से कौन सी घटना को महात्मा गांधी ने ‘डायर के कृत्य से दुगनी वीभत्स’ काण्ड बताया -
  • A नीमचाणा घटना, मई 1925 की
  • B चन्दावल की घटना, मार्च 1942
  • C डाबड़ा की घटना, मार्च 1947
  • D बरड़ की घटना, जून 1922
Answer: गांधीजी ने अलवर के नीमूचणा में किसानों पर हुई गोलीबारी की घटना को 'दोहरी डायरशाही' और जलियांवाला बाग से भी वीभत्स बताया था।
QUESTION 163
गांधी जी ने किस पत्र में नीमूचणा हत्याकांड को दूसरे जलियांवाला बाग हत्याकांड की संज्ञा दी -
  • A हरिजन
  • B यंग इंडिया
  • C हरिजन सेवक
  • D सत्याग्रही
Answer: महात्मा गांधी ने अपने समाचार पत्र 'यंग इंडिया' में नीमूचणा हत्याकांड पर लेख लिखकर इसे 'जलियांवाला बाग से भी वीभत्स' और 'दोहरी डायरशाही' की संज्ञा दी।
QUESTION 164
राजस्थान के किस नरसंहार को गाँधी जी ने ‘दोहरी डायरशाही’ की संज्ञा दी -
  • A बेगूं
  • B मानगढ़
  • C नीमूचाना
  • D डाबी
Answer: गांधीजी ने अलवर के नीमूचाना नरसंहार की क्रूरता के कारण इसे 'दोहरी डायरशाही' (Double Dyarism) कहा था।
QUESTION 165
नीचे दो कथन दिए गए हैं:कथन (I): बिजोलिया किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए, उदयपुर की राज्य सरकार ने अप्रैल 1919 में, एक आयोग का गठन माण्डलगढ हाकीम बिन्दूलाल भट्टाचार्य की अध्यक्षता में गठित किया। आयोग ने किसानों के हित के लिए अनेक अनुशंसाएँ की।कथन (II): भारतीय सरकार के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का मानना था कि बिजोलिया किसान पंचायत से गठबंधन की तुरन्त स्थापना की जाए अन्यथा राजपूताना में किसान आंदोलन एक हिंसात्मक रूप ले सकता है।उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
  • A कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है।
  • B कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
  • C कथन (I) और कथन (II) दोनों ही गलत हैं।
  • D कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है।
Answer: दोनों कथन सही हैं। 1919 में बिन्दुलाल भट्टाचार्य आयोग का गठन हुआ था और ब्रिटिश सरकार भी आंदोलन के बढ़ने की आशंका से चिंतित थी और समझौते के पक्ष में थी।
QUESTION 166
बिजौलिया किसान आन्दोलन के दौरान ‘प्रवर्तित विद्या प्रचारिणी सभा’ के प्रवर्तक थे -
  • A रामनारायण चौधरी
  • B विजयसिंह पथिक
  • C माणिक्यलाल वर्मा
  • D जमना लाल बजाज
Answer: विजय सिंह पथिक ने किसानों में शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए 'विद्या प्रचारिणी सभा' की स्थापना की और उसकी गतिविधियों का संचालन किया।
QUESTION 167
‘सम्प सभा’ की स्थापना किसने की थी -
  • A गोविंद गुरु
  • B रुपाजी
  • C मोतीलाल तेजावत
  • D राव गोपालसिंह
Answer: गोविंद गुरु ने भीलों में सामाजिक-धार्मिक सुधार और एकता के लिए 1883 में सम्प सभा की स्थापना की।
QUESTION 168
राजस्थान में गोविंदगिरी के भगत आंदोलन का विस्तार मुख्यतः ______ समुदाय के बीच था।
  • A सहरिया
  • B गोदिया लोहार
  • C भील
  • D मीणा
Answer: गोविंद गिरी का भगत आंदोलन मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान के भील और गरासिया जनजाति के लोगों के बीच फैला।
QUESTION 169
शेखावाटी किसान आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है -
  • A इस आंदोलन ने अंतर्राष्ट्रीय ध्यान तब आकर्षित किया जब 1925 में पथिक लॉरेंस ने इसे ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में उठाया और इसके घटनाक्रम की रिपोर्ट लंदन के “डेली हेराल्ड” समाचार पत्र में प्रकाशित हुई।
  • B 25 अप्रैल 1935 को धापी देवी द्वारा करों से इनकार करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने के कारण कूदन नरसंहार हुआ, जिसके परिणामस्वरूप चार किसान शहीद हो गए और इस घटना पर ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में चर्चा हुई।
  • C 25 अप्रैल 1934 को कटारथल सम्मेलन श्रीमती किशोरी देवी के नेतृत्व में महिलाओं की एक महत्वपूर्ण सभा थी, जिसमें सिहोट के ठाकुर मानसिंह द्वारा जाट महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार का विरोध किया गया था।
  • D 1931 में गठित राजस्थान जाट क्षेत्रीय महासभा ने 1933 में झुंझुनू में अपना पहला सत्र आयोजित किया, जहाँ ठाकुर देशराज ने “जाट प्रजापति महायज्ञ” का आयोजन किया।
Answer: जाट प्रजापति महायज्ञ 1934 में सीकर में आयोजित किया गया था, न कि 1933 में झुंझुनू में। यह यज्ञ ठाकुर देशराज द्वारा आयोजित किया गया था।
QUESTION 170
बिजौलिया किसान आंदोलन के प्रणेता निम्न में से कौन थे -
  • A केसरी सिंह बारहठ
  • B जमनालाल बजाज
  • C अर्जुनलाल सेठी
  • D विजय सिंह पथिक
Answer: हालांकि आंदोलन की शुरुआत साधु सीताराम दास ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और सफलतापूर्वक नेतृत्व करने का श्रेय विजय सिंह पथिक को जाता है, इसलिए उन्हें प्रणेता माना जाता है।