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राजस्थान में वन

राजस्थान के वनों के प्रकार, वनावरण और प्रमुख वनस्पतियों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान में वन
QUESTION 171
राजस्थान में किस पेड़ को ‘जंगल की आग’ कहते है -
  • A महुआ
  • B खेजड़ी
  • C पलाश
  • D धोकड़ा
Answer: पलाश (Butea monosperma) के पेड़ पर वसंत ऋतु में लगने वाले चमकीले लाल-नारंगी फूलों के कारण इसे 'जंगल की आग' या 'Flame of the Forest' कहा जाता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे जंगल में आग लगी हो।
QUESTION 172
राजस्थान राज्य की नवीनतम वन नीति प्रचलन में आई -
  • A 1988 में
  • B 2018 में
  • C 2010 में
  • D 2008 में
Answer: राजस्थान राज्य की पहली और नवीनतम वन नीति वर्ष 2010 में लागू की गई थी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में वनीकरण को बढ़ावा देना और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करना है।
QUESTION 173
वनों की कमी के कारण पर्यावरण पर निम्न प्रतिकूल प्रभाव होते हैं -1. जैव-विविधता की हानि2. मृदा अपरदन में वृद्धि3. तापमान में वृद्धि4. वायुमण्डल में नमी धारण करने की क्षमता की कमी होना5. प्रदूषण में वृद्धि(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
  • A सभी 1, 2, 3, 4 व 5
  • B केवल 1, 2, 3 व 5
  • C केवल 1, 2 व 3
  • D केवल 1, 2 व 4
Answer: वनों की कटाई से ये सभी प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं: वन्यजीवों के आवास नष्ट होने से जैव-विविधता की हानि होती है, मिट्टी का कटाव बढ़ता है, कार्बन डाइऑक्साइड सोखने वाले पेड़ों की कमी से तापमान बढ़ता है, वाष्पोत्सर्जन कम होने से वायुमंडल में नमी घटती है, और वायु को शुद्ध करने वाले वनों की कमी से प्रदूषण बढ़ता है।
QUESTION 174
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राजस्थान के सालार वनों के बारे में सही है।निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A चीड़ इन वनों का प्रमुख वृक्ष है।
  • B ये वन केवल मैदानी क्षेत्रों में पाये जाते हैं।
  • C इसकी लकड़ियों का प्रयोग पैकिंग बॉक्स बनाने में किया जाता है।
  • D यह राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर क्षेत्र में पाया जाता है।
Answer: सालर की लकड़ी नरम होती है, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से सामान की पैकिंग के लिए बक्से और क्रेट बनाने में किया जाता है। अन्य कथन गलत हैं: ये पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, इनका प्रमुख वृक्ष सालर (Boswellia serrata) है, और ये अरावली क्षेत्र में मिलते हैं, न कि जैसलमेर में।
QUESTION 175
सेवन, धमन और कराद ______ हैं।
  • A घास के प्रकार
  • B राजस्थानी चित्रकला (पेंटिग्स) रूप के प्रकार
  • C लोक नृत्य के प्रकार
  • D मरुस्थल मृदा,
Answer: सेवन, धमन और कराद राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्रमुख घासें हैं। ये घासें पशुओं के चारे के लिए बहुत पौष्टिक होती हैं, खासकर सेवन घास जिसे मरुस्थलीय क्षेत्रों में 'किंग ग्रास' भी कहा जाता है।
QUESTION 176
निम्न में से राजस्थान में किस श्रेणी के वनों का सर्वाधिक क्षेत्र है-
  • A सुरक्षित वन
  • B आरक्षित वन
  • C अवर्गीकृत वन
  • D व्यापारिक वन
Answer: राजस्थान में प्रशासनिक दृष्टि से वनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 'सुरक्षित वन' (Protected Forests) का क्षेत्रफल सबसे अधिक है, जो कुल वन क्षेत्र का लगभग 56% है। इन वनों में सरकारी नियमों के तहत सीमित चराई और लकड़ी कटाई की अनुमति होती है।
QUESTION 177
राजस्थान में उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन कहां पाए जाते हैं -
  • A कोटा
  • B अलवर
  • C आबू पर्वत
  • D समस्त अरावली पर्वत
Answer: उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन राजस्थान में केवल आबू पर्वत (माउंट आबू) क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। इसका कारण यहाँ की अधिक ऊंचाई और राज्य में सर्वाधिक वर्षा (लगभग 150 सेमी) होना है, जो इन वनों के विकास के लिए अनुकूल है।
QUESTION 178
राजस्थान के किस भाग में शुष्क सागवान के वन पाये जाते हैं -
  • A मध्य राजस्थान
  • B दक्षिणी राजस्थान
  • C पूर्वी राजस्थान
  • D उत्तरी-पूर्वी राजस्थान
Answer: शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भाग, विशेषकर बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ जिलों में पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में 75 से 110 सेमी तक वर्षा होती है, जो सागवान के पेड़ों के लिए उपयुक्त है।
QUESTION 179
सन् 2019 की भारतीय वन रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्ष में राजस्थान में वन क्षेत्रफल में कितना परिवर्तन हुआ है -
  • A - 57.51 वर्ग किमी.
  • B + 57.51 वर्ग किमी.
  • C - 16.79 वर्ग किमी.
  • D + 16.79 वर्ग किमी.
Answer: भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (ISFR) 2019 के अनुसार, 2017 की तुलना में राजस्थान के वन क्षेत्रफल में 57.51 वर्ग किलोमीटर की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई थी।
QUESTION 180
अंजन व पाला नामक घास पाई जाती है -
  • A अजमेर
  • B जोधपुर
  • C दौसा
  • D धौलपुर
Answer: अंजन और पाला जैसी घासें मुख्य रूप से राजस्थान के मरुस्थलीय और अर्ध-मरुस्थलीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं। दिए गए विकल्पों में से, जोधपुर इस भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है और यहाँ यह घासें प्राकृतिक रूप से उगती हैं।