राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
TOPICS ▾
आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
SORT BY ▾
QUESTION 21
किसके द्वारा परगने की रिपोर्ट राज्य के दीवान के पास भेजी जाती थी।
Answer: 'खुफिया नवीस' राज्य का गुप्तचर या समाचार लेखक होता था, जो परगने की सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों की रिपोर्ट सीधे दीवान या शासक तक भेजता था।
QUESTION 22
न्याय व्यवस्था के बारे में विचार करें -(i) न्याय और दण्ड का आधार प्राचीन धर्मशास्त्र थे।(ii) प्राचीन साहित्यिक स्त्रोतों ‘वृहत्कथा कोष व समराइच्छकहा’ से भी न्याय व्यवस्था का वर्णन मिलता है।(iii) शासन की सबसे छोटी इकाई गाँव था, जहाँ न्याय का अधिकारी ग्राम चौधरी या पटेल हुआ करता था।(iv) परगनों में न्याय का कार्य, हाकिम या आमिल या हवलगिर करता था।सही कूट का चयन कर उत्तर दीजिए-
Answer: दिए गए सभी कथन मध्यकालीन राजस्थान की न्याय व्यवस्था की सही तस्वीर प्रस्तुत करते हैं, जिसमें विभिन्न स्तरों पर न्याय प्रदान करने की एक सुसंरचित प्रणाली मौजूद थी।
QUESTION 23
8 वीं से 12 वीं सदी के समाज में राजस्थान मे प्रचलित अधिकारी ‘अक्षपटलिक‘ का संबंध किस से था-
Answer: 'अक्षपटलिक' एक महत्वपूर्ण अधिकारी था जिसका मुख्य कार्य राज्य के सभी आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और दस्तावेजों को संरक्षित करना था।
QUESTION 24
मध्यकालीन राजस्थान के भूमि एवं राजस्व व्यवस्था के संबंध में निम्न में से कौनसा/से कथन सत्य है/हैं -(अ) उपजाऊ भूमि ‘माल’ व पहाड़ी भूमि ‘मगरा’ कहलाती थी।(ब) सर्दी में पैदा फसल ‘सियालू’ व गर्मियों में पैदा होने वाली फसल ‘उनाल’ कहलाती थीं।(स) उपज पर कर का निर्धारण ‘लाटा एवं कूंता’ प्रणाली से होता था।
Answer: ये तीनों कथन सत्य हैं और मध्यकालीन राजस्थान की कृषि और राजस्व शब्दावली को सही ढंग से दर्शाते हैं।
QUESTION 25
हवाला, जागीर, भौम, सासण किसके प्रकार है -
Answer: ये सभी मध्यकालीन राजस्थान में प्रचलित भूमि के विभिन्न प्रकार थे, जिन्हें उनके स्वामित्व (जैसे खालसा, जागीर) या उद्देश्य (जैसे भौम, सासण) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता था।
QUESTION 26
निम्न में से कौनसा जोड़ा सही सुमेलित नहीं है-इकाई - अधिकारी
Answer: 'मण्डल' एक बड़ी प्रशासनिक इकाई थी, लेकिन इसके प्रमुख को 'मंडलेश्वर' कहा जाता था, न कि 'मण्डलिक'। अन्य सभी जोड़े सही हैं।
QUESTION 27
डावी और जीवनी सामन्तों की श्रेणी राजस्थान में राजस्थान में कहां प्रचलित थी -
Answer: जैसलमेर रियासत में दरबार में बैठने के स्थान के आधार पर सामंतों को इन दो मुख्य श्रेणियों, डावी (बाईं ओर) और जीवनी (दाईं ओर), में वर्गीकृत किया जाता था।
QUESTION 28
मध्यकालीन मारवाड़ में शासक के बाद सर्वोच्च अधिकारी कौन था -
Answer: मारवाड़ (जोधपुर) रियासत की प्रशासनिक व्यवस्था में, शासक के बाद सबसे शक्तिशाली और सर्वोच्च पद 'प्रधान' का होता था, जो मुख्यमंत्री के समकक्ष था।
QUESTION 29
मध्यकाल में एक शासक द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भेजे जाने वाले पत्र क्या कहलाते थे -
Answer: 'परवाना' एक आधिकारिक आज्ञा पत्र होता था जिसे शासक या कोई उच्च अधिकारी अपने अधीनस्थ जागीरदारों या कर्मचारियों को जारी करता था।
QUESTION 30
मारवाड़ राज्य में किस प्रकार के सामंतों को रेख, हुक्मनामा और चाकरी से 3 पीढ़ियों के लिए मुक्त किया जाता था -
Answer: 'राजवी' शासक के निकटतम रक्त-संबंधी होते थे। इस विशेष दर्जे के कारण, उन्हें तीन पीढ़ियों तक रेख, हुक्मनामा और चाकरी जैसी सेवाओं से छूट दी जाती थी।