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राजस्थान में वन

राजस्थान के वनों के प्रकार, वनावरण और प्रमुख वनस्पतियों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

राजस्थान में वन
QUESTION 21
राजस्थान में 2021 में कौन-से प्रकार के वन सर्वाधिक क्षेत्र पर विस्तृत हैं - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
  • A आरक्षित वन
  • B अवर्गीकृत वन
  • C निजी वन
  • D रक्षित वन
Answer: राजस्थान वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल 'रक्षित वन' (Protected Forest) श्रेणी के अंतर्गत आता है। इन वनों में नियमों के तहत सीमित चराई और लकड़ी संग्रह की अनुमति होती है।
QUESTION 22
निम्नलिखित में किस प्रकार के वन राजस्थान में नहीं पाये जाते हैं -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
  • A ज्वारीय वन
  • B उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन
  • C उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
  • D उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन
Answer: ज्वारीय वन (Tidal Forests), जिन्हें मैंग्रोव वन भी कहा जाता है, समुद्र तटों और डेल्टा क्षेत्रों में पाए जाते हैं। चूंकि राजस्थान एक भू-आबद्ध (land-locked) राज्य है और यहाँ कोई समुद्र तट नहीं है, इसलिए यहाँ ज्वारीय वन नहीं पाए जाते हैं।
QUESTION 23
राजस्थान में ‘खस’ घास उत्पादित जिले हैं -
  • A जयपुर, अलवर, अजमेर
  • B भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौड़गढ़
  • C टोंक, सवाई माधोपुर, भरतपुर
  • D अलवर, धौलपुर, करौली
Answer: खस एक सुगंधित घास है जिसकी जड़ों से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग इत्र, शर्बत और ठंडाई बनाने में होता है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के टोंक, सवाई माधोपुर और भरतपुर जिलों में पाई जाती है।
QUESTION 24
निम्न में से किस जिले में उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ वाले वन नहीं पाए जाते हैं -
  • A अलवर
  • B बांसवाडा
  • C बूँदी
  • D जालौर
Answer: उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ वाले वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ मध्यम वर्षा होती है। जालौर जिला पश्चिमी राजस्थान के शुष्क और मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है, जहाँ मुख्य रूप से कंटीली झाड़ियाँ और मरुस्थलीय वनस्पति पाई जाती है।
QUESTION 25
स्टेट आफ फोरेस्ट रिपोर्ट 2021 के अनुसार ‘सुरक्षित वन या रक्षित’ श्रेणी के अन्तर्गत राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का प्रतिशत अंश है -
  • A 54.43 प्रतिशत
  • B 56.43 प्रतिशत
  • C 9.57 प्रतिशत
  • D 6.24 प्रतिशत
Answer: इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR) 2021 के अनुसार, राजस्थान में रक्षित या सुरक्षित (Protected) वनों का हिस्सा कुल वन क्षेत्र का 56.43% है, जो कि तीनों श्रेणियों (आरक्षित, रक्षित, अवर्गीकृत) में सर्वाधिक है।
QUESTION 26
कथन (A) : राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्रों में सागवान के वृक्ष अधिक पाये जाते है ।कथन (R) : सागवान अधिक सर्दी व पाला सहन कर पाता है।
  • A (A) सही है लेकिन (R) गलत है
  • B (A) और (R) दोनों सही है एवं (R), (A) की सही व्याख्या है
  • C (A) गलत है लेकिन (R) सही है
  • D (A) और (R) दोनों सही है किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
Answer: कथन (A) सही है क्योंकि सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भाग (बांसवाड़ा, डूंगरपुर) में पाए जाते हैं। हालांकि, कथन (R) गलत है क्योंकि सागवान का वृक्ष पाला और अत्यधिक सर्दी सहन नहीं कर सकता, इसीलिए यह केवल गर्म और आर्द्र क्षेत्रों में ही उगता है।
QUESTION 27
वह वृक्ष जिसमें से ‘कत्था’ निकाला जाता है, है -
  • A खैर
  • B खेजडी
  • C सागवान
  • D सालर
Answer: कत्था खैर (Acacia catechu) वृक्ष की लकड़ी के मध्य भाग को उबालकर प्राप्त किया जाता है। इसका उपयोग पान में लगाने और औषधीय प्रयोजनों के लिए होता है। कथौड़ी जनजाति पारंपरिक रूप से यह कार्य करती है।
QUESTION 28
निम्नलिखित जिलों में से किन जिलों में शुष्क सागवान वन पाये जाते हैं -
  • A पाली एवं जालौर जिले
  • B सीकर एवं झुन्झुनूं जिले
  • C चुरू एवं बीकानेर जिले
  • D डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा जिले
Answer: शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी भाग में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 75 से 110 सेमी के बीच होती है। डूंगरपुर और बाँसवाड़ा जिले इस प्रकार के वनों के लिए मुख्य क्षेत्र हैं।
QUESTION 29
राजस्थान का ऐसा कौनसा वृक्ष है जिसे भारतीय धर्मग्रंथों में शमी तथा स्थानिय भाषा में जांटी कहा जाता है-
  • A बबूल
  • B बरगद
  • C निम
  • D खेजड़ी
Answer: खेजड़ी (Prosopis cineraria) राजस्थान का राज्य वृक्ष है। इसे धार्मिक ग्रंथों में 'शमी' वृक्ष के रूप में पूजा जाता है और स्थानीय भाषा में इसे 'जांटी' भी कहा जाता है।
QUESTION 30
आई एस एफ आर (ISFR) 2021 के अनुसार राजस्थान में वन का कुल कार्बन स्टॉक है :
  • A 82.77 मिलियन टन
  • B 91.58 मिलियन टन
  • C 141.58 मिलियन टन
  • D 110.77 मिलियन टन
Answer: इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR) 2021 के अनुसार, राजस्थान के वनों में कुल कार्बन स्टॉक का अनुमान 110.77 मिलियन टन लगाया गया था, जो देश के कुल वन कार्बन का लगभग 1.54% है।