राजस्थान में सहकारिता
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1. राजस्थान में पहली बार सहकारी समिति विधेयक कब पारित किया गया -
Answer: राजस्थान के गठन के बाद सभी रियासतों में सहकारिता कानूनों में एकरूपता लाने के लिए 1953 में पहली बार सहकारी समिति विधेयक पारित किया गया।
2. राजस्थान में सहकारिता आंदोलन की शुरूआत 1904 में किस जिले से हुई -
Answer: राजस्थान में सहकारिता का आरंभ 1904 में अजमेर जिले के भिनाय में पहले सहकारी कृषि बैंक की स्थापना के साथ हुआ।
3. राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 के अनुसार, एक सोसाइटी पंजीकृत कराने के लिये न्यूनतम कितने व्यक्तियों की आवश्यकता होती है -
Answer: राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के तहत, किसी भी सहकारी समिति को पंजीकृत करने के लिए कम से कम 15 सदस्यों की आवश्यकता होती है।
4. राज्य की किस देशी रियासत ने स्वतंत्रता पूर्व सर्वप्रथम ‘सहकारी कानून’ बनाया -
Answer: भरतपुर राजस्थान की पहली रियासत थी जिसने 1915 में अपना स्वतंत्र सहकारी कानून बनाया था।
5. निम्नलिखित में से कौनसा सहकारी अधिगम का लाभ है -
Answer: सहकारी अधिगम (Cooperative Learning) में सदस्य एक-दूसरे का सहयोग और उत्साहवर्धन करते हैं, जिससे अधिक सामाजिक प्रोत्साहन मिलता है और सीखने की प्रक्रिया बेहतर होती है।
6. वर्तमान में लागू राजस्थान सहकारी अधिनियम कब अस्तित्व में आया -
Answer: वर्तमान में प्रभावी राजस्थान सहकारी अधिनियम, 2001 को 14 नवंबर, 2002 से पूरे राज्य में लागू किया गया था।
7. राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ(कानफैड) का गठन कब किया गया -
Answer: राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (CONFED) की स्थापना 27 मार्च, 1967 को उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर वस्तुएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।
8. राजस्थान में सहकारी दुग्ध डेयरी का प्रारम्भ हुआ -
Answer: राजस्थान में सहकारी आधार पर दुग्ध डेयरी का शुभारंभ 1957 में जयपुर में जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (जयपुर डेयरी) की स्थापना के साथ हुआ।
9. भारत में सहकारिता आंदोलन का प्रारंभ ‘भारतीय दुर्भिक्ष आयोग’ की सिफारिशों पर बने ‘सहकारी साख समिति अधिनियम’ के तहत माना जाता है, जो पारित हुआ -
Answer: भारत में सहकारी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 1904 में 'सहकारी साख समिति अधिनियम' के पारित होने के साथ हुई, जिसका उद्देश्य किसानों को साहूकारों से बचाना था।
10. राजस्थान सहकारी डेयरी संघ से जुड़े किसानों को राज सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना के तहत कितनी राशि प्रदान की जाती है?
Answer: इस योजना के अंतर्गत, दुग्ध उत्पादक की आकस्मिक मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाता है।