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राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ

राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
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101. मोकाण की रस्म का संबंध है -
  • A. वैवाहिक रस्म से
  • B. जन्म संस्कार से
  • C. मृत्य की रस्म से
  • D. विद्याारंभ संस्कार से
Answer: 'मोकाण' मृत्यु से संबंधित एक रस्म है, जिसमें लोग शोक व्यक्त करने के लिए एकत्रित होते हैं।
102. ‘झिम्मी’ क्या है -
  • A. पुत्र-जन्म के पश्चात चौहदवें दिन होने वाली रस्म
  • B. पर्यूषण-पर्व के दौरान तीन दिन का उपवास
  • C. फेरे अथवा सप्तपदी के समय मामा द्वारा दी गई और वधू द्वारा पहनी गई गोटे-किनारी युक्त लाल-गुलाबी ओढ़नी
  • D. संतान-प्राप्ति के बाद बेटी को विधि-विधान से ससुराल विदा करने की प्रक्रिया
Answer: 'झिम्मी' एक विशेष प्रकार की ओढ़नी है जो विवाह में फेरों के समय दुल्हन को उसके मामा द्वारा दी जाती है।
103. स्त्री पुरूषों को दासों के रूप में रखने की परम्परा को क्या कहा जाता था -
  • A. महर
  • B. नाता प्रथा
  • C. मोसर
  • D. गोला
Answer: स्त्री-पुरुषों को दास के रूप में रखने की परंपरा को 'गोला' कहा जाता था। इन दासों की संतानों को 'गोली' कहा जाता था।
104. किस संस्कार के पश्चात् ब्रह्मर्चाश्रम की शुरूआत होती है-
  • A. समावर्तन
  • B. उपनयन
  • C. चूड़ाकर्म
  • D. विद्यारम्भ
Answer: 'उपनयन' या 'यज्ञोपवीत' संस्कार के बाद बालक को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरु के पास भेजा जाता था और यहीं से उसके ब्रह्मचर्य आश्रम की शुरुआत होती थी।
105. संथारा प्रथा किस धर्म से संबंधित है -
  • A. हिंदु
  • B. मुस्लिम
  • C. बौद्ध
  • D. जैन
Answer: 'संथारा' या 'सल्लेखना' जैन धर्म से संबंधित एक प्रथा है, जिसमें व्यक्ति मोक्ष प्राप्ति के लिए स्वेच्छा से अन्न-जल त्याग देता है।
106. हिन्दु कानून का पोषक किस प्रथा को माना जाता है-
  • A. ग्यारहवां
  • B. मोसर
  • C. अन्त्येष्टि
  • D. पगड़ी दस्तूर
Answer: 'पगड़ी दस्तूर' की रस्म में पिता की मृत्यु के बाद उसके बड़े पुत्र को पगड़ी बांधी जाती है, जो उसे परिवार के मुखिया और उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करती है। यह हिंदू उत्तराधिकार कानून का प्रतीक है।
107. विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधु पक्ष को कपड़े व गहने दिये जाते हैं उन्हें निम्न में से क्या कहते हैं - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
  • A. बेश
  • B. बरी पड़ला
  • C. मायरा
  • D. मुकलाब
Answer: विवाह के समय वर पक्ष की ओर से वधू के लिए जो कपड़े, गहने और अन्य सामान लाए जाते हैं, उसे 'बरी पड़ला' कहा जाता है।
108. तोरण मारना किसका प्रतिक है -
  • A. विवाह का
  • B. विजय का
  • C. किसी कि हत्या करने का
  • D. इनमें से कोई नहीं
Answer: 'तोरण मारना' विजय का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा उस समय से जुड़ी है जब राजा-महाराजा युद्ध जीतकर और तोरण (विजय द्वार) को मारकर विवाह करते थे।
109. राज्य में सर्वप्रथम सती प्रथा पर रोक किस जिले द्वारा लगाई गई-
  • A. बूँदी
  • B. धौलपुर
  • C. उदयपुर
  • D. जोधपुर
Answer: राजस्थान में सती प्रथा पर सबसे पहले रोक 1822 ई. में बूँदी रियासत द्वारा लगाई गई थी।
110. किस जाती में बच्चे के जनेऊ डालनें की प्रथा है-
  • A. शुद्र
  • B. क्षत्रिय
  • C. वेश्य
  • D. ब्राह्यण
Answer: 'जनेऊ' या यज्ञोपवीत संस्कार मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति में किया जाता है, हालांकि परंपरागत रूप से यह क्षत्रिय और वैश्य वर्णों में भी होता था।
111. राजस्थान में जलवा पूूजन किया जाता है -
  • A. बच्चे के जन्म से पुर्व
  • B. बच्चे के जन्म के कुछ दिन पश्चात्
  • C. बच्चे के मुण्डन संस्कार के समय
  • D. बच्चे के अन्न प्रासन संस्कार के समय
Answer: 'जलवा पूजन' या कुआं पूजन बच्चे के जन्म के कुछ दिनों बाद किया जाता है, जब माँ और शिशु पहली बार घर से बाहर निकलते हैं।
112. मृत्यु उत्सव के लिए राजस्थान में निम्न में से कौनसा एक नाम है-
  • A. दापा
  • B. मोसर
  • C. हेल्मो
  • D. बढ़ार
Answer: 'मौसर' राजस्थान में मृत्यु भोज के लिए प्रचलित एक नाम है।
113. राजस्थान के रीति – रिवाजों में ‘आंणौ’ क्या है -
  • A. विवाह के पश्चात् दुल्हन को दूसरी बार ससुराल भेजना
  • B. जलझूलनी की एकादशी पूजा
  • C. कुँआ पूजन
  • D. दुल्हन के परिवार द्वारा वर की बारात का डेरा देखने जाना
Answer: 'आंणौ' या गौना वह रिवाज है जिसमें विवाह के बाद दुल्हन को दूसरी बार (या पहली बार स्थाई रूप से) उसके ससुराल भेजा जाता है।
114. सती प्रथा का अन्य नाम है -
  • A. सहमरण
  • B. सहगमन
  • C. अन्वारोहण
  • D. ये सभी
Answer: सती प्रथा को 'सहमरण', 'सहगमन' और 'अन्वारोहण' इन सभी नामों से जाना जाता था, क्योंकि इसमें पत्नी पति के साथ ही मृत्यु को प्राप्त होती थी।
115. ‘सहगमन’ प्रथा का संबंध था -
  • A. कन्या वध से
  • B. विधवा विवाह से
  • C. सती प्रथा से
  • D. बाल विवाह से
Answer: 'सहगमन' का अर्थ है 'साथ जाना'। यह प्रथा सती प्रथा से संबंधित है, जिसमें विधवा अपने मृत पति के साथ चिता पर बैठ जाती थी।
116. राजस्थान की संस्कृति में ‘मुगधणा’ क्या है-
  • A. माताजी को मेहंदी चढाकर मेहमानों में बाँटना |
  • B. लाख की चूड़ियाँ जिसमें चाँदी की कड़ी पिरोई जाती है |
  • C. भोजन पकाने के लिए लकडियां जो विनायक स्थापना के पश्चात लाई जाती है |
  • D. वधू को मूँग और घी खिलाना |
Answer: 'मुगधणा' या 'मुग्धणा' विवाह की एक रस्म है जिसमें गणेश (विनायक) स्थापना के बाद भोजन पकाने के लिए लकड़ियां लाई जाती हैं।
117. सीरावन किसे कहते हैं -
  • A. कृषकों का सुबह का भोजन
  • B. रात को सोने से पहले का भोजन
  • C. विवाह की एक रस्म
  • D. एक प्रकार का आभूषण
Answer: 'सीरावन' या 'कलेवा' राजस्थान में किसानों द्वारा सुबह किए जाने वाले नाश्ते या भोजन को कहा जाता है।
118. लार्ड डलहौजी ने स्त्रियों को विधवा विवाह से मुक्ति प्रदान करने हेतु 'विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' किस वर्ष बनाया
  • A. 1850 में
  • B. 1852 में
  • C. 1856 में
  • D. 1862 में
Answer: ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों से, लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में मसौदा तैयार हुआ और लॉर्ड कैनिंग के समय में 1856 में 'विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' पारित किया गया।
119. राजस्थान के रीति-रिवाजों में ‘मौसर’ किसे कहा जाता है -
  • A. गृह-प्रवेश
  • B. दहेज
  • C. विवाह के अवसर पर प्रीति भोज
  • D. मृत्यु-भोज
Answer: 'मौसर' राजस्थान में मृत्यु के बाद दिए जाने वाले भोज को कहा जाता है।
120. जागीरदारों में पहले लोग अपनी शादी में दहेज के साथ में कुछ कुंआरी कन्याएं भी देते थे इसे किस नाम से पुकार जाता था -
  • A. गौना
  • B. महर
  • C. गोला
  • D. डावड़ी
Answer: इस प्रथा को 'डावड़ी' या 'डावरिया प्रथा' कहा जाता था, जिसमें राजा-महाराजा अपनी बेटी के विवाह में दहेज के साथ कुछ कुंवारी कन्याएं भी देते थे।