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राजस्थान में 1857 की क्रांति

राजस्थान में 1857 की क्रांति
81. मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय कहाँ स्थापित किया था -
  • A. उदयपुर
  • B. ब्यावर
  • C. अजमेर
  • D. नसीराबाद
Answer: 1822 में स्थापित मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय ब्यावर में था, जिसका मुख्य कार्य मेर विद्रोहियों को नियंत्रित करना था।
82. 1857 में नसीराबाद में विद्रोह करने वाली बटालियन थी -
  • A. 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेण्टरी
  • B. बॉम्बेलांसर्स
  • C. 30वीं बंगाल नेटिव इन्फेण्टरी
  • D. मेरवाड़ा बटालियन
Answer: नसीराबाद में विद्रोह की शुरुआत 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने की थी, क्योंकि उन्हें अजमेर से हटाकर नसीराबाद भेजा गया था, जिससे उनमें अविश्वास की भावना पैदा हुई।
83. 8 सितम्बर 1857 को बिथोडा स्थान पर ______ ने मारवाड़ की राजकीय सेना को परास्त किया।
  • A. तांत्या टोपे
  • B. ठा. कुशाल सिंह
  • C. मेहराब खान और जयदयाल
  • D. अंग्रेजी सेना
Answer: 8 सितंबर, 1857 को बिथौड़ा के युद्ध में आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने मारवाड़ (जोधपुर) की राजकीय सेना को हराया था।
84. कौन से पाॅलिटिकल एजेंट जोधपुर में 1857 के विप्लव में मारे गये थे -
  • A. मैक मोसन
  • B. कर्नल इडन
  • C. मेजर शावर्स
  • D. बर्टन
Answer: जोधपुर (मारवाड़) के पॉलिटिकल एजेंट मैक मोसन चेलावास के युद्ध में क्रांतिकारियों द्वारा मारे गए थे और उनका सिर आउवा के किले पर लटका दिया गया था।
85. राजस्थान में छावनी बोर्ड की स्थापना कहाँ की गई है -
  • A. नसीराबाद
  • B. जैसलमेर
  • C. नीमच
  • D. जोधपुर
Answer: राजस्थान में एकमात्र छावनी बोर्ड (Cantonment Board) की स्थापना नसीराबाद में की गई है, जो ब्रिटिश काल की एक प्रमुख सैन्य छावनी थी।
86. कुशालसिंह की पराजय के बाद ब्रिटिश सेना ने आहूआ पर कब्जा किया था -
  • A. 24 जन. 1858 ई. में
  • B. 26 फर. 1858 ई. में
  • C. 20 जन. 1858 ई. में
  • D. 24 जन. 1859 ई. में
Answer: कर्नल होम्स के नेतृत्व में एक बड़ी ब्रिटिश सेना ने आउवा पर आक्रमण किया और 24 जनवरी, 1858 को किले पर अधिकार कर लिया। ठाकुर कुशाल सिंह इससे पहले ही वहाँ से निकल गए थे।
87. कोटा के किस क्रांतिकारी नेता को तोप के विस्फोट से उड़ाया गया -
  • A. कुशलराज
  • B. जयदयाल
  • C. कुशालसिंह
  • D. केसरीसिंह
Answer: कोटा विद्रोह के दमन के बाद, इसके प्रमुख नेता लाला जयदयाल को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें तोप से उड़ाकर मृत्युदंड दिया।
88. करौली राज्य ने 1857 के विद्रोह के दौरान किस राज्य की सहायता हेतु अपनी सेना भेजी -
  • A. जोधपुर
  • B. जयपुर
  • C. मेवाड़
  • D. कोटा
Answer: जब कोटा के महाराव राम सिंह द्वितीय को क्रांतिकारियों ने नजरबंद कर दिया, तो करौली के शासक मदनपाल ने अपनी सेना भेजकर उन्हें मुक्त कराने में अंग्रेजों की सहायता की।
89. राजस्थान में आउवा का विद्रोह किसके नेतृत्व में हुआ था -
  • A. हरिसिंह
  • B. तांत्या टोपे
  • C. जयदयाल
  • D. ठाकुर कुशाल सिंह
Answer: आउवा में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व वहाँ के जागीरदार ठाकुर कुशाल सिंह चम्पावत ने किया था।
90. 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम के समय कोटा महाराव की सहायता के लिए किस राज्य ने सैनिक सहायता भेजी -
  • A. झालावाड़
  • B. जयपुर
  • C. बूंदी
  • D. करौली
Answer: कोटा के महाराव को क्रांतिकारियों की कैद से छुड़ाने के लिए करौली के शासक मदनपाल ने अपनी सेना भेजकर अंग्रेजों का साथ दिया था।
91. 1857 ई. में राजपूताना की छः ब्रिटिश छावनियों में से कौन सी सबसे शक्तिशाली छावनी थी -
  • A. नीमच
  • B. एरिनपुरा
  • C. नसीराबाद
  • D. खैरवाड़ा
Answer: नसीराबाद, अजमेर के पास स्थित होने के कारण सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण और सबसे शक्तिशाली छावनी थी। यहाँ तोपखाना और यूरोपीय सैनिक भी तैनात थे।
92. 1857 के विद्रोह के समय जोधपुर का शासक था -
  • A. महाराजा मान सिंह
  • B. महाराजा तख्त सिंह
  • C. महाराजा सरदार सिंह
  • D. महाराजा बख्त सिंह
Answer: 1857 के विद्रोह के दौरान जोधपुर (मारवाड़) के शासक महाराजा तख्त सिंह थे, और उन्होंने अंग्रेजों का पक्ष लिया था।
93. राजपूताना के किस राज्य के शासक ने अजमेर में लार्ड मेयो द्वारा आयोजित दरबार में भाग नहीं लिया -
  • A. जोधपुर
  • B. भरतपुर
  • C. बीकानेर
  • D. कोटा
Answer: 1870 में लॉर्ड मेयो द्वारा अजमेर में आयोजित दरबार में कोटा के महाराव ने भाग नहीं लिया, क्योंकि 1857 के विद्रोह के बाद उनके तोपों की सलामी घटा दी गई थी, जिसे वे अपना अपमान मानते थे।
94. नसीराबाद में 1857 की क्रांति की शुरुआत के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कारण सबसे महत्वपूर्ण था -
  • A. अंग्रेजों द्वारा भारतीय सैनिकों पर अविश्वास और उनकी निगरानी बढ़ाना।
  • B. नसीराबाद में गोला-बारूद की कमी।
  • C. स्थानीय शासकों का विद्रोहियों को समर्थन।
  • D. चर्बी वाले कारतूसों की अफवाहों का अभाव।
Answer: तत्कालीन कारण यह था कि अंग्रेजों ने अजमेर में तैनात 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री पर अविश्वास करके उसे नसीराबाद भेज दिया और उस पर तोपें तान दीं, जिससे सैनिकों में विद्रोह की भावना भड़क उठी।
95. कोटा में 1857 के विद्रोह का नेतृत्वकत्र्ता कौन था -
  • A. राव रामचन्द
  • B. जयदयाल, मेहराब खान
  • C. हीरालाल, हीराचन्द्र
  • D. रावत जोधासिंह
Answer: कोटा में 1857 के जन-विद्रोह का नेतृत्व वकील जयदयाल और रिसालदार मेहराब खान ने किया था।
96. 1857 की क्रांति के समय राजपुताना में एजेन्ट टू गवर्नर जनरल कौन था -
  • A. जार्ज लॉरेन्‍स
  • B. सी.एल. शावर्स
  • C. मौंक मैसन
  • D. डब्लू. ईडन
Answer: 1857 की क्रांति के समय, जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस राजपूताना के ए.जी.जी. (एजेंट टू गवर्नर-जनरल) थे।
97. राजस्थानी लोकगीतों में किस युद्ध को ‘गौरों व कालों के युद्ध’ के नाम से जाना जाता है-
  • A. ठाकुर कुशालसिंह व कर्नल होम्स के बीच हुए युद्ध को
  • B. काकुर कुशालसिंह व माॅक मैंसन के बीच हुए युद्ध को
  • C. ठाकुर कुशालसिंह व कैप्टन हीथकोट के बीच हुए युद्ध को
  • D. ठाकुर कुशालसिंह व लाॅर्ड कैनिंग के बीच हुए युद्ध को
Answer: चेलावास के युद्ध को 'गौरों व कालों का युद्ध' कहा जाता है क्योंकि इसमें एक तरफ भारतीय क्रांतिकारी (काले) और दूसरी तरफ अंग्रेज (गोरे) थे। इस युद्ध में पॉलिटिकल एजेंट मोंक मेसन मारा गया था।
98. सिद्धराज ढ़डढ़ा कौन थे -
  • A. जैन विद्वान
  • B. कूटनीतिज्ञ
  • C. शिक्षाशास्त्री
  • D. गांधीवादी एवं सर्वोदयी नेता
Answer: सिद्धराज ढड्ढा एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी विचारक और सर्वोदयी नेता थे, जिन्होंने सर्व सेवा संघ की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
99. 1857 की क्रान्ति के समय कोटा का पोलिटिकल एजेण्ट कौन था -
  • A. मॉरिसन
  • B. मेजर बर्टन
  • C. विलियम ईडन
  • D. मैक मेसन
Answer: 1857 की क्रांति के समय कोटा के पॉलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन थे, जिनकी हत्या विद्रोहियों ने कर दी थी।
100. किस आयेाग की सिफारिशों पर ठाकुर कुशालसिंह को रिहा किया गया-
  • A. ट्रेन्च आयोग
  • B. टेलर आयोग
  • C. आऊवा आयोग
  • D. बर्टन आयोग
Answer: ठाकुर कुशाल सिंह ने आत्मसमर्पण के बाद उन पर मुकदमा चलाने के लिए मेजर टेलर की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग ने उन्हें बरी कर दिया।