राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
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241. निम्नलिखित में से कौन सा तत् वाद्य है -
Answer: रवाज तारों से बजने वाला एक 'तत्' वाद्य है, जबकि अन्य सभी फूंक से बजने वाले 'सुषिर' वाद्य हैं।
242. राजस्थान के प्रसिद्ध पखावज वादक है -
Answer: पंडित पुरुषोत्तम दास एक विख्यात पखावज वादक हैं, जिनका संबंध राजस्थान से है।
243. निम्न में से कौन सा सुषिर वाद्य नहीं है -
Answer: रवाज़ एक तार वाला (तत्) वाद्य यंत्र है, इसे फूँक मारकर नहीं बजाया जाता। अन्य सभी सुषिर वाद्य हैं।
244. मोरचंग किस श्रेणी का वाद्य यंत्र है -
Answer: मोरचंग लोहे का बना एक छोटा वाद्य यंत्र है जिसे होठों के बीच रखकर हवा से बजाया जाता है, इसलिए यह सुषिर वाद्य है।
245. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी कहाँ स्थित है -
Answer: राजस्थान में संगीत और नाटक को बढ़ावा देने वाली यह महत्वपूर्ण अकादमी जोधपुर में स्थित है।
246. जैसलमेर जिले में पति परदेस जाने पर उसके वियोग में गाए जाने वाले गीत कहलाते है-
Answer: झोरावा जैसलमेर क्षेत्र का एक प्रसिद्ध विरह गीत है, जो पति के वियोग में महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
247. राजस्थान में गवरी देवी को किस गायन शैली के लिए जाना जाता है -
Answer: गवरी देवी (पाली) राजस्थान की एक प्रसिद्ध गायिका थीं, जिन्हें मांड गायन शैली में महारत हासिल थी।
248. मोहन वीणा के निर्माता कौन हैं -
Answer: पंडित विश्वमोहन भट्ट ने गिटार में भारतीय शास्त्रीय संगीत के तत्वों को मिलाकर मोहन वीणा का निर्माण किया।
249. मांदल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है -
Answer: मांदल मुख्य रूप से मेवाड़ क्षेत्र में भीलों और गरासियों द्वारा गवरी नृत्य के दौरान बजाया जाता है, न कि शेखावाटी में।
250. बिछियौ, लालर, नोखिला और शिखर राजस्थान के ____ हैं।
Answer: ये सभी राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में गाए जाने वाले लोक गीतों के नाम हैं।
251. गवरी देवी जिस गायन शैली से संबद्ध थी -
Answer: बीकानेर की गवरी देवी राजस्थान की प्रसिद्ध मांड गायिकाओं में से एक थीं।
252. निम्नलिखित में से कौन-सी लोक संगीत एवं नृत्य शैली केवल मात्र जयपुर से सम्बंधित है -
Answer: तमाशा लोकनाट्य शैली विशेष रूप से जयपुर से जुड़ी हुई है, जिसे महाराजा प्रताप सिंह के समय में संरक्षण मिला।
253. रूपायन संस्थान कहाँ स्थित है-
Answer: राजस्थानी लोक कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित रूपायन संस्थान जोधपुर के बोरुंदा गाँव में स्थित है।
254. उत्तर राजस्थानी लोकप्रीय गीत ‘धरती धोरां री’ के लेखक कौन हैं -
Answer: राजस्थान की महिमा का बखान करने वाला यह प्रसिद्ध गीत सुजानगढ़ (चूरू) के कवि कन्हैयालाल सेठिया द्वारा लिखा गया है।
255. ‘हमसीढ़ों’ लोकगीत राजस्थान के किस समुदाय से सम्बन्धित है -
Answer: हमसीढ़ों भील जनजाति का एक प्रसिद्ध युगल गीत है, जिसे स्त्री और पुरुष साथ मिलकर गाते हैं।
256. राजस्थान में कामड़ जाति के लोगों द्वारा निम्न में से कौन सा संगीत वाद्य बजाया जाता है -
Answer: कामड़ जाति के लोग, विशेषकर तेरहताली नृत्य के दौरान, तन्दुरा (जिसे चौतारा भी कहते हैं) नामक वाद्य यंत्र बजाते हैं।
257. अल्लाह जिलाई बाई की लोकप्रियता का मुख्य कारण क्या है -
Answer: अल्लाह जिलाई बाई को उनकी मांड गायन शैली के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि मिली, खासकर 'केसरिया बालम' गीत के लिए।
258. मृदंग की आकृति का मिट्टी से बना लोक वाद्य जो मोलेला गांव में विशेषतः बनाया जाता है-
Answer: मांदल मिट्टी से बना एक वाद्य यंत्र है जो मृदंग जैसा दिखता है और इसे विशेष रूप से राजसमंद के मोलेला गाँव में बनाया जाता है।
259. राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा (प्रसिद्ध संगीतकार – विशेषज्ञता) सही सुमेलित नहीं है -
Answer: उस्ताद सुल्तान खां एक विश्व प्रसिद्ध सारंगी वादक थे, न कि कमायचा वादक। अन्य सभी विकल्प सही हैं।
260. निम्न में से कौन, तार वाला वाद्य यंत्र नहीं है
Answer: ताशा एक अवनद्ध (चमड़े से मढ़ा हुआ) वाद्य यंत्र है, जबकि सुरमंडल, रावणहत्था और कमायचा सभी तार वाले (तत्) वाद्य यंत्र हैं।