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राजस्थान में 1857 की क्रांति

राजस्थान में 1857 की क्रांति
101. ‘आयो इंगरैज मुल्क रै ऊपर’ किसकी रचना है-
  • A. दुरसा आढ़ा
  • B. बांकीदास
  • C. केसरीसिंह बारहठ
  • D. गिरधर आसिंया
Answer: यह प्रसिद्ध गीत 'आयो इंगरैज मुल्क रै ऊपर' जोधपुर के राजकवि बांकीदास द्वारा रचा गया था, जिसमें उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों का विरोध किया था।
102. किस शासक ने 1857 के युद्ध में सेना नेतृत्व स्वयं किया -
  • A. कुशलसिंह - आऊवा
  • B. सरदारसिंह - बीकानेर
  • C. दलपतसिंह - प्रतापगढ़
  • D. रणजीतसिंह भाटी - जैसलमेर
Answer: बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह राजपूताना के एकमात्र ऐसे शासक थे, जो 1857 के विद्रोह को दबाने के लिए स्वयं अपनी सेना लेकर अपनी रियासत से बाहर (पंजाब) गए थे।
103. कौनसा जोड़ा सही नहीं हैं -रियासत - पॉलिटिकल एजेंट (1857 ई.)
  • A. जयपुर - कर्नल ईडन
  • B. मेवाड़ - मेजर शावर्स
  • C. कोटा - मेजर बर्टन
  • D. जोधपुर - पैट्रिक लारेंस
Answer: यह जोड़ा गलत है। जोधपुर (मारवाड़) के पॉलिटिकल एजेंट मोंक मेसन थे, जबकि पैट्रिक लॉरेंस पूरे राजपूताना के ए.जी.जी. थे।
104. राजस्थान में 1857 में प्रथम विद्रोह कहां हुआ -
  • A. अजमेर
  • B. नसीराबाद
  • C. एरिनपुरा
  • D. माउन्ट आबू
Answer: राजस्थान में 1857 की क्रांति का पहला विद्रोह 28 मई, 1857 को नसीराबाद छावनी में हुआ था।
105. राजस्थान में क्रांति का प्रारम्भ 28 मई, 1857 को नसीराबाद छावनी के किन सैनिकों द्वारा हुआ -
  • A. बंगाल नेटिव इन्फेन्ट्री
  • B. गोरखा राइफल्स
  • C. कुमायूँ रेजीमेन्ट
  • D. राजपूताना राइफल्स
Answer: नसीराबाद में विद्रोह की शुरुआत 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री के सैनिकों ने की थी, जिसके बाद 30वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री भी इसमें शामिल हो गई।
106. “चलो दिल्ली मारो फिरंगी” का नारा किस छावनी के क्रांतिकारियों ने दिया -
  • A. नीमच छावनी
  • B. ब्यावर छावनी
  • C. एरिनपुरा छावनी
  • D. नसीराबाद छावनी
Answer: एरिनपुरा छावनी के सैनिकों ने 21 अगस्त, 1857 को विद्रोह करते हुए “चलो दिल्ली, मारो फिरंगी” का नारा दिया और दिल्ली की ओर कूच कर दिया।
107. मोती खान और शीतल प्रसाद 1857 के विद्रोह के दौरान निम्नलिखित में से किस छावनी के विद्रोहियों से संबंधित थे?
  • A. नीमच
  • B. नसीराबाद
  • C. एरिनपुरा
  • D. ब्यावर
Answer: सूबेदार शीतल प्रसाद, दफेदार मोती खान और तिलक राम ने एरिनपुरा छावनी में जोधपुर लीजन के सैनिकों का नेतृत्व किया था।
108. अक्टूबर, 1857 में विद्रोह के समय कोटा में अंग्रेज पोलिटीकल एजेन्ट कौन था -
  • A. रिचर्ड
  • B. मेजर बर्टन
  • C. पैथिक लॉरेन्स
  • D. जॉर्ज लॉरेन्स
Answer: 15 अक्टूबर, 1857 को कोटा में जब विद्रोह हुआ, उस समय वहां के पॉलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन थे।
109. 1857 की क्रांति का प्रतीक चिन्ह क्या था?
  • A. रोटी
  • B. तलवार
  • C. फल
  • D. फूल
Answer: 1857 की क्रांति का प्रतीक चिह्न 'कमल और रोटी' था। कमल को सैनिकों के बीच और रोटी को आम जनता के बीच क्रांति के संदेश के रूप में प्रसारित किया गया।
110. ______ के अनुसार 1857 का विद्रोह पूर्णत देशभक्ति रहित और स्वार्थी सैनिक विद्रोह था -
  • A. मुंशी जमनलाल
  • B. दुर्गा दास बंदोपाध्याय
  • C. टी आर होम्स
  • D. सर जॉन सीले
Answer: सर जॉन सीले जैसे ब्रिटिश इतिहासकारों ने 1857 के विद्रोह के महत्व को कम करने के लिए इसे मात्र एक 'स्वार्थी सैनिक विद्रोह' के रूप में वर्णित किया, जिसमें देशभक्ति की कोई भावना नहीं थी।
111. 1857 की क्रांति में अंग्रेज एवं जोधपुर राज्य की संयुक्त सेना को किसने हराया था-
  • A. ठाकुर कुशाल सिंह ने
  • B. तात्या टोपे ने
  • C. रावत जोधसिंह ने
  • D. शहजादा फिरोजशाह ने
Answer: आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह ने बिथौड़ा और चेलावास के युद्धों में अंग्रेजों और जोधपुर राज्य की संयुक्त सेना को पराजित किया।
112. राजस्थान में 1857 की क्रांति की शुरूआत कहाँ से हुई -
  • A. एरिनपुरा
  • B. खेरवाड़ा
  • C. नीमच
  • D. नसीराबाद
Answer: राजस्थान में 1857 की क्रांति का श्रीगणेश 28 मई, 1857 को नसीराबाद छावनी से हुआ था।
113. 1857 की क्रांति के दौरान (देशी रियासत - पॉलिटिकल एजेंट) का कौनसा युग्म, असंगत है?
  • A. उदयपुर – सी. एल. शॉवर्स
  • B. जयपुर – कर्नल ईडन
  • C. बीकानेर – कैप्टन जे. डी. हॉल
  • D. जोधपुर – मैक मेसन
Answer: यह युग्म असंगत है। जे. डी. हॉल सिरोही के पॉलिटिकल एजेंट थे, बीकानेर के नहीं। बीकानेर सीधे तौर पर ए.जी.जी. के नियंत्रण में था।
114. निम्नलिखित में से राजस्थान के किस शासक ने 1857 के विद्रोह को दबाने में अंग्रेजों का सहयोग नहीं किया -
  • A. बूंदी के महाराव राम सिंह
  • B. बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह
  • C. जोधपुर के महाराजा तख्त सिंह
  • D. जयपुर के महाराजा राम सिंह
Answer: बूंदी के महाराव राम सिंह ने विद्रोह के दौरान तटस्थता की नीति अपनाई और अंग्रेजों का सक्रिय रूप से सहयोग नहीं किया। उन्होंने क्रांतिकारियों के प्रति सहानुभूति भी रखी।
115. जोधपुर के किस महाराजा ने अंग्रेजों का साथ देते हुए विद्रोहियों से युद्ध किया -
  • A. महाराजा मानसिहं
  • B. महाराजा भीमसिहं
  • C. महाराजा तख्तसिहं
  • D. महाराजा बन्नेसिहं
Answer: जोधपुर के महाराजा तख्त सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया और आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह के नेतृत्व में हुए विद्रोह को दबाने के लिए अपनी सेना भेजी।
116. राजस्थान की पहली रियासत कौनसी थी, जो ‘डाॅक्ट्रिन आॅफ लैप्स’ के अंतर्गत हस्तगत हुई -
  • A. अलवर
  • B. भरतपुर
  • C. करौली
  • D. धौलपुर
Answer: लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' या 'गोद निषेध नीति' के तहत करौली को हस्तगत करने का प्रयास किया गया था, लेकिन कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने इसे अस्वीकार कर दिया। हालांकि, प्रयास के तौर पर यह पहली रियासत थी।
117. 1857 ईस्वी के विप्लव के समय ‘राजपुताना रेजीडेन्सी’ में ‘एजेन्ट टु गवर्नर जनरल’ (ए जी जी) कौन था -
  • A. मेजर बर्टन
  • B. विलियम ईडन
  • C. कैप्टन शाॅवर्स
  • D. पैट्रिक लारेन्स
Answer: 1857 के विद्रोह के समय राजपूताना के ए.जी.जी. (एजेंट टू गवर्नर-जनरल) जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस थे।
118. 1857 की क्रांति में सुजा कँवर राजपुरोहित की क्या भूमिका थी -
  • A. उन्होंने तात्या टोपे के साथ मिलकर सीकर में विद्रोह का नेतृत्व किया।
  • B. वे एकमात्र महिला क्रांतिकारी थीं जिन्होंने पुरुष वेश में अंग्रेजों को लाडनूँ से भगाया।
  • C. उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कविताएँ लिखकर जनजागृति फैलाई।
  • D. वे डूंगजी-जवारजी की सहयोगी थीं और छावनियों को लूटने में शामिल थीं।
Answer: सुजा कंवर राजपुरोहित एक वीरांगना थीं, जिन्होंने पुरुष वेश धारण कर लाडनूं (नागौर) में अंग्रेजों का मुकाबला किया और उन्हें वहां से भागने पर मजबूर कर दिया।
119. आउवा की कुलदेवी सुगाली माता की प्रतिमा के कुल कितने सिर और हाथ हैं -
  • A. एक सिर और दो हाथ
  • B. एक सिर और आठ हाथ
  • C. दस सिर और चौवन हाथ
  • D. बीस सिर और एक सौ आठ हाथ
Answer: 1857 की क्रांति की देवी मानी जाने वाली सुगाली माता की प्रतिमा अद्वितीय है, जिसके 10 सिर और 54 हाथ हैं।
120. 1857 की क्रान्ति के समय धौलपुर का शासक था -
  • A. राम सिंह
  • B. उदयभान सिंह
  • C. कीरत सिंह
  • D. भगवन्त सिंह
Answer: 1857 की क्रांति के समय धौलपुर के शासक भगवंत सिंह थे। यहाँ विद्रोह का नेतृत्व स्थानीय लोगों के बजाय ग्वालियर और इंदौर के क्रांतिकारियों ने किया था।