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प्रजामंडल आंदोलन

प्रजामंडल आंदोलन
QUESTION 151
‘त्याग भूमि’ के संपादक कौन थे -
  • A हरिभाऊ उपाध्याय
  • B जयनारायण व्यास
  • C देवी दत्त त्रिपाठी
  • D ऋषि दत्त मेहता
Answer: 'त्याग भूमि' हरिभाऊ उपाध्याय द्वारा संपादित एक प्रमुख समाचार पत्र था, जिसने राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
QUESTION 152
राजेन्द्रसिंह निम्नलिखित में से किस संस्थान के संस्थापक है -
  • A जल भागीरथ
  • B तरूण भारत संघ
  • C अरग्याम
  • D आई आई एच एम आर
Answer: राजेंद्र सिंह, जिन्हें 'भारत का जलपुरुष' के रूप में जाना जाता है, 'तरुण भारत संघ' के संस्थापक हैं, जो अलवर में स्थित एक गैर-सरकारी संगठन है जो जल संरक्षण और प्रबंधन पर काम करता है।
QUESTION 153
‘मेवाड़ का वर्तमान शासन’ नामक पुस्तक किसने लिखी -
  • A चांद करण शारदा
  • B हर बिलास शारदा
  • C मास्टर अदित्येन्द्र
  • D माणिक्य लाल वर्मा
Answer: माणिक्यलाल वर्मा ने अजमेर से 'मेवाड़ का वर्तमान शासन' नामक पुस्तिका लिखी, जिसमें मेवाड़ के निरंकुश शासन की आलोचना की गई थी। इसके कारण उन्हें राज्य से निष्कासित कर दिया गया था।
QUESTION 154
‘वागड़ के गांधी’ के रूप में किसे जाना जाता है -
  • A मानिकलाल वर्मा
  • B शोभालाल गुप्त
  • C भोगीलाल पाण्ड्या
  • D भूरेलाल वया
Answer: भोगीलाल पंड्या को प्रजामंडल आंदोलन में उनके नेतृत्व और उनके सामाजिक कार्यों के लिए 'वागड़ के गांधी' (डूंगरपुर और बांसवाड़ा से मिलकर बना क्षेत्र) के रूप में जाना जाता है।
QUESTION 155
1938 में करौली राज्य प्रजामण्डल की स्थापना किसने की -
  • A गोपीलाल यादव
  • B त्रिलोक चन्द माथुर
  • C मदनसिंह
  • D गोपालसिंह
Answer: करौली राज्य प्रजामंडल की स्थापना 1938 में त्रिलोक चंद माथुर ने की थी।
QUESTION 156
नारायणी देवी वर्मा एवं स्नेहलता वर्मा किस प्रजामंडल से सम्बन्धित रहीं -
  • A बीकानेर प्रजामंडल
  • B सिरोही प्रजामंडल
  • C जयपुर प्रजामंडल
  • D मेवाड़ प्रजामंडल
Answer: नारायणी देवी वर्मा (माणिक्यलाल वर्मा की पत्नी) और स्नेहलता वर्मा (माणिक्यलाल वर्मा की बेटी) दोनों मेवाड़ प्रजामंडल आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थीं।
QUESTION 157
जमनालाल बजाज ने ‘चरखा संघ’ की स्थापना कहां की-
  • A सीकर
  • B झुंझुनू
  • C अजमेर
  • D जयपुर
Answer: 1927 में, जमनालाल बजाज ने गांधीवादी आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों का पालन करते हुए खादी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जयपुर में 'चरखा संघ' की स्थापना की।