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स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज

राजस्थान में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और 73वें संशोधन पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज
QUESTION 111
निम्नलिखित में से 18 विशिष्ट कार्यों में से (अरबन लोकल बोडीज) यूएलबी को सौंपे जाने वाले कुछ कार्य कौन से हैं -1. अग्निशमन सेवायें2. नगर नियोजन सहित शहरी नियोजन3. मलिन बस्ती सुधार एवं उन्नयन4. सरकार के लिए कुल राजस्व उत्पन्न करना
  • A (अ) केवल 1, 2 और 3
  • B (ब) केवल 2, 3 और 4
  • C (स) केवल 1 और 2
  • D (द) सभी 1, 2, 3 और 4
Answer: 12वीं अनुसूची में उल्लिखित 18 कार्यों में अग्निशमन सेवाएं, शहरी नियोजन, और झुग्गी-बस्ती सुधार शामिल हैं। 'सरकार के लिए कुल राजस्व उत्पन्न करना' यूएलबी का कार्य नहीं है, बल्कि वे अपने कार्यों के लिए राजस्व एकत्र करते हैं।
QUESTION 112
74वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, छोटे संक्रमणकालीन क्षेत्रों में निम्नलिखित में से किस स्थानीय स्वशासी संस्थान की स्थापना का प्रावधान करता है जो शहरी क्षेत्र बनने की राह पर है -
  • A (अ) ग्राम पंचायत
  • B (ब) नगर परिषद्
  • C (स) नगर पंचायत
  • D (द) ज़िला परिषद्
Answer: 74वां संशोधन उन क्षेत्रों के लिए 'नगर पंचायत' के गठन का प्रावधान करता है, जो ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे हैं (संक्रमणकालीन क्षेत्र)।
QUESTION 113
निम्नलिखित में से किस वर्ष राजस्थान पंचायत अधिनियम अधिनियमित हुआ तथा पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना हुई -
  • A (अ) 1973
  • B (ब) 1953
  • C (स) 1954
  • D (द) 1952
Answer: राजस्थान पंचायत अधिनियम 1953 में पारित किया गया था, जिसके आधार पर पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना की गई। यह त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू होने से पहले का कदम था।
QUESTION 114
निम्नांकित में से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 के बारे में क्या सही नहीं हैं -
  • A (अ) राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 के अन्तर्गत राज्य सरकार पंचायती राज संस्था के अध्यक्ष को उसके पद से हटा सकती है।
  • B (ब) इस तरह हटाया गया अध्यक्ष राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अधीन दो वर्षों तक चुनाव के योग्य नहीं होगा।
  • C (स) ऐसा निष्कासन राज्य सरकार द्वारा केवल आवश्यक जाँच के बाद ही किया जा सकता है।
  • D (द) ऐसे हटाए गए अध्यक्ष को संबंधित पंचायती राज संस्था की सदस्यता से भी हटाया जा सकता है।
Answer: यह कथन सही नहीं है क्योंकि धारा 38 के तहत हटाए गए अध्यक्ष या सदस्य को उस संस्था के शेष कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया जाता है, न कि निश्चित दो वर्षों के लिए।
QUESTION 115
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं (P.R. Is) का पहला चुनाव वर्ष में कराया गया था।
  • A (अ) 1952
  • B (ब) 1956
  • C (स) 1960
  • D (द) 1965
Answer: 1959 में पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद, राजस्थान में इन संस्थाओं के लिए पहले चुनाव वर्ष 1960 में आयोजित किए गए थे।
QUESTION 116
राजस्थान में पूर्व प्रचलित पंचायती राज अधिनियमों में कब संशोधन किया गया -
  • A (अ) 1993
  • B (ब) 1994
  • C (स) 1995
  • D (द) 1996
Answer: 73वें संविधान संशोधन (1992) के बाद, उसके प्रावधानों के अनुरूप राजस्थान में एक नया पंचायती राज अधिनियम 1994 में लागू किया गया, जिसने पुराने अधिनियमों को प्रतिस्थापित किया।
QUESTION 117
2 अक्टूबर, 1959 को नागौर में राजस्थान में पंचायती राज का औपचारिक उद्घाटन किसने किया -
  • A (अ) टीकाराम पालीवाल
  • B (ब) हुकुमसिंह
  • C (स) राधाकृष्णन
  • D (द) जवाहरलाल नेहरू
Answer: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 को राजस्थान के नागौर में पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया था।
QUESTION 118
ग्राम सभा की एक वर्ष में कितनी न्यूनतम बैठकें अनिवार्य है -
  • A (अ) 2
  • B (ब) 3
  • C (स) 4
  • D (द) 5
Answer: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्राम सभा की कम से कम दो बैठकें आयोजित करना अनिवार्य है।
QUESTION 119
निम्न में से कौनसी पंचायत समिति एम पाॅवर परियोजना की लाभार्थी नहीं है -
  • A (अ) बायतु
  • B (ब) आबू रोड
  • C (स) सांचौर
  • D (द) बिलाड़ा
Answer: एम-पॉवर (mPower) परियोजना, जिसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण था, राजस्थान के कुछ चयनित ब्लॉकों में लागू की गई थी। बायतु, आबू रोड और सांचौर इसमें शामिल थे, जबकि बिलाड़ा इस परियोजना का लाभार्थी नहीं था।
QUESTION 120
भारत के राज्य का नाम बताएँ, जिसमें पंचायती राज प्रशासन की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली सर्वप्रथम अपनाई गई -
  • A (अ) केरल
  • B (ब) राजस्थान
  • C (स) उत्तर प्रदेश
  • D (द) महाराष्ट्र
Answer: बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों पर आधारित आधुनिक त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली को सबसे पहले 2 अक्टूबर, 1959 को राजस्थान ने अपनाया था।