राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
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QUESTION 41
उदयपुर राज्य में ‘डाकन प्रथा’ पर प्रतिबन्ध कब लगाया गया -
Answer: मेवाड़ (उदयपुर) रियासत में महाराणा स्वरूप सिंह के समय में, ए.जी.जी. के एजेंट जे.सी. ब्रुक के प्रयासों से 1853 में डाकन प्रथा पर रोक लगाई गई थी।
QUESTION 42
प्रथम बार पुत्र के जन्म के अवसर पर बालक और उसके परिवार को ननिहाल पक्ष द्वारा वस्त्र व आभूषण दिए जाते हैं। यह रिवाज कहलाता है -
Answer: 'जामणा' या 'जन्मणा' वह रिवाज है जिसमें बच्चे के जन्म, विशेषकर पुत्र जन्म पर, ननिहाल पक्ष की ओर से बच्चे, उसकी माँ और परिवार के लिए उपहार (कपड़े, गहने आदि) लाए जाते हैं।
QUESTION 43
बेटी का पहला प्रसव होने पर उसके पीहर वालों द्वारा जंवाई व उसके साथियों को भेंट देना कहलाता है-
Answer: 'कोथला' एक रिवाज है जिसमें लड़की के पहले प्रसव के बाद उसके पीहर वाले जच्चा-बच्चा, दामाद और उसके परिवार के लिए उपहार और मिठाई भेजते हैं।
QUESTION 44
राजस्थान में ‘सागड़ी निवारण अधिनियम’ किस वर्ष पारित किया गया -
Answer: राजस्थान में बंधुआ मजदूरी (सागड़ी प्रथा) को समाप्त करने के लिए 'राजस्थान सागड़ी प्रथा निवारण अधिनियम' वर्ष 1961 में पारित किया गया था।
QUESTION 45
शमशान के पास वाले चौराहें पर अर्थी की दिशा बदलने को क्या कहते है-
Answer: 'आधेटा' अंतिम संस्कार की एक रस्म है, जिसमें श्मशान ले जाते समय रास्ते में अर्थी की दिशा बदली जाती है।
QUESTION 46
‘पड़दायत, खवासन, पासवान’ नामक महिलाएं संबंधित थी -
Answer: 'पड़दायत', 'खवासन', 'पासवान' आदि राजघरानों में दासियों के लिए प्रयुक्त होने वाली उपाधियाँ थीं, जो राजा या सामंत की उपपत्नी के रूप में रहती थीं। यह दास प्रथा का ही एक रूप था।
QUESTION 47
विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदंपति के लिए आशीर्वाद समारोह व प्रीतिभोज को क्या कहते हैं -
Answer: 'बढार' विवाह के अवसर पर वर पक्ष द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक सामूहिक प्रीतिभोज (दावत) होता है।
QUESTION 48
राजदरबार में पंक्तिबद्ध तरीके से बैठने की रिति को कहा जाता है-
Answer: राजदरबार में सामंतों और अधिकारियों के पद और महत्व के अनुसार एक पंक्ति में बैठने की व्यवस्था को 'मिसल' कहा जाता था।
QUESTION 49
राजस्थान में गोला, दरोगा, चाकर, चेला आदि सम्बोधन किसके लिए प्रयुक्त होते थे -
Answer: 'गोला', 'दरोगा', 'चाकर', 'चेला' आदि शब्द राजस्थान में घरेलू दासों के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
QUESTION 50
शारदा एक्ट के प्रणेता थे -
Answer: बाल विवाह को रोकने के लिए बनाए गए 'शारदा एक्ट' (1929) को लाने का श्रेय अजमेर के समाज सुधारक रायबहादुर हरविलास शारदा को जाता है।