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राजस्थान में पशुपालन

राजस्थान के प्रमुख पशुधन, नस्लों, और पशुपालन से संबंधित योजनाओं पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान में पशुपालन
41. चुरू और झुंझुनू राजस्थान में किस किस्म की भेड़ के लिए प्रसिद्ध हैं -
  • A. मेगरा
  • B. राठी
  • C. पुगाल
  • D. नली
Answer: नली (नाली) नस्ल की भेड़ें राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं, हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में पाई जाती हैं। इनकी ऊन लंबी और कालीन बनाने के लिए उपयुक्त होती है।
42. मगरा, जिसे पहले बीकानेरी के नाम से जाना जाता था; जिसे बीकानेरी चोखला और चकरी के नाम से भी जाना जाता है, नस्ल है
  • A. भेड़ की
  • B. बकरी की
  • C. गाय की
  • D. भैंस की
Answer: मगरा भेड़ की एक नस्ल है, जो बीकानेर, नागौर, और चूरू क्षेत्रों में पाई जाती है। इसे 'बीकानेरी चोखला' या 'चकरी' भी कहा जाता है।
43. सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित कीजिये तथा उत्तर का चयन नीचे दिये गये कोड से कीजिये -सूची-1 (पशु) सूची-2 (नस्ल)1. गौवंश अ. मालपुरा2. भैंस ब. मारवाड़ी3. बकरी स. मुर्राह4. भेड़ द. काॅकरेजकोड - 1, 2, 3, 4
  • A. द, ब, अ, स
  • B. स, ब, द, अ
  • C. द, स, ब, अ
  • D. ब, स, अ, द
Answer: सही सुमेलन है: गौवंश - कांकरेज (द), भैंस - मुर्राह (स), बकरी - मारवाड़ी (ब), भेड़ - मालपुरा (अ)।
44. राजस्थान के निम्न में से किस स्थान पर केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन शोध संस्थान अवस्थित है -
  • A. सांगानेर-जयपुर
  • B. पुष्कर-अजमेर
  • C. पोकरण-जैसलमेर
  • D. अविकानगर-टोंक
Answer: केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन शोध संस्थान (CSWRI) टोंक जिले के मालपुरा के निकट अविकानगर में स्थित है।
45. राजस्थान में मारवाड़ी नस्ल की बकरी का प्रजनन एवं अनुसंधान केन्द्र कहां स्थित है -
  • A. बीकानेर
  • B. टोंक
  • C. जोधपुर
  • D. पोखरण
Answer: मारवाड़ी नस्ल की बकरी का प्रजनन और अनुसंधान केंद्र अविकानगर, टोंक में स्थित केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के परिसर में ही संचालित है।
46. ‘मालपुरा’ ____ की एक नस्ल है-
  • A. भैंस
  • B. गाय
  • C. भेड़
  • D. बकरी
Answer: मालपुरा भेड़ की एक नस्ल है, जो मुख्य रूप से टोंक, जयपुर, और सवाई माधोपुर जिलों में पाई जाती है। इसकी ऊन मोटी होती है और नमदे बनाने के काम आती है।
47. केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केन्द्र अवस्थित है -
  • A. फलौदी
  • B. रानीवाड़ा
  • C. अविकानगर
  • D. जोड़बीड़
Answer: केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केन्द्र टोंक जिले के अविकानगर में स्थित है। जोड़बीड़, बीकानेर में राष्ट्रीय उष्ट्र (ऊँट) अनुसंधान केंद्र है।
48. दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से गाय की उत्तम नस्ल कौनसी है-
  • A. मालवी
  • B. राठी
  • C. नागौरी
  • D. गीर
Answer: राठी गाय को राजस्थान की 'कामधेनु' भी कहा जाता है। यह लाल सिंधी और साहीवाल नस्लों का मिश्रण है और अपने उच्च दुग्ध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
49. राज्य का सर्वाधिक गौवंश वाला जिला कौनसा है-
  • A. जयपुर
  • B. जोधपुर
  • C. नागौर
  • D. उदयपुर
Answer: 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक गौवंश उदयपुर जिले में है। इसके बाद बीकानेर और जोधपुर का स्थान आता है।
50. बाड़मेर का ‘मालणी’ क्षेत्र किस गौवंश का उत्पत्ति क्षेत्र है -
  • A. मालवी
  • B. थारपारकर
  • C. मेवाती
  • D. काॅकरेज
Answer: थारपारकर नस्ल की गाय का उत्पत्ति क्षेत्र बाड़मेर का मालाणी क्षेत्र माना जाता है, इसीलिए इसे 'मालाणी' नस्ल भी कहते हैं।
51. राजस्थान के उक्त मानचित्रों में पशुओं की प्रसिद्ध नस्लों के क्षेत्रिय वितरण को (i), (ii), (iii) और (iv) से अंकित किया गया है। नीचे दी गई क्रमावली से इनका अनुक्रम पहचानिए -
  • A. थारपरकार, राठी, गीर, कांकरेज
  • B. कांकरेज, गीर, थारपरकार, राठी
  • C. थारपरकार, कांकरेज, गीर, राठी
  • D. राठी, थारपरकार, कांकरेज, गीर
Answer: मानचित्र के अनुसार क्षेत्रीय वितरण इस प्रकार है: (i) उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र - राठी, (ii) पश्चिमी क्षेत्र - थारपारकर, (iii) दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र - कांकरेज, और (iv) दक्षिण-पूर्वी मध्यवर्ती क्षेत्र - गिर।
52. राजस्थान में इनमें से कौन-सी एक भेड़ की नस्ल पाई जाती है -
  • A. नागौरी
  • B. राठी
  • C. चौकला
  • D. मुर्रा
Answer: चोकला भेड़ की एक प्रमुख नस्ल है, जिसे 'भारतीय मेरिनो' भी कहते हैं। नागौरी और राठी गाय की नस्लें हैं, जबकि मुर्रा भैंस की नस्ल है।
53. निम्न में से राजस्थान के कौन से भाग में थारपारकर गाय पाई जाती है -
  • A. उत्तर-पश्चिमी
  • B. मध्य अरावली
  • C. पश्चिमी
  • D. दक्षिणी-पश्चिमी
Answer: थारपारकर गाय मुख्य रूप से राजस्थान के पश्चिमी शुष्क क्षेत्रों जैसे बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में पाई जाती है।
54. निम्नलिखित में से कौन सी भेड़ अधिक ऊन उत्पादन के लिए विख्यात है -
  • A. चोखला
  • B. पूगल
  • C. मालपुरी
  • D. जैसलमेरी
Answer: जैसलमेरी नस्ल की भेड़ सर्वाधिक ऊन देने के लिए प्रसिद्ध है। यह प्रति वर्ष लगभग 2 से 3 किलोग्राम ऊन देती है। चोखला नस्ल की ऊन गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ होती है।
55. निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है -ऊँट की नस्लें क्षेत्र
  • A. नाचना जैसलमेर
  • B. गोमठ जोधपुर और नागौर
  • C. केरुपाल बीकानेर और चुरू
  • D. कुटची गंगानगर और हनुमानगढ़
Answer: कुटची या कच्छी ऊँट की नस्ल गुजरात के कच्छ क्षेत्र और राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जालौर जिलों में पाई जाती है, न कि गंगानगर और हनुमानगढ़ में। अन्य सभी विकल्प सही हैं।
56. निम्न कथनों पर विचार कीजिए -क. राजस्थान में डेयरी विकास कार्यक्रम अर्थशास्त्र के सिद्धन्तों पर आधारित है।ख. डेयरी विकास कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य दूध का उत्पादन बढ़ाना है।ग. राजस्थान को-आॅपरेटिव डेयरी फेडरेशन उद्योग की शीर्षस्थ संस्था है।
  • A. केवल क एवं ख सही है।
  • B. केवल क सही है।
  • C. केवल ख सही है।
  • D. केवल ख एवं ग सही है।
Answer: डेयरी विकास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। यह सहकारिता के सिद्धांत पर आधारित है, न कि केवल अर्थशास्त्र के। राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) राज्य में इस उद्योग की शीर्ष संस्था है।
57. ‘जमनापुरी’ व ‘लोही’ नस्लें निम्नलिखित में से क्रमशः किस पशु से सम्बन्धित हैं -
  • A. भेड़, गाय
  • B. बकरी, भेड़
  • C. ऊँट, गाय
  • D. गाय, ऊँट
Answer: जमनापुरी (जमुनापारी) बकरी की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जबकि लोही भेड़ की एक नस्ल है जो मांस उत्पादन के लिए पाली जाती है।
58. निम्न में से कौन--सी एक प्रजाति भेड़ की नहीं है -
  • A. मगरा
  • B. मालपुरी
  • C. बागड़ी
  • D. नाचना
Answer: नाचना ऊँट की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जो अपनी सुंदरता और तेज गति के लिए जानी जाती है। मगरा, मालपुरी और बागड़ी भेड़ की प्रजातियाँ हैं।
59. राजस्थान में पशुधन के लिए निःशुल्क दवा योजना कब प्रारंभ हुई -
  • A. 2012
  • B. 2008
  • C. 2015
  • D. 2006
Answer: राजस्थान में मुख्यमंत्री पशुधन निःशुल्क दवा योजना 15 अगस्त 2012 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को आवश्यक दवाइयाँ मुफ्त उपलब्ध कराना है।
60. गधों एवं खच्चरों का मेला कहाँ भरता है-
  • A. लूणियावास(जयपुर)
  • B. गोगामेड़ी(हनुमानगढ़)
  • C. तिलवाड़(बाड़मेर)
  • D. परबतसर(नागौर)
Answer: गधों का सबसे प्रसिद्ध मेला जयपुर के पास लूणियावास में भरता है। यह कई सदियों से आयोजित हो रहा है और इसमें गधों और खच्चरों की खरीद-फरोख्त होती है।