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राजस्थान में वन

राजस्थान के वनों के प्रकार, वनावरण और प्रमुख वनस्पतियों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान में वन
QUESTION 191
निम्नलिखित जिलों में से कौन सा कत्थे का मुख्य उत्पादक नहीं है -
  • A बीकानेर
  • B भरतपुर
  • C बूंदी
  • D झालावाड़
Answer: कत्था खैर के पेड़ों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान (जैसे भरतपुर, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर) में पाए जाते हैं। बीकानेर एक शुष्क पश्चिमी जिला है जहाँ खैर के पेड़ प्राकृतिक रूप से नहीं उगते, इसलिए यह कत्थे का उत्पादक नहीं है।
QUESTION 192
‘खस’ का अधिकतम उत्पादन राजस्थान के किस बेल्ट से आता है?
  • A कोटा, बूंदी और झालावाड़
  • B धौलपुर, करौली और अलवर
  • C अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़
  • D सवाई माधोपुर, भरतपुर और टोंक
Answer: खस एक सुगंधित घास है जिसकी जड़ों से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग इत्र और शरबत बनाने में होता है। इसका उत्पादन मुख्य रूप से सवाई माधोपुर, भरतपुर और टोंक जिलों में होता है।
QUESTION 193
किस प्रकार के वन राजस्थान राज्य के अधिकतम क्षेत्रफल को आच्छादित करते हैं -
  • A सूखे सागौन वाले वन
  • B एनोगीसस पेंडुला वन
  • C मिश्रिण पर्णपाती वन
  • D बोसवेलिया वन
Answer: एनोगीसस पेंडुला, जिसे धोक या धोकड़ा वन भी कहा जाता है, राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर फैले हुए हैं। ये वन राज्य के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में प्रमुखता से पाए जाते हैं।
QUESTION 194
वन रिपोर्ट 2019 के अनुसार, राजस्थान सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाले जिलों का सही घटता हुआ क्रम है -
  • A उदयपुर > प्रतापगढ़ > अलवर > बारां
  • B उदयपुर > बारां > प्रतापगढ़ > अलवर
  • C उदयपुर > अलवर > प्रतापगढ़ > बारां
  • D प्रतापगढ़ > उदयपुर > बारां > अलवर
Answer: वन रिपोर्ट 2019 के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाले जिलों का सही घटता हुआ क्रम उदयपुर, उसके बाद अलवर, फिर प्रतापगढ़ और फिर बारां था। (नोट: 2021 की रिपोर्ट में यह क्रम थोड़ा बदल गया है, जिसमें अलवर दूसरे स्थान पर है)।
QUESTION 195
राजस्थान के दक्षिणी भाग में 250 से 450 मी. की ऊंचाई पर सर्वाधिक संख्याा में पाए जाने वाले वृक्ष है-
  • A धोकड़ा
  • B सालर
  • C सागवान
  • D पलाश
Answer: राजस्थान के दक्षिणी भाग (जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर) में 250 से 450 मीटर की ऊंचाई पर सागवान के वृक्ष सर्वाधिक संख्या में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र सागवान वनों के लिए आदर्श माना जाता है।
QUESTION 196
‘राजस्थान वानिकी एवं जैवविविधता परियोजना’ किसके द्वारा प्रायोजित है -
  • A एशियन डवलपमेंट बैंक
  • B वल्र्ड बैंक
  • C वल्र्ड ट्रेड आॅर्गेनाइजेशन
  • D जापानीज इंटरनेशनल को-आॅपरेशन एजेंसी
Answer: यह परियोजना जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA - Japan International Cooperation Agency) के वित्तीय सहयोग से चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार करना है।
QUESTION 197
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय कंटीले वन मिलते है
  • A सिरोही
  • B बांसवाड़ा
  • C चुरू
  • D कोटा
Answer: उष्णकटिबंधीय कंटीले वन कम वर्षा वाले शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं। चुरू, जो कि थार मरुस्थल का हिस्सा है, इस प्रकार के वनों के लिए एक प्रमुख क्षेत्र है। यहाँ खेजड़ी, बबूल, और कैर जैसे कंटीले पेड़-पौधे मिलते हैं।
QUESTION 198
शुष्क सागवान वन मुख्यतः निम्नलिखित जिलों में से किसमें पाये जाते हैं -
  • A बीकानेर
  • B अलवर
  • C श्री गंगानगर
  • D डुंगरपुर
Answer: शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी भाग में पाए जाते हैं जहाँ मध्यम वर्षा होती है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा इन वनों के मुख्य क्षेत्र हैं। अन्य विकल्प शुष्क या अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के हैं जहाँ सागवान नहीं उगता।
QUESTION 199
राजस्थान में संयुक्त वन प्रबंधन कब प्रारंभ हुआ -
  • A 1990 में
  • B 1993 में
  • C 1992 में
  • D 1991 में
Answer: संयुक्त वन प्रबंधन (Joint Forest Management - JFM) कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान में 1991 में हुई। इसका उद्देश्य वनों के प्रबंधन और संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
QUESTION 200
राजस्थान के वे जिले जिनमें खस नाम की सुगन्धित घास प्रचुरता से उगती है -
  • A झालवाड़, बूँदी, कोटा
  • B भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौड़गढ़
  • C भरतपुर, टोंक, सवाई माधोपुर
  • D करौली, अलवर, धौलपुर
Answer: खस एक सुगंधित घास है जो मुख्य रूप से राजस्थान के भरतपुर, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में पाई जाती है। इसकी जड़ों से तेल निकालकर इत्र और शर्बत बनाए जाते हैं।